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Noida News: आगरा के ध्यानार्थ <bha>--</bha> बुलेट ट्रेन रूट फाइनल की ओर, प्रोजेक्ट ने पकड़ी रफ्तार
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- 63 किलोमीटर की दूरी, केवल 21 मिनट में दिल्ली से नोएडा एयरपोर्ट
- यमुना एक्सप्रेसवे कॉरिडोर में बाधाएं हटाने पर फोकस, पाइपलाइन शिफ्ट या डिजाइन बदलाव पर मंथन
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। दिल्ली-वाराणसी हाईस्पीड रेल कॉरिडोर (बुलेट ट्रेन) परियोजना ने अब रफ्तार पकड़ ली है। रूट को अंतिम रूप देने के लिए लगातार बैठकों का दौर जारी है। नेशनल हाईस्पीड रेल कॉरपोरेशन लिमिटेड(एनएचएसआरसीएल) ने यमुना एक्सप्रेसवे क्षेत्र में मौजूद पाइपलाइन, बिजली और अन्य बुनियादी सुविधाओं का विस्तृत ब्योरा मांगा है, ताकि भविष्य में निर्माण के दौरान कोई बाधा न आए। अधिकारियों के अनुसार, नोएडा में सेक्टर 124 से 148 के बीच बुलेट ट्रेन का एक स्टेशन प्रस्तावित है, जबकि दूसरा स्टेशन नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पास बनाया जाएगा। इन दोनों स्थानों पर भूमि की संभावना एनएचएसआरसीएल देख रहा है। उपलब्धता के आधार पर ही डीपीआर को अंतिम रूप दिया जाएगा। एयरपोर्ट के पास स्टेशन को भूमिगत बनाने की योजना है, जबकि नोएडा में स्टेशन एलीवेटेड रहेगा।
बाजना क्षेत्र में गंगाजल पाइपलाइन परियोजना के चलते रूट को लेकर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। पाइपलाइन को शिफ्ट करने या डिजाइन में बदलाव जैसे विकल्पों पर विचार किया जा रहा है। इस संबंध में आगरा में बुधवार को एक बैठक भी मंडलायुक्त की अध्यक्षता में की गई थी जिससे समाधान निकाले जा सकें। इसमें एनएचएआई, पीडब्ल्यूडी, बिजली विभाग और नगर निगम के अधिकारी शामिल हुए। जल्द ही एक और बड़ी बैठक प्रस्तावित है।
आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक बैठकों का सिलसिला इसीलिए शुरू किया गया है कि बुलेट ट्रेन का रूट फाइनल होने के बाद कोई बाधा नहीं आए।करीब 800 किलोमीटर लंबा यह हाईस्पीड कॉरिडोर नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना सिटी के लिए गेमचेंजर साबित हो सकता है। यह परियोजना दिल्ली, वाराणसी, कानपुर और लखनऊ को सीधे हाईस्पीड नेटवर्क से जोड़ेगी। परियोजना पूरी होने के बाद दिल्ली से नोएडा एयरपोर्ट की 63 किलोमीटर दूरी महज 21 मिनट में तय की जा सकेगी, जिससे न सिर्फ यात्रा आसान होगी बल्कि क्षेत्रीय विकास को भी नई गति मिलेगी।
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- यमुना एक्सप्रेसवे कॉरिडोर में बाधाएं हटाने पर फोकस, पाइपलाइन शिफ्ट या डिजाइन बदलाव पर मंथन
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। दिल्ली-वाराणसी हाईस्पीड रेल कॉरिडोर (बुलेट ट्रेन) परियोजना ने अब रफ्तार पकड़ ली है। रूट को अंतिम रूप देने के लिए लगातार बैठकों का दौर जारी है। नेशनल हाईस्पीड रेल कॉरपोरेशन लिमिटेड(एनएचएसआरसीएल) ने यमुना एक्सप्रेसवे क्षेत्र में मौजूद पाइपलाइन, बिजली और अन्य बुनियादी सुविधाओं का विस्तृत ब्योरा मांगा है, ताकि भविष्य में निर्माण के दौरान कोई बाधा न आए। अधिकारियों के अनुसार, नोएडा में सेक्टर 124 से 148 के बीच बुलेट ट्रेन का एक स्टेशन प्रस्तावित है, जबकि दूसरा स्टेशन नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पास बनाया जाएगा। इन दोनों स्थानों पर भूमि की संभावना एनएचएसआरसीएल देख रहा है। उपलब्धता के आधार पर ही डीपीआर को अंतिम रूप दिया जाएगा। एयरपोर्ट के पास स्टेशन को भूमिगत बनाने की योजना है, जबकि नोएडा में स्टेशन एलीवेटेड रहेगा।
बाजना क्षेत्र में गंगाजल पाइपलाइन परियोजना के चलते रूट को लेकर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। पाइपलाइन को शिफ्ट करने या डिजाइन में बदलाव जैसे विकल्पों पर विचार किया जा रहा है। इस संबंध में आगरा में बुधवार को एक बैठक भी मंडलायुक्त की अध्यक्षता में की गई थी जिससे समाधान निकाले जा सकें। इसमें एनएचएआई, पीडब्ल्यूडी, बिजली विभाग और नगर निगम के अधिकारी शामिल हुए। जल्द ही एक और बड़ी बैठक प्रस्तावित है।
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आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक बैठकों का सिलसिला इसीलिए शुरू किया गया है कि बुलेट ट्रेन का रूट फाइनल होने के बाद कोई बाधा नहीं आए।करीब 800 किलोमीटर लंबा यह हाईस्पीड कॉरिडोर नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना सिटी के लिए गेमचेंजर साबित हो सकता है। यह परियोजना दिल्ली, वाराणसी, कानपुर और लखनऊ को सीधे हाईस्पीड नेटवर्क से जोड़ेगी। परियोजना पूरी होने के बाद दिल्ली से नोएडा एयरपोर्ट की 63 किलोमीटर दूरी महज 21 मिनट में तय की जा सकेगी, जिससे न सिर्फ यात्रा आसान होगी बल्कि क्षेत्रीय विकास को भी नई गति मिलेगी।
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