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चाइल्ड पीजीआई में पैरामेडिकल और नर्सिंग पाठ्यक्रम को मंजूरी
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सेक्टर-30 स्थित पीजीआई में ओटी कॉम्प्लेक्स का उद्घाटन करते मुख्य सचिव।
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नोएडा। प्रदेशभर में बच्चों के बेहतर उपचार के लिए कुशल पैरामेडिकल और नर्सिंग स्टाफ नोएडा के सेक्टर-30 स्थित चाइल्ड पीजीआई में तैयार होगा। रविवार को प्रदेश के मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्रा की अध्यक्षता में हुई संस्थान की गवर्निंग बॉडी की बैठक यह फैसला लिया गया। माना जा रहा है कि अगले सत्र से दो वर्षीय पैरामेडिकल और बीएससी नर्सिंग पाठ्यक्रम में दाखिले की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। बैठक के दौरान 15 बिंदुओं पर चर्चा की गई।
चाइल्ड पीजीआई प्रबंधन नए पाठ्यक्रम शुरू करने के लिए जल्द से जल्द प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजेगा। वहां से मंजूरी मिलने के बाद नए पाठ्यक्रमों में दाखिले की प्रक्रिया प्रारंभ की जाएगी। फिलहाल, दोनों ही पाठ्यक्रमों में 40-40 सीटों की उपलब्धता पर विचार किया जाएगा। साथ ही, कई सर्टिफिकेट कोर्स भी शुरू किए जाएंगे। बैठक में प्रमुख सचिव चिकित्सा शिक्षा एवं प्रशिक्षण आलोक कुमार, विशेष सचिव वित्त पुष्पराज सक्सेना, मेरठ मंडल के आयुक्त सुरेंद्र सिंह, जिलाधिकारी सुहास एलवाई, नोएडा प्राधिकरण की सीईओ रितु माहेश्वरी, संस्थान के निदेशक प्रो. अजय सिंह, जिम्स के निदेशक प्रो. राकेश गुप्ता, प्रो. सरोज चूड़ामणि गोपाल, केजीएमयू की पूर्व वाइस चांसलर प्रो. सोनिया नित्यानंद, डॉ. आरएमएल इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज लखनऊ के निदेशक डॉ. विजेंद्र सिंह नागर आदि उपस्थित रहे।
आधुनिक सुविधाओं से लैस ओटी कांप्लेक्स की शुरुआत
स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में बढ़ोतरी करते हुए चाइल्ड पीजीआई में छह करोड़ की लागत से ऑपरेशन थियेटर कांप्लेक्स तैयार किया गया है। इसका लोकार्पण मुख्य सचिव ने किया। स्टार्ट इंडिया फाउंडेशन व एशियन पेंट्स के सहयोग से संस्थान के भवन पर विकसित आर्ट वर्क के पहले फेज का लोकार्पण भी किया गया। संस्थान के निदेशक प्रो. अजय सिंह ने बताया कि आधुनिक सुविधाओं से लैस ओटी में अब कई अन्य तरह की सर्जरी भी हो सकेंगी जिनकी सुविधा पहले नहीं मिल रहीं थीं।
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जिला अस्पताल शिफ्ट करने के निर्देश
सेक्टर-30 में चाइल्ड पीजीआई के भवन में जिला अस्पताल का संचालन किया जा रहा है। मुख्य सचिव के समक्ष अस्पताल को सेक्टर-39 की बिल्डिंग में शिफ्ट करने का मुद्दा उठा। मुख्य सचिव में जिलाधिकारी को जल्द से जल्द अस्पताल की शिफ्टिंग के निर्देश दिए, ताकि परिसर खाली होने पर उसमें नए पाठ्यक्रमों के लिए सुविधा उपलब्ध कराई जा सके। साथ ही, आईसीयू बेड बढ़ाने की योजना भी है जो परिसर खाली होने पर ही उपलब्ध होगी।
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चाइल्ड पीजीआई प्रबंधन नए पाठ्यक्रम शुरू करने के लिए जल्द से जल्द प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजेगा। वहां से मंजूरी मिलने के बाद नए पाठ्यक्रमों में दाखिले की प्रक्रिया प्रारंभ की जाएगी। फिलहाल, दोनों ही पाठ्यक्रमों में 40-40 सीटों की उपलब्धता पर विचार किया जाएगा। साथ ही, कई सर्टिफिकेट कोर्स भी शुरू किए जाएंगे। बैठक में प्रमुख सचिव चिकित्सा शिक्षा एवं प्रशिक्षण आलोक कुमार, विशेष सचिव वित्त पुष्पराज सक्सेना, मेरठ मंडल के आयुक्त सुरेंद्र सिंह, जिलाधिकारी सुहास एलवाई, नोएडा प्राधिकरण की सीईओ रितु माहेश्वरी, संस्थान के निदेशक प्रो. अजय सिंह, जिम्स के निदेशक प्रो. राकेश गुप्ता, प्रो. सरोज चूड़ामणि गोपाल, केजीएमयू की पूर्व वाइस चांसलर प्रो. सोनिया नित्यानंद, डॉ. आरएमएल इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज लखनऊ के निदेशक डॉ. विजेंद्र सिंह नागर आदि उपस्थित रहे।
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आधुनिक सुविधाओं से लैस ओटी कांप्लेक्स की शुरुआत
स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में बढ़ोतरी करते हुए चाइल्ड पीजीआई में छह करोड़ की लागत से ऑपरेशन थियेटर कांप्लेक्स तैयार किया गया है। इसका लोकार्पण मुख्य सचिव ने किया। स्टार्ट इंडिया फाउंडेशन व एशियन पेंट्स के सहयोग से संस्थान के भवन पर विकसित आर्ट वर्क के पहले फेज का लोकार्पण भी किया गया। संस्थान के निदेशक प्रो. अजय सिंह ने बताया कि आधुनिक सुविधाओं से लैस ओटी में अब कई अन्य तरह की सर्जरी भी हो सकेंगी जिनकी सुविधा पहले नहीं मिल रहीं थीं।
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जिला अस्पताल शिफ्ट करने के निर्देश
सेक्टर-30 में चाइल्ड पीजीआई के भवन में जिला अस्पताल का संचालन किया जा रहा है। मुख्य सचिव के समक्ष अस्पताल को सेक्टर-39 की बिल्डिंग में शिफ्ट करने का मुद्दा उठा। मुख्य सचिव में जिलाधिकारी को जल्द से जल्द अस्पताल की शिफ्टिंग के निर्देश दिए, ताकि परिसर खाली होने पर उसमें नए पाठ्यक्रमों के लिए सुविधा उपलब्ध कराई जा सके। साथ ही, आईसीयू बेड बढ़ाने की योजना भी है जो परिसर खाली होने पर ही उपलब्ध होगी।