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अब संपत्ति खरीदना आसान बनाएगा प्राधिकरण
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अब संपत्ति खरीदना आसान बनाएगा प्राधिकरण
नोएडा। नोएडा प्राधिकरण में शहर की संपत्तियों की खरीद-बिक्री को आसान बनाने की कवायद करेगा। इसके तहत कुछ संपत्तियों के रेट बढ़ाए जाएंगे वहीं कुछ की कीमतों में कमी की जाएगी। यही नहीं, कुछ संपत्तियों के बाजार मूल्य और प्राधिकरण के मूल्य में अंतर को कम करने का भी प्रयास किया जाएगा। इसका मकसद शहर की संपत्तियों में निवेश को आसान बनाना होगा। बोर्ड बैठक 21 अगस्त को संभावित है। नोएडा प्राधिकरण इस बार के बोर्ड बैठक में सभी प्रकार के संपत्तियों की नए सिरे से समीक्षा करेगा। इसमें आवासीय, औद्योगिक, कॉमर्शियल आदि संपत्तियों के रेट की समीक्षा होगी। समीक्षा के बाद एक निर्णय पर बोर्ड पहुंचेगा और उस निर्णय के आधार पर शासन को मंजूरी के लिए प्रस्ताव भेजा जाएगा।
कई सेक्टरों की कैटेगरी बदलेगी, बढ़ेंगे रेट
इस बार की बोर्ड बैठक में कई सेक्टरों की कैटेगरी में बदलाव होगा। नियम के मुताबिक सेक्टरों को ए, बी, सी, डी कैटेगरी में बांटा गया है और उसी के मुताबिक प्राधिकरण ने प्रति वर्गमीटर दर निर्धारित की है। अब प्राधिकरण का यह मानना है कि कुछ सेक्टर पहले से काफी बेहतर हो गए हैं। लिहाजा उनको सी से बी, बी से ए और ए से ए प्लस कैटेगरी में बदला जाएगा। अगर इस तरह का बदलाव होता है तो जो भी सेक्टर प्रमोट होंगे। वहां प्राधिकरण का रेट ज्यादा हो जाएगा। यानी उस खास सेक्टर में संपत्ति खरीदने के लिए निवेशक को ज्यादा पैसे खर्च करने होंगे।
प्राधिकरण और बाजार मूल्य में होगा तालमेल
प्राधिकरण के अधिकारियों का भी यह मानना है कि कई सेक्टरों में आवासीय, कॉमर्शियल, औद्योगिक, संस्थागत प्लाटों के बाजार मूल्य और प्राधिकरण के मूल्य में अंतर है। ज्यादातर में बाजार मूल्य कम है और प्राधिकरण का मूल्य ज्यादा है। सर्किल रेट इससे भी ज्यादा है। लिहाजा इनके बीच तालमेल बैठाने का प्रयास बोर्ड बैठक में किया जाएगा। यानी इनके दर को इस प्रकार से बदला जाएगा कि प्राधिकरण और बाजार मूल्य में अंतर की शिकायत को कम किया जा सके। इससे निवेशकों को ही फायदा होगा। संभावना है कि प्राधिकरण अपने दर को और कम करेगा।
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कॉमर्शियल संपत्तियों की बनेगी एक और कैटेगरी
बताया जा रहा है कि कॉमर्शियल संपत्तियों के लिए अब एफएआर बढ़कर चार कर दिया गया है। इसकी संस्तुति मिल चुकी है। लिहाजा इस प्रकार की संपत्तियों की एक और कैटेगरी बढ़ानी होगी। वहीं बढ़े हुए एफएआर को लेकर उसके रेट का निर्धारण भी होना है। इससे एक नई कैटेगरी और बढ़ जाएगी।
कॉमर्शियल और आवासीय प्लॉट को बेचने के लिए होगा मंथन
पिछली बार कॉमर्शियल विभाग के 60 से ज्यादा प्लॉट की स्कीम निकाली गई थी। लेकिन केवल एक ही प्लॉट बिक पाई। इसी तरह से आवासीय प्लॉट की स्कीम भी दो से तीन बार निकाली जा चुकी है। फिर भी संपत्तियां नहीं बिक पा रही हैं। इसकी वजहों का पता लगाने के बाद इसे बेचने के लिए मंथन किया जाएगा।
प्राधिकरण के अंतर्गत यह हैं संपत्तियां
आवासीय, कॉमर्शियल, औद्योगिक, संस्थागत
फैक्ट फाइल नोएडा
165 सेक्टर
81 गांव
अलग-अलग संपत्तियों के रेट (रुपये प्रति वर्गमीटर)
आवासीय 33800-92650
औद्योगिक 9000-30600
वाणिज्यिक 12100-443000
संस्थागत 13000-17000
नोएडा की सभी प्रकार की संपत्तियों का सरलीकरण किया जाएगा। इसमें संपत्तियों के रेट की समीक्षा की जाएगी और इसे बाजार मूल्य और प्राधिकरण के दर के बीच तालमेल बैठाने का प्रयास किया जाएगा ताकि यहां निवेश करने वालों को आसानी हो। इस बार के बोर्ड बैठक में प्रमुख रूप से इस एजेंडे को शामिल किया जाना है।
- आलोक टंडन, चेयरमैन, नोएडा प्राधिकरण
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नोएडा। नोएडा प्राधिकरण में शहर की संपत्तियों की खरीद-बिक्री को आसान बनाने की कवायद करेगा। इसके तहत कुछ संपत्तियों के रेट बढ़ाए जाएंगे वहीं कुछ की कीमतों में कमी की जाएगी। यही नहीं, कुछ संपत्तियों के बाजार मूल्य और प्राधिकरण के मूल्य में अंतर को कम करने का भी प्रयास किया जाएगा। इसका मकसद शहर की संपत्तियों में निवेश को आसान बनाना होगा। बोर्ड बैठक 21 अगस्त को संभावित है। नोएडा प्राधिकरण इस बार के बोर्ड बैठक में सभी प्रकार के संपत्तियों की नए सिरे से समीक्षा करेगा। इसमें आवासीय, औद्योगिक, कॉमर्शियल आदि संपत्तियों के रेट की समीक्षा होगी। समीक्षा के बाद एक निर्णय पर बोर्ड पहुंचेगा और उस निर्णय के आधार पर शासन को मंजूरी के लिए प्रस्ताव भेजा जाएगा।
कई सेक्टरों की कैटेगरी बदलेगी, बढ़ेंगे रेट
इस बार की बोर्ड बैठक में कई सेक्टरों की कैटेगरी में बदलाव होगा। नियम के मुताबिक सेक्टरों को ए, बी, सी, डी कैटेगरी में बांटा गया है और उसी के मुताबिक प्राधिकरण ने प्रति वर्गमीटर दर निर्धारित की है। अब प्राधिकरण का यह मानना है कि कुछ सेक्टर पहले से काफी बेहतर हो गए हैं। लिहाजा उनको सी से बी, बी से ए और ए से ए प्लस कैटेगरी में बदला जाएगा। अगर इस तरह का बदलाव होता है तो जो भी सेक्टर प्रमोट होंगे। वहां प्राधिकरण का रेट ज्यादा हो जाएगा। यानी उस खास सेक्टर में संपत्ति खरीदने के लिए निवेशक को ज्यादा पैसे खर्च करने होंगे।
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प्राधिकरण और बाजार मूल्य में होगा तालमेल
प्राधिकरण के अधिकारियों का भी यह मानना है कि कई सेक्टरों में आवासीय, कॉमर्शियल, औद्योगिक, संस्थागत प्लाटों के बाजार मूल्य और प्राधिकरण के मूल्य में अंतर है। ज्यादातर में बाजार मूल्य कम है और प्राधिकरण का मूल्य ज्यादा है। सर्किल रेट इससे भी ज्यादा है। लिहाजा इनके बीच तालमेल बैठाने का प्रयास बोर्ड बैठक में किया जाएगा। यानी इनके दर को इस प्रकार से बदला जाएगा कि प्राधिकरण और बाजार मूल्य में अंतर की शिकायत को कम किया जा सके। इससे निवेशकों को ही फायदा होगा। संभावना है कि प्राधिकरण अपने दर को और कम करेगा।
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कॉमर्शियल संपत्तियों की बनेगी एक और कैटेगरी
बताया जा रहा है कि कॉमर्शियल संपत्तियों के लिए अब एफएआर बढ़कर चार कर दिया गया है। इसकी संस्तुति मिल चुकी है। लिहाजा इस प्रकार की संपत्तियों की एक और कैटेगरी बढ़ानी होगी। वहीं बढ़े हुए एफएआर को लेकर उसके रेट का निर्धारण भी होना है। इससे एक नई कैटेगरी और बढ़ जाएगी।
कॉमर्शियल और आवासीय प्लॉट को बेचने के लिए होगा मंथन
पिछली बार कॉमर्शियल विभाग के 60 से ज्यादा प्लॉट की स्कीम निकाली गई थी। लेकिन केवल एक ही प्लॉट बिक पाई। इसी तरह से आवासीय प्लॉट की स्कीम भी दो से तीन बार निकाली जा चुकी है। फिर भी संपत्तियां नहीं बिक पा रही हैं। इसकी वजहों का पता लगाने के बाद इसे बेचने के लिए मंथन किया जाएगा।
प्राधिकरण के अंतर्गत यह हैं संपत्तियां
आवासीय, कॉमर्शियल, औद्योगिक, संस्थागत
फैक्ट फाइल नोएडा
165 सेक्टर
81 गांव
अलग-अलग संपत्तियों के रेट (रुपये प्रति वर्गमीटर)
आवासीय 33800-92650
औद्योगिक 9000-30600
वाणिज्यिक 12100-443000
संस्थागत 13000-17000
नोएडा की सभी प्रकार की संपत्तियों का सरलीकरण किया जाएगा। इसमें संपत्तियों के रेट की समीक्षा की जाएगी और इसे बाजार मूल्य और प्राधिकरण के दर के बीच तालमेल बैठाने का प्रयास किया जाएगा ताकि यहां निवेश करने वालों को आसानी हो। इस बार के बोर्ड बैठक में प्रमुख रूप से इस एजेंडे को शामिल किया जाना है।
- आलोक टंडन, चेयरमैन, नोएडा प्राधिकरण