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Noida News: रैन बसेरे के मलबे के बीच रहने के लिए मजबूर तीमारदार
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केजीएमयू के ट्रॉमा सेंटर में तीमारदार रैन बसेरे के मलबे के बीच रहने के लिए मजबूर हैं।
लखनऊ। केजीएमयू के ट्रॉमा सेंटर में डॉक्टर-अफसर एसी कमरों में बैठे हैं। उधर, तीमारदारों के लिए कोई इंतजाम नहीं है। यहां बना रैन बसेरा ध्वस्त कर दिया गया है। तीमारदार इसके मलबे के बीच रहने के लिए मजबूर हैं।
ट्रॉमा सेंटर की इमरजेंसी में रोजाना 300 से अधिक मरीज आते हैं। इनके तीमारदारों के ठहरने के लिए परिसर में बनाया गया रैन बसेरा तोड़ दिया गया है। तीमारदार इसके मलबे पर बिस्तर डालकर सो रहे हैं। अयोध्या निवासी शलिनी ने बताया कि रैन बसेरा तोड़ने से पहले अस्थायी इंतजाम करना चाहिए। शताब्दी के सामने रैन बसेरा बनाने का काम चल रहा है। उसमें पहले से बने बेड हमेशा भरे रहते हैं।
टिनशेड के नीचे खड़ी कर रखी एंबुलेंस
केजीएमयू प्रशासन ने रैन बसेरा हटाने के बाद पर्चा काउंटर के बगल में टिनशेड डलवाया था। अफसरों ने इसके नीचे एंबुलेंस खड़ी करवा रखी है। केजीएमयू के प्रवक्ता डॉ केके सिंह का कहना है कि तीमारदारों की सुविधा के लिए अस्थाई रैन बसेरे की व्यवस्था कराई जाएगी। टिनशेड के नीचे खड़ी एंबुलेंस को भी हटवाया जाएगा।
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ट्रॉमा सेंटर की इमरजेंसी में रोजाना 300 से अधिक मरीज आते हैं। इनके तीमारदारों के ठहरने के लिए परिसर में बनाया गया रैन बसेरा तोड़ दिया गया है। तीमारदार इसके मलबे पर बिस्तर डालकर सो रहे हैं। अयोध्या निवासी शलिनी ने बताया कि रैन बसेरा तोड़ने से पहले अस्थायी इंतजाम करना चाहिए। शताब्दी के सामने रैन बसेरा बनाने का काम चल रहा है। उसमें पहले से बने बेड हमेशा भरे रहते हैं।
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टिनशेड के नीचे खड़ी कर रखी एंबुलेंस
केजीएमयू प्रशासन ने रैन बसेरा हटाने के बाद पर्चा काउंटर के बगल में टिनशेड डलवाया था। अफसरों ने इसके नीचे एंबुलेंस खड़ी करवा रखी है। केजीएमयू के प्रवक्ता डॉ केके सिंह का कहना है कि तीमारदारों की सुविधा के लिए अस्थाई रैन बसेरे की व्यवस्था कराई जाएगी। टिनशेड के नीचे खड़ी एंबुलेंस को भी हटवाया जाएगा।
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