{"_id":"614f72f48ebc3e02633cd351","slug":"approval-for-multimodal-transport-and-logistics-hub-near-bodaki-noida-news-noi6067743128","type":"story","status":"publish","title_hn":"बोड़ाकी के पास मल्टीमॉडल ट्रांसपोर्ट और लॉजिस्टिक हब को मिली मंजूरी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बोड़ाकी के पास मल्टीमॉडल ट्रांसपोर्ट और लॉजिस्टिक हब को मिली मंजूरी
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बग्रेटर नोएडा। ग्रेनो प्राधिकरण की 123वीं बोर्ड बैठक शनिवार को हुई। इसमें विकास और राहत से जुड़े 11 प्रस्तावों पर मुहर लगी। सबसे महत्वपूर्ण बोड़ाकी के पास बनने वाले मल्टीमॉडल ट्रांसपोर्ट हब और लॉजिस्टिक हब की डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) को बोर्ड के सामने रखा गया। बोर्ड ने इसे मंजूरी देते हुए शासन को भेज दिया। परियोजना के तहत रेलवे टर्मिनल, अंतरराज्यीय व स्थानीय बस अड्डे और तीन किमी लंबी मेट्रो लाइन बनेगी। यहां स्काईवॉक का भी निर्माण होगा। परियोजना में लगभग 20 हजार करोड़ रुपये खर्च होंगे और एक लाख से अधिक लोगों को रोजगार मिलेगा।
ग्रेनो प्राधिकरण ने भारत सरकार के सहयोग से बोड़ाकी के आसपास सात गांवों की 478 हेक्टेयर जमीन पर योजना तैयार की है। दोनों परियोजनाओं पर भारत सरकार की मंजूरी मिल चुकी है। मल्टीमॉडल ट्रांसपोर्ट हब के अंतर्गत बोड़ाकी के पास रेलवे टर्मिनल, अंतरराज्यीय व स्थानीय बस अड्डे और मेट्रो कनेक्टिविटी की सुविधा विकसित की जाएगी। बोर्ड बैठक की अध्यक्षता नोएडा-ग्रेनो प्राधिकरण के चेयरमैन संजीव मित्तल ने की। बैठक में औद्योगिक विकास विभाग के प्रमुख सचिव अरविंद कुमार, ग्रेनो प्राधिकरण के सीईओ नरेंद्र भूषण, नोएडा प्राधिकरण की सीईओ रितु माहेश्वरी, यीडा के सीईओ डॉ. अरुणवीर सिंह, ग्रेनो प्राधिकरण के एसीईओ दीपचंद्र व एसीईओ अमनदीप डुली व शासन से अन्य अधिकारी व प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।
दिल्ली-आनंद विहार रेलवे स्टेशन जाने की जरूरत नहीं होगी
बोड़ाकी के पास रेलवे टर्मिनल बनाने के लिए रेल मंत्रालय ने मंजूरी दी है। अगले पांच साल में इसके बनने के बाद पूर्व ओर जाने वाली अधिकतर ट्रेनें यहीं से चलेंगी। ग्रेटर नोएडा व उसके आसपास रहने वालों को पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल आदि के लिए ट्रेनें यहीं से मिल सकेगी। उन्हें दिल्ली, नई दिल्ली व आनंद विहार रेलवे स्टेशन जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
विज्ञापन
अंतरराज्यीय व स्थानीय बस अड्डे बनेंगे
अंतरराज्यीय व लोकल बस अड्डा बनने से उद्योगों में काम करने वालों के लिए दूरदराज से आने वाले लोगों को परेशानी नहीं होगी। यहां से लोकल बसें भी मिलेंगी। लोग कंपनी-फैक्ट्री व घरों तक पहुंच सकेंगे। इससे कहीं जाने के लिए भी बस सुविधा का लाभ उठा सकेंगे।
तीन किमी लंबी मेट्रो लाइन से मिलेगी राहत
नोएडा-ग्रेटर नोएडा को जोड़ते हुए डिपो स्टेशन से मल्टीमॉडल ट्रांसपोर्ट हब तक मेट्रो स्टेशन है। मौजूदा डिपो स्टेशन से मल्टीमॉडल ट्रांसपोर्ट हब तक करीब तीन किलोमीटर लंबी मेट्रो लाइन भी बनेगी।
लॉजिस्टिक हब से माल ढुलाई की राह होगी आसान
लॉजिस्टिक हब से माल ढुलाई की राह आसान हो जाएगी। नोएडा, ग्रेटर नोएडा व यमुना प्राधिकरण के उद्योगों की जरूरत को देखते हुए यह परियोजना बेहद अहम है। मुंबई, गुजरात आदि जगहों पर जाने में चार से पांच दिन लगते हैं, इसके शुरू होने के बाद माल डेढ़ दिन में पहुंच सकेगा। दादरी के पास से गुजर रहा डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर इससे जुड़ेगा। इसके अलावा लॉजिस्टिक हब में वेयर हाउस भी बनेंगे।
रेलवे, बस अड्डे व मेट्रो स्टेशन को जोड़ेगा स्काई वॉक
मल्टीमॉडल ट्रांसपोर्ट हब में प्रस्तावित रेलवे स्टेशन, मेट्रो स्टेशन और बस अड्डे को स्काई वॉक (ट्रैवलर) से जोड़ा जाएगा। इससे यात्रियों को बहुत सुविधा हो जाएगी। यात्रियों को रेलवे स्टेशन से बस अड्डा या फिर मेट्रो स्टेशन के बीच सामान लेकर पैदल नहीं चलना पड़ेगा, बल्कि एक जगह खड़े होकर लोग गंतव्य तक पहुंच सकेंगे। मल्टीमॉडल ट्रांसपोर्ट हब को दिल्ली के आनंद विहार से भी बेहतर और सुविधाजनक बनाने की तैयारी है।
विज्ञापन
ग्रेनो प्राधिकरण ने भारत सरकार के सहयोग से बोड़ाकी के आसपास सात गांवों की 478 हेक्टेयर जमीन पर योजना तैयार की है। दोनों परियोजनाओं पर भारत सरकार की मंजूरी मिल चुकी है। मल्टीमॉडल ट्रांसपोर्ट हब के अंतर्गत बोड़ाकी के पास रेलवे टर्मिनल, अंतरराज्यीय व स्थानीय बस अड्डे और मेट्रो कनेक्टिविटी की सुविधा विकसित की जाएगी। बोर्ड बैठक की अध्यक्षता नोएडा-ग्रेनो प्राधिकरण के चेयरमैन संजीव मित्तल ने की। बैठक में औद्योगिक विकास विभाग के प्रमुख सचिव अरविंद कुमार, ग्रेनो प्राधिकरण के सीईओ नरेंद्र भूषण, नोएडा प्राधिकरण की सीईओ रितु माहेश्वरी, यीडा के सीईओ डॉ. अरुणवीर सिंह, ग्रेनो प्राधिकरण के एसीईओ दीपचंद्र व एसीईओ अमनदीप डुली व शासन से अन्य अधिकारी व प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।
विज्ञापन
दिल्ली-आनंद विहार रेलवे स्टेशन जाने की जरूरत नहीं होगी
बोड़ाकी के पास रेलवे टर्मिनल बनाने के लिए रेल मंत्रालय ने मंजूरी दी है। अगले पांच साल में इसके बनने के बाद पूर्व ओर जाने वाली अधिकतर ट्रेनें यहीं से चलेंगी। ग्रेटर नोएडा व उसके आसपास रहने वालों को पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल आदि के लिए ट्रेनें यहीं से मिल सकेगी। उन्हें दिल्ली, नई दिल्ली व आनंद विहार रेलवे स्टेशन जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
विज्ञापन
अंतरराज्यीय व स्थानीय बस अड्डे बनेंगे
अंतरराज्यीय व लोकल बस अड्डा बनने से उद्योगों में काम करने वालों के लिए दूरदराज से आने वाले लोगों को परेशानी नहीं होगी। यहां से लोकल बसें भी मिलेंगी। लोग कंपनी-फैक्ट्री व घरों तक पहुंच सकेंगे। इससे कहीं जाने के लिए भी बस सुविधा का लाभ उठा सकेंगे।
तीन किमी लंबी मेट्रो लाइन से मिलेगी राहत
नोएडा-ग्रेटर नोएडा को जोड़ते हुए डिपो स्टेशन से मल्टीमॉडल ट्रांसपोर्ट हब तक मेट्रो स्टेशन है। मौजूदा डिपो स्टेशन से मल्टीमॉडल ट्रांसपोर्ट हब तक करीब तीन किलोमीटर लंबी मेट्रो लाइन भी बनेगी।
लॉजिस्टिक हब से माल ढुलाई की राह होगी आसान
लॉजिस्टिक हब से माल ढुलाई की राह आसान हो जाएगी। नोएडा, ग्रेटर नोएडा व यमुना प्राधिकरण के उद्योगों की जरूरत को देखते हुए यह परियोजना बेहद अहम है। मुंबई, गुजरात आदि जगहों पर जाने में चार से पांच दिन लगते हैं, इसके शुरू होने के बाद माल डेढ़ दिन में पहुंच सकेगा। दादरी के पास से गुजर रहा डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर इससे जुड़ेगा। इसके अलावा लॉजिस्टिक हब में वेयर हाउस भी बनेंगे।
रेलवे, बस अड्डे व मेट्रो स्टेशन को जोड़ेगा स्काई वॉक
मल्टीमॉडल ट्रांसपोर्ट हब में प्रस्तावित रेलवे स्टेशन, मेट्रो स्टेशन और बस अड्डे को स्काई वॉक (ट्रैवलर) से जोड़ा जाएगा। इससे यात्रियों को बहुत सुविधा हो जाएगी। यात्रियों को रेलवे स्टेशन से बस अड्डा या फिर मेट्रो स्टेशन के बीच सामान लेकर पैदल नहीं चलना पड़ेगा, बल्कि एक जगह खड़े होकर लोग गंतव्य तक पहुंच सकेंगे। मल्टीमॉडल ट्रांसपोर्ट हब को दिल्ली के आनंद विहार से भी बेहतर और सुविधाजनक बनाने की तैयारी है।