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Noida News: अजनारा और थ्रीसी बिल्डर के खिलाफ प्राधिकरण अपील में रखेगा पक्ष

Tue, 04 Jul 2023 12:50 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Tue, 04 Jul 2023 12:50 AM IST
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Authority will keep its side in appeal against Ajnara and 3C builder
अजनारा और थ्रीसी बिल्डर के खिलाफ प्राधिकरण अपील में रखेगा पक्ष
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- प्राधिकरण का दावा बिल्डरों ने छुपाए एनसीएलटी से तथ्य

- 1200 निवेशक है अजनारा पैनोरमा प्रोजेक्ट में , 113 निवेशक गए एनसीएलटी में प्लॉट निरस्तीकरण के लिए

माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। अजनारा पैनोरमा के भूखंड आवंटन के खिलाफ एनसीएलटी पहुंचे खरीदार और बिल्डर के खिलाफ अब यमुना प्राधिकरण भी रिकॉल एप्लीकेशन देगा। इसमें प्राधिकरण ने एनसीएलटी के समक्ष बताया जाएगा कि प्लॉट को साल-अप्रैल 2022 में ही निरस्त किया जा चुका है। वहीं, थ्रीसी होम्स और थ्रीसी रेजीडेंसी प्रकरण में भी प्राधिकरण अपना पक्ष रखेगा। अजराना पैनोरमा में करीब 1200 निवेशक हैं। जिनमें से 113 एनसीएलटी गए हैं। जबकि थ्रीसी होम्स और थ्रीसी रेजीडेंसी में कोई निवेशक नहीं है। उधर, प्राधिकरण और बिल्डर के बीच निवेशक फंस गए थे और इस कारण उनको एनसीएलटी का रुख करना पड़ा।
दरअसल, यमुना प्राधिकरण ने अजनारा पैनोरमा प्रोजेक्ट के लिए दिसंबर-2011 में 25 एकड़ जमीन की जीएच-4 सेक्टर-22ए में लीजडीड की थी। बकाया नहीं चुकाने के कारण प्राधिकरण ने निवेशकों का हित छोड़ते हुए बाकी प्लॉट को 21 अप्रैल 2021 को निरस्त कर दिया था। इस मामले में बिल्डर अदालत चला गया। इसके बाद निवेशक इस मामले को एनसीएलटी ले गए। वहां से आईआरपी नियुक्त करते हुए पहली टीम को ही काम करते हुए परियोजना को विकसित करने का आदेश दिया। मगर जब इस बात की जानकारी यमुना प्राधिकरण को लगी तो वह अपनी बात रखने के लिए अब एनसीएलटी में अपील करेगा। मामले में एनसीएलटी में पांच जुलाई को सुनवाई होगी।
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इसी तरह, थ्रीसी होम्स का 100 एकड़ और थ्रीसी रेजीडेंसी का 100 एकड़ का प्लॉट निरस्त कर दिया था। थ्रीसी बिल्डर पर 129.58 करोड़ रुपये प्रीमियम था। जबकि लीज डीड समेत करीब 583 करोड़ रुपये बकाया है। जबकि थ्रीसी रेजीडेंसी पर 267 करोड़ रुपये बकाया था। इस तरह दोनों का आवंटन निरस्त कर दिया था। निरस्तीकरण के बाद बिल्डर एनसीएलटी में चला गया। अब यमुना प्राधिकरण के सीईओ डॉ. अरुणवीर सिंह ने तीनों मामलों में अपील कर अपना पक्ष रखने की बात कही है। उन्होंने बताया कि आगामी सुनवाई पर यीडा बताएगा कि दोनों बिल्डर प्लॉट निरस्तीकरण के बाद एनसीएलटी पहुंचे हैं और उनके द्वारा कई तथ्य छुपाए गए हैं। जिन्हें प्राधिकरण एनसीएलटी के समक्ष रखेगा।
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