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Noida News: आबादी की ओर बढ़ा अरिंद का पानी, ग्रामीण चिंतित
Tue, 09 Sep 2025 01:05 AM IST
नोएडा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, नोएडा
संवाद न्यूज एजेंसी, नोएडा
Updated Tue, 09 Sep 2025 01:05 AM IST
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पुरदिल नगर के गांव नगला बरी को जाने वाले रास्ते पर जल भराव।संवाद
- फोटो : samvad
अरिंद नदी में बढ़ते जल स्तर के कारण अब नगला बिहारी को जाने वाले मार्ग के साथ गांव में भी पानी ने अपनी दस्तक दे दी है। अब पानी धीरे-धीरे आबादी क्षेत्र में बढ़ता जा रहा है। इस कारण ग्रामीण चिंतित हैं। इधर, करीब 1500 बीघा फसल बाजरा व धान की नष्ट हो गई है। अब ग्रामीणों के सामने पशुओं के लिए चारे की समस्या खड़ी होती जा रही है।
तहसील सिकंदराराऊ क्षेत्र के गांव नगला बरी, कलूपुरा, महाराजपुर, गोपालपुर, सिंचावली, नवाबपुर, नगला बिहारी, नगला उदैया, ब्राह्मण, सिंचावली कदीम, पुरदिलनगर, बरसामई, नगला मांधाती और सिहोरी में इन-दिनों अरिंद नदी का पानी खेतों तक पहुंच गया है। आलम यह है कि नगला बिहारी में तो यह पानी आबादी में भी प्रवेश कर गया है। इस कारण मकानों के सहारे पानी भर गया है।
ग्रामीणों का कहना है कि अगर जल्द ही पानी की निकासी नहीं की गई तो पानी मकानों में घुस जाएगा और घरेलू सामान को नुकसान होना भी शुरू हो जाएगा। फिलहाल पानी इन गांवों में धान व बाजरा की फसलों में घुस चुका है। फसल पूरी तरह से नष्ट हो चुकी है। नगला बिहारी से नगला बरी जाने वाले मार्ग पर भी पानी भर गया है। वाहन स्वामी पानी में होकर वाहन ले जाने पर मजबूर हैं।
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2024 में 3957 किसानों की फसल हुई थी नष्ट
वर्ष 2024 में भी इस नदी के कारण किसानों की फसल पूरी तरह से नष्ट हो गई थी। सरकारी आंकड़ों पर नजर डालें तो उस दौरान 3957 किसानों की फसल नष्ट हुई थी। हालांकि 1.68 करोड़ रुपये का मुआवजा बांटा गया था, लेकिन यह मुआवजा ऊंट के मुंह में जीरा के समान रहा। किसानों का आरोप था कि नुकसान के अनुसार मुआवजा नहीं मिल सका था। इस बार भी फसल नष्ट होना शुरू हो गई है।
खेत पूरी तरह जलमग्न हो गए। फसल बर्बाद हो गई। अगर नदी की सही समय से सफाई कराई जाती तो ये हालात नहीं बनते।
रामवीर, किसान, नगला बरी।
अब पानी आबादी की ओर बढ़ रहा है। इस कारण चिंता बनी हुई है। अगर जल स्तर कम नहीं हुआ तो घरों में पानी घुस जाएगा।
मान सिंह, किसान, नगला बरी।
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तहसील सिकंदराराऊ क्षेत्र के गांव नगला बरी, कलूपुरा, महाराजपुर, गोपालपुर, सिंचावली, नवाबपुर, नगला बिहारी, नगला उदैया, ब्राह्मण, सिंचावली कदीम, पुरदिलनगर, बरसामई, नगला मांधाती और सिहोरी में इन-दिनों अरिंद नदी का पानी खेतों तक पहुंच गया है। आलम यह है कि नगला बिहारी में तो यह पानी आबादी में भी प्रवेश कर गया है। इस कारण मकानों के सहारे पानी भर गया है।
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ग्रामीणों का कहना है कि अगर जल्द ही पानी की निकासी नहीं की गई तो पानी मकानों में घुस जाएगा और घरेलू सामान को नुकसान होना भी शुरू हो जाएगा। फिलहाल पानी इन गांवों में धान व बाजरा की फसलों में घुस चुका है। फसल पूरी तरह से नष्ट हो चुकी है। नगला बिहारी से नगला बरी जाने वाले मार्ग पर भी पानी भर गया है। वाहन स्वामी पानी में होकर वाहन ले जाने पर मजबूर हैं।
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2024 में 3957 किसानों की फसल हुई थी नष्ट
वर्ष 2024 में भी इस नदी के कारण किसानों की फसल पूरी तरह से नष्ट हो गई थी। सरकारी आंकड़ों पर नजर डालें तो उस दौरान 3957 किसानों की फसल नष्ट हुई थी। हालांकि 1.68 करोड़ रुपये का मुआवजा बांटा गया था, लेकिन यह मुआवजा ऊंट के मुंह में जीरा के समान रहा। किसानों का आरोप था कि नुकसान के अनुसार मुआवजा नहीं मिल सका था। इस बार भी फसल नष्ट होना शुरू हो गई है।
खेत पूरी तरह जलमग्न हो गए। फसल बर्बाद हो गई। अगर नदी की सही समय से सफाई कराई जाती तो ये हालात नहीं बनते।
रामवीर, किसान, नगला बरी।
अब पानी आबादी की ओर बढ़ रहा है। इस कारण चिंता बनी हुई है। अगर जल स्तर कम नहीं हुआ तो घरों में पानी घुस जाएगा।
मान सिंह, किसान, नगला बरी।