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Noida News: रुक जाएंगे शुभ कार्य, रविवार से शुरू होंगे पितृ पक्ष

Fri, 05 Sep 2025 12:09 AM IST
नोएडा ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, नोएडा
संवाद न्यूज एजेंसी, नोएडा Updated Fri, 05 Sep 2025 12:09 AM IST
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Auspicious works will stop, Pitru Paksha will start from Sunday
फोटो 17 -आचार्य नंदकिशोर मिश्र । संवाद
बांदा। पितृपक्ष रविवार से शुरू हो रहे हैं। अपने पितरों का तर्पण करने के लिए लोग सुबह ही नदी और सरोवरों में स्नान करते हैं। शहर से गुजरी केन नदी और नवाब टैंक में पितृपक्ष के दौरान लोगों की भीड़ लगती है। लोग स्नान करने के बाद घाट पर ही पितरों का तर्पण करते हैं। समाजसेवी अमित सेठ भोलू और कुलदीप शुक्ला ने नगर पालिका प्रशासन से नवाब टैंक और केन नदी के घाटों को साफ कराए जाने की मांग की है, ताकि पितरों के तर्पण के दौरान लोगों को परेशानियों का सामना न करना पड़े। मालूम हो कि रविवार से शुरू होकर 21 सितंबर तक पितृपक्ष रहेगा। पितृपक्ष में 15 दिन तक पितरों का तर्पण किया जाता है। इसके साथ ही पितृमिलन और श्राद्ध कार्यक्रम होते हैं। बुजुर्गों की मानें तो इस दौरान कोई भी शुभ कार्य नहीं किए जाते हैं। पंडित उमाकांत त्रिवेदी ने बताया कि पितृपक्ष के दौरान तर्पण करने से पितरों की कृपा मिलती है, इससे सुख समृद्धि में इजाफा होता है।
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सात काले तिल अर्पित कर पा सकते हैं पितरों का आशीर्वाद

अतर्रा। पितृ पक्ष में तर्पण और पिंडदान करने से पूर्वजों की आत्मा को शांति मिलती है और उनका आशीर्वाद प्राप्त होता है। कस्बे के बजरंग नगर निवासी ज्योतिष आचार्य नंदकिशोर मिश्रा ने बताया कि पितरों को प्रसन्न करने के लिए केवल सात काले तिल स्वच्छ जल में डालकर अर्पित करने से भी उनकी कृपा प्राप्त की जा सकती है। पितृपक्ष में परिवार का बड़ा पुत्र श्राद्ध करता है, लेकिन परंपरा के अनुसार पुत्र, पौत्र, भतीजा या भांजा भी तर्पण कर सकता है। आचार्य ने बताया कि श्राद्ध में कौए, कुत्ते और गाय को भोजन कराना अनिवार्य माना गया है। कौए को भविष्यवक्ता, कुत्ते को अनिष्ट का संकेतक और गाय को राम का प्रतीक माना गया है। पितृ पक्ष में करुण और शृंगार का मेल नहीं हो सकता, इसलिए इन दिनों में लोग केवल अपने पितरों का स्मरण व पूजन-अर्चन करते हैं।
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