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बकाया 43 करोड़ जमा नहीं कराए, अजनारा का प्लॉट आवंटन निरस्त

Thu, 05 May 2022 01:39 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Thu, 05 May 2022 01:39 AM IST
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Arrears 43 crores not deposited, Ajnara's plot allotment canceled
नोएडा। यमुना प्राधिकरण ने 43 करोड़ बकाया राशि जमा नहीं करने और री-शिड्यूलमेंट पालिसी का उल्लंघन करने पर अजनारा बिल्डर के 25 एकड़ के प्लॉट का आवंटन निरस्त कर दिया है। फार्मूला-वन ट्रैक के सामने और जगनपुर-अफजलपुर के पास पेनोरमा प्रोजेक्ट में अधूरे फ्लैटों को अब प्राधिकरण बनाकर देगा। इस प्लॉट के निरस्त होने से फ्लैट खरीदारों पर कोई असर नहीं पड़ेगा। बिल्डर को पहले खरीदारों को पैसा लौटाना होगा या फिर कब्जा देने का शपथ पत्र देना होगा। इसके बाद ही 75 फीसदी राशि बिल्डर को मिलेगी। हालांकि, प्राधिकरण ने करीब 11 करोड़ रुपये की राशि नियम के अनुसार जब्त कर ली है।
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मुख्य कार्यपालक अधिकारी डॉ. अरुणवीर सिंह ने बताया कि अजनारा बिल्डर को 7 दिसंबर 2011 में प्लॉट आवंटित किया गया था। उस समय काफी कम कीमत देने पर ही आवंटन कर दिया गया था। बिल्डर को 2011 से 2013 तक और 2015 से 2017 तक शून्य काल का लाभ दिया गया। इसके बाद कई बार पैसा जमा कराने के लिए पत्र लिखा गया। जब एक करोड़ से अधिक का बकाया था तो 54 लाख रुपये जमा कराए थे। इसके बाद 4.63 करोड़ जमा कराने थे। साल-2019 में री-शिड्यूलमेंट पालिसी के तहत तीन किस्तों में बिल्डर को पैसा जमा कराने के लिए कहा गया, लेकिन तीन किस्त पूरी नहीं दे पाया। कई बार चेतावनी दी फिर भी पैसा जमा नहीं किया।
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पहली किस्त 19 मार्च 2020 को देनी थी और दूसरी किस्त 23 अप्रैल 2022 को देनी थी, लेकिन किस्त जमा नहीं की और एस्क्रो खाता भी बिल्डर नहीं खुलवाया, जबकि री-शिड्यूलमेंट पालिसी की यह शर्त होती है और किस्त टूटने पर प्लॉट निरस्त कर दिया जाता है। शुक्रवार को प्लॉट को निरस्त कर करीब 11 करोड़ रुपये की राशि जब्त की गई। कुल 3266 फ्लैट बनाने थे और इनमें 695 फ्लैट का आंशिक अधिभोग जारी कर दिया गया था। इनमें कुछ लोग रह रहे हैं।
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फ्लैट खरीदार नहीं होेंगे प्रभावित
सीईओ ने बताया कि फ्लैट खरीदारों को किसी तरह से प्रभावित नहीं होने दिया जाएगा। अधूरे फ्लैटों को यमुना प्राधिकरण बनाएगा। इसके लिए प्राधिकरण फॉरेंसिक ऑडिट कराएगा। बिल्डर का आवंटन निरस्त करने से पहले दो शर्त रखी गई हैं इन्हें पूरा करने पर ही बकाया 47 करोड़ रुपये मिलेंगे। इसमें पहली शर्त है कि बैंक से नो ड्यूज लेना होगा और दूसरा फ्लैट खरीदारों से प्रमाणपत्र लाकर देना होगा कि उन्हें पैसा या फ्लैट मिल गया है। इसके बाद ही बचे हुए पैसे वापस ले सकेगा।
यमुना प्राधिकरण अब तक 9 आवंटन कर चुका है निरस्त
प्राधिकरण की ओर से जेपी का करीब एक हजार हेक्टेयर, थ्रीसी के दो आवंटन और अब अजनारा का आवंटन निरस्त कर दिया है। अब तक 9 आवंटियों को झटका लग चुका है। इस तरह अगले कुछ माह में यदि बकाया जमा नहीं किया तो बिल्डरों पर इसी तरह की कार्रवाई की जाएगी।

एनसीएलटी जाने की फिराक में था बिल्डर
सूत्रों ने बताया कि बिल्डर दिवालिया घोषित कराने की योजना बना रहा था और जल्द ही एनसीएलटी में जाने का प्रयास कर रहा था। इससे खरीददार फंस जाते, लेकिन आवंटन निरस्त होने से फ्लैट खरीदार सुरक्षित है।
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