{"_id":"66c4b4db5dd20c73760c4df5","slug":"authority-will-cancel-the-allotments-of-five-big-builders-noida-news-c-1-gnd1002-2016031-2024-08-20","type":"story","status":"publish","title_hn":"Noida News: पांच बड़े बिल्डरों के आवंटन निरस्त करेगा प्राधिकरण","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Noida News: पांच बड़े बिल्डरों के आवंटन निरस्त करेगा प्राधिकरण
विज्ञापन
अमिताभ कांत समिति की सिफारिशों के बाद भी जमा नहीं कराया बकाया
-- -- -- -- -- -- -- -
27 बकायदारों को जारी किए गए नोटिस
100 करोड़ से अधिक का है बकाया
29 अगस्त के बाद होगी कार्रवाई
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। प्राधिकरण 29 अगस्त के बाद पांच बड़े बकायेदार बिल्डरों के आवंटन निरस्त करेगा। इन पर 100 करोड़ से अधिक का बकाया है। पांचों को अंतिम नोटिस दे दिया गया है। 29 अगस्त तक पैसे नहीं जमा करने पर कार्रवाई होगी। नोएडा के 57 बिल्डरों पर प्राधिकरण के करोड़ों रुपये का बकाया है।
अमिताभ कांत समिति की सिफारिशों के लागू होने के बाद अब तक 22 बिल्डरों ने 25 प्रतिशत रकम जमा करा दी है। इसके अलावा छह बिल्डर ऐसे हैं जिनका बकाया शून्य हो चुका है, जबकि एक बिल्डर ने हाल ही में पैसे जमा कराए हैं। इसके अलावा एक बिल्डर का आवंटन पहले ही निरस्त किया जा चुका है। ऐसे में बचे हुए 27 बिल्डरों को प्राधिकरण ने 14 अगस्त को आवंटन निरस्तीकरण का नोटिस दिया है। पहले चरण में इन्हीं में से पांच बड़े बिल्डरों के आवंटन निरस्त किए जाएंगे। इन बिल्डरों के दस्तावेज प्राधिकरण खंगाल रहा है। इसमें यह देखा जा रहा है कि कितनी खाली जमीन बिल्डर परियोजना में बची हुई है। इसके अलावा कितना ज्यादा बकाया है।
थर्ड पार्टी राइट्स पर पड़ सकता है प्रभाव
इस बार प्राधिकरण की ओर से उन बिल्डर परियोजनाओं के आवंटन निरस्त करने की योजना है, जिनमें थर्ड पार्टी राइट्स पहले से ही हैं यानी इस निरस्तीकरण से निवेशक भी प्रभावित हो सकते हैं। हालांकि, प्राधिकरण के अधिकारियों का कहना है कि इसमें निवेशकों को किसी तरह का नुकसान नहीं होने दिया जाएगा। पूरा जोर बिल्डर पर दबाव बनाने का है।
विज्ञापन
पहले भी दो बार दिया है नोटिस
पहले भी बड़े बकायेदार बिल्डरों को पैसे जमा कराने के लिए नोटिस जारी किया जा चुका है, लेकिन ऐसा पहली बार किया जा रहा है कि बिल्डरों को आवंटन निरस्तीकरण का नोटिस देकर तय समय दिया गया है। इसकी बड़ी वजह यह है कि शासन की ओर से प्राधिकरण से बार-बार कहा जा रहा है कि वह बिल्डर-खरीदार मुद्दा सुलझाएं, लेकिन कोई फायदा नहीं हो रहा है। अभी भी जिन बिल्डरों ने पैसे जमा कराए हैं, उनके पास ज्यादा बकाया नहीं है। यही वजह है कि प्राधिकरण एक लक्ष्य तय कर रहा है कि ज्यादा से ज्यादा बिल्डर परियोजनाओं का बकाया वापस हो।
उद्योग मंत्री की समीक्षा बैठक में भी उठे सवाल
बीते दिनों उद्योग मंत्री नंद गोपाल नंदी की समीक्षा बैठक में भी यह सवाल उठे थे कि बिल्डर-खरीदार मामला क्यों नहीं सुलझ रहा है। इसके अलावा उनकी ओर से बकाये की वापसी के लिए प्राधिकरण को निर्देश भी दिए गए थे। इसके बाद प्राधिकरण की ओर से बिल्डरों को नोटिस दिए जा रहे हैं।
-- -- -- -- -- -- --
27 बिल्डरों को आवंटन निरस्तीकरण का अंतिम नोटिस देकर 15 दिन का समय दिया गया है। इसके बाद आवंटन निरस्तीकरण की कार्रवाई शुरू होगी। पहले चरण में पांच बड़े बिल्डरों के आवंटन निरस्त किए जाएंगे। - वंदना त्रिपाठी, एसीईओ, नोएडा प्राधिकरण
विज्ञापन
27 बकायदारों को जारी किए गए नोटिस
100 करोड़ से अधिक का है बकाया
29 अगस्त के बाद होगी कार्रवाई
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। प्राधिकरण 29 अगस्त के बाद पांच बड़े बकायेदार बिल्डरों के आवंटन निरस्त करेगा। इन पर 100 करोड़ से अधिक का बकाया है। पांचों को अंतिम नोटिस दे दिया गया है। 29 अगस्त तक पैसे नहीं जमा करने पर कार्रवाई होगी। नोएडा के 57 बिल्डरों पर प्राधिकरण के करोड़ों रुपये का बकाया है।
अमिताभ कांत समिति की सिफारिशों के लागू होने के बाद अब तक 22 बिल्डरों ने 25 प्रतिशत रकम जमा करा दी है। इसके अलावा छह बिल्डर ऐसे हैं जिनका बकाया शून्य हो चुका है, जबकि एक बिल्डर ने हाल ही में पैसे जमा कराए हैं। इसके अलावा एक बिल्डर का आवंटन पहले ही निरस्त किया जा चुका है। ऐसे में बचे हुए 27 बिल्डरों को प्राधिकरण ने 14 अगस्त को आवंटन निरस्तीकरण का नोटिस दिया है। पहले चरण में इन्हीं में से पांच बड़े बिल्डरों के आवंटन निरस्त किए जाएंगे। इन बिल्डरों के दस्तावेज प्राधिकरण खंगाल रहा है। इसमें यह देखा जा रहा है कि कितनी खाली जमीन बिल्डर परियोजना में बची हुई है। इसके अलावा कितना ज्यादा बकाया है।
विज्ञापन
थर्ड पार्टी राइट्स पर पड़ सकता है प्रभाव
इस बार प्राधिकरण की ओर से उन बिल्डर परियोजनाओं के आवंटन निरस्त करने की योजना है, जिनमें थर्ड पार्टी राइट्स पहले से ही हैं यानी इस निरस्तीकरण से निवेशक भी प्रभावित हो सकते हैं। हालांकि, प्राधिकरण के अधिकारियों का कहना है कि इसमें निवेशकों को किसी तरह का नुकसान नहीं होने दिया जाएगा। पूरा जोर बिल्डर पर दबाव बनाने का है।
विज्ञापन
पहले भी दो बार दिया है नोटिस
पहले भी बड़े बकायेदार बिल्डरों को पैसे जमा कराने के लिए नोटिस जारी किया जा चुका है, लेकिन ऐसा पहली बार किया जा रहा है कि बिल्डरों को आवंटन निरस्तीकरण का नोटिस देकर तय समय दिया गया है। इसकी बड़ी वजह यह है कि शासन की ओर से प्राधिकरण से बार-बार कहा जा रहा है कि वह बिल्डर-खरीदार मुद्दा सुलझाएं, लेकिन कोई फायदा नहीं हो रहा है। अभी भी जिन बिल्डरों ने पैसे जमा कराए हैं, उनके पास ज्यादा बकाया नहीं है। यही वजह है कि प्राधिकरण एक लक्ष्य तय कर रहा है कि ज्यादा से ज्यादा बिल्डर परियोजनाओं का बकाया वापस हो।
उद्योग मंत्री की समीक्षा बैठक में भी उठे सवाल
बीते दिनों उद्योग मंत्री नंद गोपाल नंदी की समीक्षा बैठक में भी यह सवाल उठे थे कि बिल्डर-खरीदार मामला क्यों नहीं सुलझ रहा है। इसके अलावा उनकी ओर से बकाये की वापसी के लिए प्राधिकरण को निर्देश भी दिए गए थे। इसके बाद प्राधिकरण की ओर से बिल्डरों को नोटिस दिए जा रहे हैं।
27 बिल्डरों को आवंटन निरस्तीकरण का अंतिम नोटिस देकर 15 दिन का समय दिया गया है। इसके बाद आवंटन निरस्तीकरण की कार्रवाई शुरू होगी। पहले चरण में पांच बड़े बिल्डरों के आवंटन निरस्त किए जाएंगे। - वंदना त्रिपाठी, एसीईओ, नोएडा प्राधिकरण