फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Noida News ›   Apna Ghar Ashram in Noida reunited two mothers with their children

Noida: तीन साल से बिछड़ीं दो बच्चों की मां को मिली उनकी ममता, अपना घर आश्रम की एक साल की कोशिश लाई रंग

Fri, 01 Aug 2025 03:06 PM IST
विजय पुंडीर अमर उजाला नेटवर्क, नोएडा
अमर उजाला नेटवर्क, नोएडा Published by: विजय पुंडीर Updated Fri, 01 Aug 2025 03:06 PM IST
सार

अपना घर आश्रम के सचिव निरंजन गुप्ता ने बताया कि आश्रम में 44 वर्षीय आपा दिसंबर 2023 को और नवंबर 2022 को 26 वर्षीय सबाना को लाया गया था। आपा की बेटी परी की उम्र 11 साल और शबाना की बेटी श्रुति की उम्र 10 साल थी। यह दोनों महिलाएं मेरठ के एक आश्रम से पुलिस द्वारा लाई गई थीं।

विज्ञापन
Apna Ghar Ashram in Noida reunited two mothers with their children
अपना घर आश्रम ने दो मां को उनके बच्चों से मिलवाया - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

नोएडा के सेक्टर 34 स्थित अपना घर आश्रम में तीन साल से रह रही दो महिलाओं को उनके बच्चों से मिलवाया गया है। अपना घर आश्रम का स्टाफ इस कार्य के लिए पिछले एक साल से प्रयासरत था। अपने बच्चों से बिछड़ी मां को आखिर उनके प्यारे बच्चे मिल गए। बच्चों के साथ दोनों महिलाओं को राजस्थान स्थित भरतपुर आश्रम भेजा गया है। यह दोनों महिलाएं मानसिक रूप से विक्षिप्त हैं और तीन साल पहले अपने परिवार से बिछड़ गई थीं।

विज्ञापन


अपना घर आश्रम के सचिव निरंजन गुप्ता ने बताया कि आश्रम में 44 वर्षीय आपा दिसंबर 2023 को और नवंबर 2022 को 26 वर्षीय सबाना को लाया गया था। आपा की बेटी परी की उम्र 11 साल और शबाना की बेटी श्रुति की उम्र 10 साल थी। यह दोनों महिलाएं मेरठ के एक आश्रम से पुलिस द्वारा लाई गई थीं। वहीं, बच्चों को सेक्टर 62 स्थित राजकीय बाल गृह (बालिका) में छोड़ दिया गया था। दोनों बेटियां अपनी मां से दूर रहती थीं। इधर, आपा और सबाना अपनी बेटियों से मिलने के लिए परेशान रहती थीं और बच्चों की याद में रोती रहती थीं। रोजाना वीडियो कॉल पर बात करवाने की जिद करती रहती थीं। ऐसे में स्टाफ की ओर से वीडियो कॉल लगाकर बात करवाई जाती थी। दो-तीन बार मिलवाया भी गया।
विज्ञापन


एक साल तक किया गया प्रयास
आश्रम के मीडिया प्रभारी संजीव चौधरी ने बताया कि यहां पर बच्चों को उनके साथ रखना संभव नहीं था क्योंकि यहां बच्चों को रहने की अनुमति नहीं है। ऐसे में हमने सरकार से गुहार लगाई और दोनों महिलाओं को भरतपुर भिजवाने का अनुरोध किया। एक साल तक लगातार प्रयास के बाद जिला प्रशासन से अनुमित मिल गई और दोनों महिलाओं को बच्चों के साथ भरतपुर भिजवा दिया गया है। शबाना के घरवालों का पता चल गया था लेकिन घरवालों ने ले जाने से मना कर दिया था।
विज्ञापन
विज्ञापन


उत्तर प्रदेश में भी ऐसा आश्रम बनाया जाए
सचिव निरंजन गुप्ता ने बताया कि महिलाओं को भरतपुर इसलिए भिजवाया गया क्योंकि उत्तर प्रदेश में इस तरह के आश्रम नहीं हैं जहां पर महिलाओं के साथ उनके बच्चों को भी रखा जा सके। भरतपुर में एक ही कैंपस में महिलाओं का वार्ड और बच्चों का वार्ड अलग-अलग है ऐसे में दिन में दो-तीन बार अपने बच्चों से मिल सकेंगी। इस कार्य में अपना घर आश्रम के संरक्षक रतन हवेलिया, प्रधान नानूराम जिंदल, स्टाफ से ब्यूटी और गायत्री समेत अन्य लोगों का भी सहयोग रहा है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed