नूंह। महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से गांव-गांव में नुक्कड़ नाटकों के माध्यम से महिलाओं को पोषक तत्वों के प्रति जागरूक किया जा रहा है। उपायुक्त धीरेंद्र खड़गटा ने बताया कि जिले में लगभग 60 फीसदी बच्चों और महिलाओं में खून की कमी है। जागरूकता अभियान से इस कमी को पूरा किया जा सकता है।
उन्होंने बताया कि महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे पोषक तत्वों वाली चीजों का मेन्यू तैयार करें और संबंधित क्षेत्र में इसका वितरण करें, ताकि महिलाएं घरों पर ही पोषक तत्व प्राप्त कर सकें। उन्होंने कहा कि नुक्कड़ नाटकों का मकसद भी यही है कि ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं को आसान तरीके से पोषक तत्वों के बारे में जानकारी दी जा सके। साथ ही नाटकों में साफ-सफाई का महत्व बताया जा रहा है। इसके अलावा गीले और सूखे कचरे को अलग-अलग करने के बारे में भी प्रेरित किया जा रहा है। गंदगी से छोटे बच्चों में डायरिया की बीमारी हो सकती है, जोकि बच्चे की मृत्यु का कारण भी बन सकती है। समय पर संपूर्ण टीकाकरण करवाने के बारे में ग्रामीणों को जागरूक किया जा रहा है। वहीं, पहली बार गर्भवती होने पर प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना और ‘आपकी बेटी-हमारी बेटी’ योजना के अंतर्गत पहली, दूसरी और तीसरी बेटी का एक वर्ष के अंदर फार्म भरने पर मिलने वाले लाभ की जानकारी दी जा रही है।