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Noida News: एनसीएलटी व एनसीएलएटी केस में पैरवी की समीक्षा करेगा प्राधिकरण
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-प्राधिकरण की 17 परियोजनाओं पर सात हजार करोड़ से ज्यादा का है बकाया
माई सिटी रिपोर्टर,
नोएडा। नोएडा प्राधिकरण एनसीएलटी, एनसीएलएटी में गई बिल्डर परियोजनाओं के केस में प्रभावी पैरवी करेगा। पैरवी के लिए जल्द ही केस-टू-केस समीक्षा होगी। प्राधिकरण से जुड़ी 17 परियोजनाएं एनसीएलटी व एनसीएलएटी में गई हुई हैं। इन पर 7 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा का बकाया है।
प्राधिकरण की तरफ से इन परियोजना से जुड़े बिल्डरों को यह विकल्प दिया गया था कि अगर उनका केस वापस हो जाता है तो वो 25 प्रतिशत बकाया जमा कर सकते हैं। इसके बाद जीरो पीरियड पॉलिसी का लाभ उनको मिलेगा। लेकिन एक भी बिल्डर का केस अभी तक वापस या निस्तारण नहीं हुआ है। प्राधिकरण की एसीईओ वंदना त्रिपाठी ने बताया कि यह समीक्षा विधि विभाग के साथ की जाएगी। अमिताभकांत समिति की सिफारिशों पर दिसंबर-2023 मे जीरो पीरियड पॉलिसी आई थी। इसमें एनसीएलटी व कोर्ट केस से जुड़ी परियोजनाओं को नहीं शामिल किया गया था। इनसे अलग परियोजनाओं से अब तक 3220 फ्लैटों की रजिस्ट्री हुई है, प्राधिकरण का 750 करोड़ रुपये बकाया जमा हुआ है। पॉलिसी में 56 परियोजनाएं शामिल हुई थीं। 35 परियोजनाओं के बिल्डरों ने कुल बकाये की 25 प्रतिशत राशि जमा कर दी है। कुछ बिल्डरों ने कम राशि जमा की है। चार ऐसे बिल्डर हैं जिन्होंने पैसे जमा करने के लिए सहमति भी नहीं दी है और छह ने सहमति देने के बाद भी बकाया जमा नहीं किया है।
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माई सिटी रिपोर्टर,
नोएडा। नोएडा प्राधिकरण एनसीएलटी, एनसीएलएटी में गई बिल्डर परियोजनाओं के केस में प्रभावी पैरवी करेगा। पैरवी के लिए जल्द ही केस-टू-केस समीक्षा होगी। प्राधिकरण से जुड़ी 17 परियोजनाएं एनसीएलटी व एनसीएलएटी में गई हुई हैं। इन पर 7 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा का बकाया है।
प्राधिकरण की तरफ से इन परियोजना से जुड़े बिल्डरों को यह विकल्प दिया गया था कि अगर उनका केस वापस हो जाता है तो वो 25 प्रतिशत बकाया जमा कर सकते हैं। इसके बाद जीरो पीरियड पॉलिसी का लाभ उनको मिलेगा। लेकिन एक भी बिल्डर का केस अभी तक वापस या निस्तारण नहीं हुआ है। प्राधिकरण की एसीईओ वंदना त्रिपाठी ने बताया कि यह समीक्षा विधि विभाग के साथ की जाएगी। अमिताभकांत समिति की सिफारिशों पर दिसंबर-2023 मे जीरो पीरियड पॉलिसी आई थी। इसमें एनसीएलटी व कोर्ट केस से जुड़ी परियोजनाओं को नहीं शामिल किया गया था। इनसे अलग परियोजनाओं से अब तक 3220 फ्लैटों की रजिस्ट्री हुई है, प्राधिकरण का 750 करोड़ रुपये बकाया जमा हुआ है। पॉलिसी में 56 परियोजनाएं शामिल हुई थीं। 35 परियोजनाओं के बिल्डरों ने कुल बकाये की 25 प्रतिशत राशि जमा कर दी है। कुछ बिल्डरों ने कम राशि जमा की है। चार ऐसे बिल्डर हैं जिन्होंने पैसे जमा करने के लिए सहमति भी नहीं दी है और छह ने सहमति देने के बाद भी बकाया जमा नहीं किया है।
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