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Noida News: जल्द लागू होगी ऑटोनॉमस व्यवस्था, छात्रों को मिलेगा लाभ
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-राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में नया इतिहास रचने की तैयारी
-नए कोर्सेस से छात्रों को मिलेगा लाभ
संवाद न्यूज एजेंसी
नोएडा। राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय उच्च शिक्षा के क्षेत्र में एक नया इतिहास रचने की तैयारी में है। प्रदेश के प्रमुख महाविद्यालय में शुमार यह संस्थान अब स्वायत (ऑटोनॉमस) व्यवस्था की ओर बढ़ रहा है, जिससे यहां के विद्यार्थियों को आधुनिक और रोजगारपरक शिक्षा का नया अवसर मिलेगा।
कॉलेज प्रशासन ने लंबे समय से छात्रों और शिक्षकों की बदलती जरूरतों को ध्यान में रखते हुए कई योजनाएं तैयार की हैं। प्राचार्य डॉ. राजीव कुमार गुप्ता ने बताया कि कॉलेज को स्वायत्त दर्जा देने के लिए विश्वविद्यालय अनुदान आयोग को प्रस्ताव भेजा गया है। उम्मीद है कि लगभग एक महीने के भीतर यह व्यवस्था लागू हो जाएगी। इसके लागू होते ही महाविद्यालय को नए कोर्स शुरु करने और शैक्षणिक फैसले लेने की स्वतंत्रता मिल जाएगी, जिससे छात्रों को समय के अनुरूप और अधिक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त होगी।
कॉलेज को मिलेगी अकादमिक स्वायत्ता
ऑटोनॉमस स्टेटस मिलते ही महाविद्यालय को अकादमिक, प्रशासनिक और वित्तीय निर्णय लेने की स्वतंत्रता प्राप्त होगी। इसका सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि कॉलेज अपनी जरूरत और विद्यार्थियों की रुचि के अनुसार कोर्सेस डिजाइन कर सकेगा। प्राचार्य डॉ. राजीव कुमार गुप्ता के अनुसार इस व्यवस्था के लागू होते ही उद्योग की मांग और नए युग की जरूरतों के अनुसार पाठ्यक्रम तैयार कर सकेंगे। इससे छात्र आधुनिक विषयों का अध्ययन कर भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार होंगे।
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अब तक संबंधित विवि पर निर्भर था कॉलेज
अभी तक कॉलेज कोर्स स्ट्रक्चर और परीक्षा पैटर्न तय करने के लिए संबद्ध विश्वविद्यालय पर निर्भर रहता था। ऑटोनॉमस व्यवस्था लागू होने के बाद कॉलेज अपनी परीक्षा प्रणाली, पाठ्यक्रम और मूल्यांकन प्रक्रिया खुद तय कर सकेगा। इससे न केवल शिक्षण की गुणवत्ता में सुधार होगा बल्कि छात्रों को नवीनतम ज्ञान समय पर मिल सकेगा। प्राचार्य डॉ राजीव कुमार गुप्ता ने कहा कि उम्मीद है इस कदम से महाविद्यालय की प्रतिष्ठा स्थानीय ही नहीं बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर भी बढ़ेगी।
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माना जा रहा उच्चशिक्षा क्षेत्र में महत्वपूर्ण कदम
राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय का ऑटोनॉमस स्टेटस की ओर बढ़ना जिले के लिए उच्च शिक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इससे यहां के विद्यार्थियों को अपने ही शहर में उन्नत शिक्षा और आधुनिक कोर्सेस का लाभ मिलेगा। प्राचार्य डॉ. राजीव कुमार गुप्ता ने कहा कि हमारा उद्देश्य छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करना और उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है। ऑटोनॉमस व्यवस्था से कॉलेज की दिशा और दशा में सकारात्मक बदलाव आएगा, जिससे युवा पीढ़ी को सीधे तौर पर फायदा मिलेगा।
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-नए कोर्सेस से छात्रों को मिलेगा लाभ
संवाद न्यूज एजेंसी
नोएडा। राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय उच्च शिक्षा के क्षेत्र में एक नया इतिहास रचने की तैयारी में है। प्रदेश के प्रमुख महाविद्यालय में शुमार यह संस्थान अब स्वायत (ऑटोनॉमस) व्यवस्था की ओर बढ़ रहा है, जिससे यहां के विद्यार्थियों को आधुनिक और रोजगारपरक शिक्षा का नया अवसर मिलेगा।
कॉलेज प्रशासन ने लंबे समय से छात्रों और शिक्षकों की बदलती जरूरतों को ध्यान में रखते हुए कई योजनाएं तैयार की हैं। प्राचार्य डॉ. राजीव कुमार गुप्ता ने बताया कि कॉलेज को स्वायत्त दर्जा देने के लिए विश्वविद्यालय अनुदान आयोग को प्रस्ताव भेजा गया है। उम्मीद है कि लगभग एक महीने के भीतर यह व्यवस्था लागू हो जाएगी। इसके लागू होते ही महाविद्यालय को नए कोर्स शुरु करने और शैक्षणिक फैसले लेने की स्वतंत्रता मिल जाएगी, जिससे छात्रों को समय के अनुरूप और अधिक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त होगी।
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कॉलेज को मिलेगी अकादमिक स्वायत्ता
ऑटोनॉमस स्टेटस मिलते ही महाविद्यालय को अकादमिक, प्रशासनिक और वित्तीय निर्णय लेने की स्वतंत्रता प्राप्त होगी। इसका सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि कॉलेज अपनी जरूरत और विद्यार्थियों की रुचि के अनुसार कोर्सेस डिजाइन कर सकेगा। प्राचार्य डॉ. राजीव कुमार गुप्ता के अनुसार इस व्यवस्था के लागू होते ही उद्योग की मांग और नए युग की जरूरतों के अनुसार पाठ्यक्रम तैयार कर सकेंगे। इससे छात्र आधुनिक विषयों का अध्ययन कर भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार होंगे।
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अब तक संबंधित विवि पर निर्भर था कॉलेज
अभी तक कॉलेज कोर्स स्ट्रक्चर और परीक्षा पैटर्न तय करने के लिए संबद्ध विश्वविद्यालय पर निर्भर रहता था। ऑटोनॉमस व्यवस्था लागू होने के बाद कॉलेज अपनी परीक्षा प्रणाली, पाठ्यक्रम और मूल्यांकन प्रक्रिया खुद तय कर सकेगा। इससे न केवल शिक्षण की गुणवत्ता में सुधार होगा बल्कि छात्रों को नवीनतम ज्ञान समय पर मिल सकेगा। प्राचार्य डॉ राजीव कुमार गुप्ता ने कहा कि उम्मीद है इस कदम से महाविद्यालय की प्रतिष्ठा स्थानीय ही नहीं बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर भी बढ़ेगी।
माना जा रहा उच्चशिक्षा क्षेत्र में महत्वपूर्ण कदम
राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय का ऑटोनॉमस स्टेटस की ओर बढ़ना जिले के लिए उच्च शिक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इससे यहां के विद्यार्थियों को अपने ही शहर में उन्नत शिक्षा और आधुनिक कोर्सेस का लाभ मिलेगा। प्राचार्य डॉ. राजीव कुमार गुप्ता ने कहा कि हमारा उद्देश्य छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करना और उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है। ऑटोनॉमस व्यवस्था से कॉलेज की दिशा और दशा में सकारात्मक बदलाव आएगा, जिससे युवा पीढ़ी को सीधे तौर पर फायदा मिलेगा।