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अयोध्या चढ़ावा चोरी: ध्वज डिजाइन करने वाले इतिहासकार का चंपत राय पर हमला, बोले-भाई-भतीजावाद को देते थे बढ़ावा
Tue, 07 Jul 2026 05:36 AM IST
Digvijay Singh
अंकुर त्रिपाठी,अमर उजाला, ग्रेटर नोएडा
अंकुर त्रिपाठी,अमर उजाला, ग्रेटर नोएडा
Published by: Digvijay Singh
Updated Tue, 07 Jul 2026 05:36 AM IST
सार
अयोध्या राम मंदिर के लिए ध्वज डिजाइन करने वाले इतिहासकार डॉ. ललित मिश्र ने चंपत राय पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि ट्रस्ट के महासचिव रहे चंपत राय मंदिर में भी भाई भतीजावाद को बढ़ावा दे रहे थे।
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इतिहासकार डॉ. ललित मिश्र का हमला
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
अयोध्या राम मंदिर के लिए ध्वज डिजाइन करने वाले इतिहासकार डॉ. ललित मिश्र ने चंपत राय पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि ट्रस्ट के महासचिव रहे चंपत राय मंदिर में भी भाई भतीजावाद को बढ़ावा दे रहे थे।
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मंदिर ट्रस्ट के कामकाज में पारदर्शिता का अभाव था। निर्णय लेने की प्रक्रिया में सीमित लोगों की भूमिका रही और कई महत्वपूर्ण मामलों में व्यापक चर्चा नहीं की गई। यदि सभी सदस्यों और संतों की राय को समान महत्व दिया जाता तो कई विवादों से बचा जा सकता था।
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इंडोलॉजिस्ट डॉ. मिश्र ने अयोध्या के राम मंदिर में चंदा घोटाले पर बड़ा खुलासा किया है। उनका दावा है कि चंपत राय के कार्यकाल में कुछ चुनिंदा लोगों को प्राथमिकता दी गई, जबकि लंबे समय से मंदिर आंदोलन से जुड़े कई कार्यकर्ताओं और संतों की अनदेखी की गई। इससे संगठन और मंदिर व्यवस्था के भीतर असंतोष की स्थिति बनी।
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उन्होंने बताया कि चंपत राय ने समस्त शास्त्रों के खिलाफ जाकर अपनी जिद्द की वजह से जिस तरह से श्री राम जन्म भूमि मंदिर प्रांगण में अहिल्या का मंदिर बनवाया वह भी निंदनीय है। इसमें भी घोटाला किया गया। वाल्मीकि रामायण के बाल कांड में अहिल्या प्रकरण की अपवित्रता को स्पष्ट रूप से दिखाया गया है।