फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Noida News ›   Authority will review advocacy in NCLT and NCLAT cases

Noida News: एनसीएलटी व एनसीएलएटी केस में पैरवी की समीक्षा करेगा प्राधिकरण

Tue, 22 Jul 2025 09:22 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Tue, 22 Jul 2025 09:22 PM IST
विज्ञापन
Authority will review advocacy in NCLT and NCLAT cases
-प्राधिकरण की 17 परियोजनाओं पर सात हजार करोड़ से ज्यादा का है बकाया
विज्ञापन

माई सिटी रिपोर्टर,

नोएडा। नोएडा प्राधिकरण एनसीएलटी, एनसीएलएटी में गई बिल्डर परियोजनाओं के केस में प्रभावी पैरवी करेगा। पैरवी के लिए जल्द ही केस-टू-केस समीक्षा होगी। प्राधिकरण से जुड़ी 17 परियोजनाएं एनसीएलटी व एनसीएलएटी में गई हुई हैं। इन पर 7 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा का बकाया है।

प्राधिकरण की तरफ से इन परियोजना से जुड़े बिल्डरों को यह विकल्प दिया गया था कि अगर उनका केस वापस हो जाता है तो वो 25 प्रतिशत बकाया जमा कर सकते हैं। इसके बाद जीरो पीरियड पॉलिसी का लाभ उनको मिलेगा। लेकिन एक भी बिल्डर का केस अभी तक वापस या निस्तारण नहीं हुआ है। प्राधिकरण की एसीईओ वंदना त्रिपाठी ने बताया कि यह समीक्षा विधि विभाग के साथ की जाएगी। अमिताभकांत समिति की सिफारिशों पर दिसंबर-2023 मे जीरो पीरियड पॉलिसी आई थी। इसमें एनसीएलटी व कोर्ट केस से जुड़ी परियोजनाओं को नहीं शामिल किया गया था। इनसे अलग परियोजनाओं से अब तक 3220 फ्लैटों की रजिस्ट्री हुई है, प्राधिकरण का 750 करोड़ रुपये बकाया जमा हुआ है। पॉलिसी में 56 परियोजनाएं शामिल हुई थीं। 35 परियोजनाओं के बिल्डरों ने कुल बकाये की 25 प्रतिशत राशि जमा कर दी है। कुछ बिल्डरों ने कम राशि जमा की है। चार ऐसे बिल्डर हैं जिन्होंने पैसे जमा करने के लिए सहमति भी नहीं दी है और छह ने सहमति देने के बाद भी बकाया जमा नहीं किया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed