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Noida News: मलेरिया से बचाव के लिए बारिश से पहले शुरू हुआ जागरूकता अभियान
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शामली। जिले में बूंदाबांदी व बारिश के चलते मच्छर पनपने शुरू हो गए हैं। कुछ दिन बाद ही बारिश का मौसम शुरू होने वाला है। इसे देखते हुए शासन ने जिला स्वास्थ्य विभाग को मलेरिया से बचाव और नियंत्रण के लिए एंटी मलेरिया माह जून के तहत लोगों को जागरूक करने का अभियान शुरू किया गया है।
जिले में मौसम बार-बार बदल रहा है। पिछले 15 दिन में तीन बार बारिश हो चुकी है। इसके चलते मच्छर पनपने से मलेरिया बुखार की आशंका बन गई है। अभी कुछ दिन बाद ही बरसात का मौसम शुरू होने वाला है। जिले में इस साल में अब तक मलेरिया का एक केस सामने आ चुका है जबकि दो केस संदिग्ध मिल चुके हैं। पिछले साल 2024 में मलेरिया के 27 केस मिले थे जबकि इससे पहले 2023 में 69 और 2022 में 91 केस सामने आए थे।
सीएमओ डॉ. अनिल कुमार ने बताया कि मलेरिया से बचाव के लिए शासन ने एंटी मलेरिया माह जून के तहत विभिन्न गतिविधियों के तहत जागरूक करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि बुखार के सभी रोगियों की मलेरिया की जांच कराई जाएगी। मलेरिया रोग के सबसे अधिक प्रभावित इलाकों में जनसंख्या के सापेक्ष 10 प्रतिशत लोगों की जांच और कम मध्यम प्रभावित क्षेत्रों में कम से कम सात प्रतिशत व्यक्तियों की जांच कराई जाएगी।
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आशा, एएनएम व सीएचओ व अन्य स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को कार्यशाला आयोजित करने, मलेरिया रोगी मिलने पर उस परिवार के सभी सदस्यों के साथ आसपास के कम से कम 50 घरों का सर्वे किया जाएगा। इसके अलावा गर्भवती महिलाओं की मलेरिया की जांच अनिवार्य रूप से की जाएगी। लोगों को जागरूक करने के लिए रैली, बैठकें, गोष्ठी, पंपलेट वितरण, कार्यशालाओं के माध्यम से लोगों को मलेरिया से बचाव के लिए जागरूक किया जाएगा। सीएमओ ने बताया कि सभी चिकित्सा अधीक्षकों को शासन की गाइड लाइन से अवगत कराते हुए जून माह में गतिविधियां संचालित करने के निर्देश दिए गए हैं।
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जिले में मौसम बार-बार बदल रहा है। पिछले 15 दिन में तीन बार बारिश हो चुकी है। इसके चलते मच्छर पनपने से मलेरिया बुखार की आशंका बन गई है। अभी कुछ दिन बाद ही बरसात का मौसम शुरू होने वाला है। जिले में इस साल में अब तक मलेरिया का एक केस सामने आ चुका है जबकि दो केस संदिग्ध मिल चुके हैं। पिछले साल 2024 में मलेरिया के 27 केस मिले थे जबकि इससे पहले 2023 में 69 और 2022 में 91 केस सामने आए थे।
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सीएमओ डॉ. अनिल कुमार ने बताया कि मलेरिया से बचाव के लिए शासन ने एंटी मलेरिया माह जून के तहत विभिन्न गतिविधियों के तहत जागरूक करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि बुखार के सभी रोगियों की मलेरिया की जांच कराई जाएगी। मलेरिया रोग के सबसे अधिक प्रभावित इलाकों में जनसंख्या के सापेक्ष 10 प्रतिशत लोगों की जांच और कम मध्यम प्रभावित क्षेत्रों में कम से कम सात प्रतिशत व्यक्तियों की जांच कराई जाएगी।
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आशा, एएनएम व सीएचओ व अन्य स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को कार्यशाला आयोजित करने, मलेरिया रोगी मिलने पर उस परिवार के सभी सदस्यों के साथ आसपास के कम से कम 50 घरों का सर्वे किया जाएगा। इसके अलावा गर्भवती महिलाओं की मलेरिया की जांच अनिवार्य रूप से की जाएगी। लोगों को जागरूक करने के लिए रैली, बैठकें, गोष्ठी, पंपलेट वितरण, कार्यशालाओं के माध्यम से लोगों को मलेरिया से बचाव के लिए जागरूक किया जाएगा। सीएमओ ने बताया कि सभी चिकित्सा अधीक्षकों को शासन की गाइड लाइन से अवगत कराते हुए जून माह में गतिविधियां संचालित करने के निर्देश दिए गए हैं।