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Noida News: पुराने फ्लैटों में अतिक्रमण पर जल्द फैसला लेगा प्राधिकरण
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-3500 से ज्यादा फ्लैटों में अतिक्रमण व अवैध निर्माण की समस्या
-सभी को नोटिस जारी कर नोएडा प्राधिकरण ने मांगा जवाब
-नोटिस वाले फ्लैटों को बेचने या लोन की मंजूरी पर लगाई रोक
माई सिटी रिपोर्टर,
नोएडा। नोएडा प्राधिकरण खुद की बनाई हुई दो-तीन मंजिल की हाउसिंग व कॉपरेटिव हाउसिंग के फ्लैटों में अतिक्रमण व अवैध निर्माण पर जल्द फैसला लेगा। विभाग अतिक्रमण में चिन्हित सभी फ्लैटों को नोटिस जारी कर रहा है। स्पष्टीकरण आने तक इन फ्लैटों के बेचने या लोन की मंजूरी पर रोक रहेगी। यथोचित जवाब आने के बाद शासन से सलाह लेकर एक पॉलिसी के रूप में इस समस्या का समाधान करने की तैयारी है। इसमें कुछ निर्माण तक राहत तो अधिक अवैध अतिक्रमण व निर्माण होने पर तोड़फोड़ का विकल्प भी चुना जा सकता है।
मौजूदा समय में प्राधिकरण के हाउसिंग व ग्रुप हाउसिंग विभाग दोनों की तरफ से इन पुराने फ्लैटों में अतिक्रमण को लेकर नोटिस जारी किए जा रहे हैं। हाउसिंग विभाग से अब तक 3500 से ज्यादा फ्लैट आवंटियों के नाम नोटिस जारी किए जा चुके हैं। वहीं ग्रुप हाउसिंग में शामिल सेक्टर- 28, 29, 37 के फ्लैट व मकानों को भी नोटिस जारी होने की शुरुआत हो गई है। यहां पर करीब 80 मकानों को नोटिस मंगलवार-बुधवार को जारी कर दिए गए। प्राधिकरण अधिकारियों ने बताया कि जितने भी मकान व फ्लैटों में अतिक्रमण दर्ज है सभी को नोटिस जारी की जाएगी। नोटिस में अवैध अतिक्रमण को तोड़ने के लिए दो हफ्ते का समय दिया जा रहा है। इसके साथ ही जवाब भी मांगा जा रहा है। ऐसा न करने पर आवंटन निरस्त करने की चेतावनी भी दी जा रही है।
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इन सोसाइटियों के फ्लैटस्वामियों को दिए नोटिस
प्राधिकरण की तरफ से मानसरोवर योजना सेक्टर-52, शताब्दी विहार सेक्टर-61, 52, अरावली व धवलगिरी, नीलगिरी अपार्टमेंट सेक्टर-34, 11, एचआईजी एलआईजी हाउसिंग सेक्टर-82, 71, जनता फ्लैट सेक्टर-71, 11, 12, 73, एचआईजी फ्लैट सेक्टर-105, डूप्लेक्स सेक्टर-108, एलआईजी फ्लैट सेक्टर-99, एमआईजी फ्लैट सेक्टर-27, 26, 20 श्रमिक कुंज सेक्टर-66, 93, 93 ए, 122 व अन्य में नोटिस जारी किए गए हैं।
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आवंटियों में डर, उठ रही कार्रवाई रोकने की मांग-
नोएडा प्राधिकरण से बड़ी संख्या में नोटिस जारी किए जाने के बाद इन फ्लैटों के आवंटी सकते में आ गए हैं। आरडब्ल्यूए व अन्य संगठन नोएडा प्राधिकरण पहुंच कर आगे आवंटन निरस्त करने या तोड़फोड़ जैसी कार्रवाई रोकने की मांग कर रहे हैं। विकल्प दिया जा रहा है कि दंडात्मक शुल्क लेकर किया गया अतिक्रमण वैध किया जाए। लेकिन प्राधिकरण इस पर सहमत नहीं है। प्राधिकरण अधिकारियों का कहना है कि कई जगहों पर अतिक्रमण कर खाली जमीन को घेर लिया गया है। यह गलत है।
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इन वजहों से अपनाया सख्त रवैया
दो-तीन मंजिल ऊंचाई वाली अधिकतर सोसाइटियां पुरानी हो चुकी हैं। अतिक्रमण व अवैध निर्माण से इमारतों की मजबूती पर असर पड़ रहा है। सेक्टर-31 के सी ब्लॉक में एक जनता फ्लैट की छत गिरने के बाद यह स्थिति सामने आई है। कई जगह एक कमरे का फ्लैट प्राधिकरण से आवंटित है और अतिक्रमण कर एक कमरा और बना दिया गया । फिर यह दो कमरे का मकान बताकर बेच दिया जा रहा है। दो कमरे वाले मकान में तीन कमरे बनाए जा रहे हैं और लोगों को फंसाया जा रहा है। यह खरीद-फरोख्त तेजी से जारी है।
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पुराने फ्लैटों में अतिक्रमण व अवैध निर्माण बड़ी समस्या बन रहा है। इससे इमारतों की मूल संरचना प्रभावित हो रही है, मजबूती पर भी असर पड़ रहा है। सभी ऐसे फ्लैट जिनमें अतिक्रमण दर्ज है उनको नोटिस जारी कर जवाब मांगा जा रहा है।
- कृष्ण करुणेश, एसीईओ, नोएडा प्राधिकरण
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-सभी को नोटिस जारी कर नोएडा प्राधिकरण ने मांगा जवाब
-नोटिस वाले फ्लैटों को बेचने या लोन की मंजूरी पर लगाई रोक
माई सिटी रिपोर्टर,
नोएडा। नोएडा प्राधिकरण खुद की बनाई हुई दो-तीन मंजिल की हाउसिंग व कॉपरेटिव हाउसिंग के फ्लैटों में अतिक्रमण व अवैध निर्माण पर जल्द फैसला लेगा। विभाग अतिक्रमण में चिन्हित सभी फ्लैटों को नोटिस जारी कर रहा है। स्पष्टीकरण आने तक इन फ्लैटों के बेचने या लोन की मंजूरी पर रोक रहेगी। यथोचित जवाब आने के बाद शासन से सलाह लेकर एक पॉलिसी के रूप में इस समस्या का समाधान करने की तैयारी है। इसमें कुछ निर्माण तक राहत तो अधिक अवैध अतिक्रमण व निर्माण होने पर तोड़फोड़ का विकल्प भी चुना जा सकता है।
मौजूदा समय में प्राधिकरण के हाउसिंग व ग्रुप हाउसिंग विभाग दोनों की तरफ से इन पुराने फ्लैटों में अतिक्रमण को लेकर नोटिस जारी किए जा रहे हैं। हाउसिंग विभाग से अब तक 3500 से ज्यादा फ्लैट आवंटियों के नाम नोटिस जारी किए जा चुके हैं। वहीं ग्रुप हाउसिंग में शामिल सेक्टर- 28, 29, 37 के फ्लैट व मकानों को भी नोटिस जारी होने की शुरुआत हो गई है। यहां पर करीब 80 मकानों को नोटिस मंगलवार-बुधवार को जारी कर दिए गए। प्राधिकरण अधिकारियों ने बताया कि जितने भी मकान व फ्लैटों में अतिक्रमण दर्ज है सभी को नोटिस जारी की जाएगी। नोटिस में अवैध अतिक्रमण को तोड़ने के लिए दो हफ्ते का समय दिया जा रहा है। इसके साथ ही जवाब भी मांगा जा रहा है। ऐसा न करने पर आवंटन निरस्त करने की चेतावनी भी दी जा रही है।
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इन सोसाइटियों के फ्लैटस्वामियों को दिए नोटिस
प्राधिकरण की तरफ से मानसरोवर योजना सेक्टर-52, शताब्दी विहार सेक्टर-61, 52, अरावली व धवलगिरी, नीलगिरी अपार्टमेंट सेक्टर-34, 11, एचआईजी एलआईजी हाउसिंग सेक्टर-82, 71, जनता फ्लैट सेक्टर-71, 11, 12, 73, एचआईजी फ्लैट सेक्टर-105, डूप्लेक्स सेक्टर-108, एलआईजी फ्लैट सेक्टर-99, एमआईजी फ्लैट सेक्टर-27, 26, 20 श्रमिक कुंज सेक्टर-66, 93, 93 ए, 122 व अन्य में नोटिस जारी किए गए हैं।
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आवंटियों में डर, उठ रही कार्रवाई रोकने की मांग-
नोएडा प्राधिकरण से बड़ी संख्या में नोटिस जारी किए जाने के बाद इन फ्लैटों के आवंटी सकते में आ गए हैं। आरडब्ल्यूए व अन्य संगठन नोएडा प्राधिकरण पहुंच कर आगे आवंटन निरस्त करने या तोड़फोड़ जैसी कार्रवाई रोकने की मांग कर रहे हैं। विकल्प दिया जा रहा है कि दंडात्मक शुल्क लेकर किया गया अतिक्रमण वैध किया जाए। लेकिन प्राधिकरण इस पर सहमत नहीं है। प्राधिकरण अधिकारियों का कहना है कि कई जगहों पर अतिक्रमण कर खाली जमीन को घेर लिया गया है। यह गलत है।
इन वजहों से अपनाया सख्त रवैया
दो-तीन मंजिल ऊंचाई वाली अधिकतर सोसाइटियां पुरानी हो चुकी हैं। अतिक्रमण व अवैध निर्माण से इमारतों की मजबूती पर असर पड़ रहा है। सेक्टर-31 के सी ब्लॉक में एक जनता फ्लैट की छत गिरने के बाद यह स्थिति सामने आई है। कई जगह एक कमरे का फ्लैट प्राधिकरण से आवंटित है और अतिक्रमण कर एक कमरा और बना दिया गया । फिर यह दो कमरे का मकान बताकर बेच दिया जा रहा है। दो कमरे वाले मकान में तीन कमरे बनाए जा रहे हैं और लोगों को फंसाया जा रहा है। यह खरीद-फरोख्त तेजी से जारी है।
पुराने फ्लैटों में अतिक्रमण व अवैध निर्माण बड़ी समस्या बन रहा है। इससे इमारतों की मूल संरचना प्रभावित हो रही है, मजबूती पर भी असर पड़ रहा है। सभी ऐसे फ्लैट जिनमें अतिक्रमण दर्ज है उनको नोटिस जारी कर जवाब मांगा जा रहा है।
- कृष्ण करुणेश, एसीईओ, नोएडा प्राधिकरण