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Noida News: फ्लाईओवर, अंडरपास और सड़कों के काम की गुणवत्ता सुधारेगा प्राधिकरण
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फ्लाईओवर, अंडरपास और सड़कों के काम की गुणवत्ता सुधारेगा प्राधिकरण
सिविल विभाग के इंजीनियरों को दो दिनों का प्रशिक्षण दिया जाएगा
परियोजनाओं के रखरखाव को लेकर भी किया जाएगा प्रशिक्षित
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। प्राधिकरण शहर में बनने वाले फ्लाईओवर, अंडरपास और सड़कों के काम की गुणवत्ता सुधारेगा। इसी कड़ी में सिविल विभाग के इंजीनियरों को दो दिनों का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसका मकसद भविष्य में होने वाले निर्माण कार्य को और बेहतर कराना है। इस बाबत प्राधिकरण के सीईओ लोकेश एम. ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं।
सिविल वर्क के फिनिशिंग को लेकर प्राधिकरण ने योजना बनाई है। इसके लिए आईआईटी से मदद मांगी गई है। आईआईटी की ओर से दो दिन के वर्कशॉप के लिए बात चल रही है। इसमें फाइल मूवमेंट को लेकर प्रशिक्षित किया जाएगा। काम के दौरान एमबी कैसे बनाया जाता है यह सिखाया जाएगा। काम की फिनिशिंग कैसे होगी। इस पर भी चर्चा होगी। सीईओ लोकेश एम ने बताया कि शिविर में एई, जेई, एसएम, डीजीएम स्तर के अधिकारियों को प्रशिक्षण लेना होगा। इस दौरान परियोजनाओं के रखरखाव को लेकर भी इंजीनियरों को प्रशिक्षित किया जाएगा।
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आईटी सिस्टम को मजबूत बनाने पर होगा काम
प्राधिकरण के कार्यों के तहत आईटी को मजबूत बनाने पर काम होगा। इसमें फाइलों को सॉफ्टवेयर के माध्यम से डील किया जाएगा। प्राधिकरण का मकसद सबसे पहले आने वाले का काम पहले कराना होगा। इसी सिद्धांत पर कार्य करना होगा, इसके लिए तैयारी चल रही है।
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गंगाजल परियोजना के लिए होगा कंसल्टेंट का चयन
हालिया गंगाजल परियोजना के काम के लिए कंसल्टेंट का चयन किया जाएगा। सूचना के मुताबिक, गंगाजल परियोजना का नेटवर्क कई स्थानों से टूटा हुआ है। इसके रखरखाव को लेकर योजना बनाई जा रही है, साथ ही इसके लिए एक कमेटी भी गठित किया जा रही है। यह कमेटी रिपोर्ट देगी कि कहां-कहां काम कराना है और इसकी लागत क्या होगी।
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प्राधिकरण के लैंड ऑडिट का काम अटका
प्राधिकरण ने लैंड बैंक बढ़ाने के लिए कई प्रकार की कवायद का फैसला किया था। इसी कड़ी में लैंड ऑडिट भी शामिल है। इसका मकसद यह पता करना है कि कहां-कहां जमीनों बची हुई हैं और कहां-कहां अतिक्रमण हुआ है। इसके लिए कंसल्टेंट की तलाश है। इसके चयन के बाद आगे का काम होगा। कंसल्टेंट का काम रोडमैप तैयार करना होगा।
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सिविल विभाग के इंजीनियरों को दो दिनों का प्रशिक्षण दिया जाएगा
परियोजनाओं के रखरखाव को लेकर भी किया जाएगा प्रशिक्षित
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। प्राधिकरण शहर में बनने वाले फ्लाईओवर, अंडरपास और सड़कों के काम की गुणवत्ता सुधारेगा। इसी कड़ी में सिविल विभाग के इंजीनियरों को दो दिनों का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसका मकसद भविष्य में होने वाले निर्माण कार्य को और बेहतर कराना है। इस बाबत प्राधिकरण के सीईओ लोकेश एम. ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं।
सिविल वर्क के फिनिशिंग को लेकर प्राधिकरण ने योजना बनाई है। इसके लिए आईआईटी से मदद मांगी गई है। आईआईटी की ओर से दो दिन के वर्कशॉप के लिए बात चल रही है। इसमें फाइल मूवमेंट को लेकर प्रशिक्षित किया जाएगा। काम के दौरान एमबी कैसे बनाया जाता है यह सिखाया जाएगा। काम की फिनिशिंग कैसे होगी। इस पर भी चर्चा होगी। सीईओ लोकेश एम ने बताया कि शिविर में एई, जेई, एसएम, डीजीएम स्तर के अधिकारियों को प्रशिक्षण लेना होगा। इस दौरान परियोजनाओं के रखरखाव को लेकर भी इंजीनियरों को प्रशिक्षित किया जाएगा।
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आईटी सिस्टम को मजबूत बनाने पर होगा काम
प्राधिकरण के कार्यों के तहत आईटी को मजबूत बनाने पर काम होगा। इसमें फाइलों को सॉफ्टवेयर के माध्यम से डील किया जाएगा। प्राधिकरण का मकसद सबसे पहले आने वाले का काम पहले कराना होगा। इसी सिद्धांत पर कार्य करना होगा, इसके लिए तैयारी चल रही है।
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गंगाजल परियोजना के लिए होगा कंसल्टेंट का चयन
हालिया गंगाजल परियोजना के काम के लिए कंसल्टेंट का चयन किया जाएगा। सूचना के मुताबिक, गंगाजल परियोजना का नेटवर्क कई स्थानों से टूटा हुआ है। इसके रखरखाव को लेकर योजना बनाई जा रही है, साथ ही इसके लिए एक कमेटी भी गठित किया जा रही है। यह कमेटी रिपोर्ट देगी कि कहां-कहां काम कराना है और इसकी लागत क्या होगी।
प्राधिकरण के लैंड ऑडिट का काम अटका
प्राधिकरण ने लैंड बैंक बढ़ाने के लिए कई प्रकार की कवायद का फैसला किया था। इसी कड़ी में लैंड ऑडिट भी शामिल है। इसका मकसद यह पता करना है कि कहां-कहां जमीनों बची हुई हैं और कहां-कहां अतिक्रमण हुआ है। इसके लिए कंसल्टेंट की तलाश है। इसके चयन के बाद आगे का काम होगा। कंसल्टेंट का काम रोडमैप तैयार करना होगा।