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Noida News: देरी से सूचना के आधार पर क्लेम खारिज नहीं कर सकती बीमा कंपनी

Sat, 17 Oct 2026 09:18 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Sat, 17 Oct 2026 09:18 PM IST
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An insurance company cannot reject a claim on the grounds of delayed notification.
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उपभोक्ता आयोग ने दिया 12 लाख रुपये भुगतान का आदेश
संवाद न्यूज एजेंसी
ग्रेटर नोएडा।
वाहन चोरी होने की सूचना बीमा कंपनी को देरी से देने के आधार पर वह क्लेम देने से इंकार नहीं कर सकती। ऐसे ही एक मामले में जिला उपभोक्ता आयोग ने यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड को ट्रक की बीमित राशि 12 लाख रुपये का छह फीसदी ब्याज सहित 30 दिन के भीतर भुगतान करने का आदेश दिया है। कंपनी को पांच हजार रुपये वाद व्यय के रूप में भी देने होंगे। मामले की सुनवाई आयोग के अध्यक्ष अनिल कुमार पुंडीर और सदस्य अंजू शर्मा ने की।
ग्रेटर नोएडा के तिलपता गांव निवासी संजीव कुमार ने 30 नवंबर 2015 को अपने ट्रक का बीमा यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड से कराया था। 22 मार्च 2016 को उनका ट्रक सुप्रीम कंपनी ग्रेटर नोएडा के सामने से चोरी हो गया। काफी तलाश करने के बाद भी वाहन नहीं मिला तो उन्होंने उसी दिन पुलिस को सूचना दी। इसके बाद चोरी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई। पुलिस ने जांच के बाद वाहन बरामद नहीं होने पर अंतिम रिपोर्ट न्यायालय में पेश की, जिसे न्यायालय ने स्वीकार कर लिया।
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संजीव कुमार ने वाहन चोरी होने की सूचना बीमा कंपनी को दी और क्लेम के लिए मांगे गए दस्तावेज भी जमा कराए। इसके बावजूद कई बार संपर्क करने पर भी कंपनी ने क्लेम का भुगतान नहीं किया और न ही कोई संतोषजनक जवाब दिया। वाहन मालिक ने बीमा राशि दिलाने के लिए जिला उपभोक्ता आयोग में शिकायत दर्ज कराई।
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बीमा कंपनी ने देरी से सूचना देने का दिया हवाला: सुनवाई के दौरान बीमा कंपनी ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि वाहन चोरी होने की सूचना उसे 73 दिन बाद दी गई थी। जबकि बीमा पॉलिसी की शर्तों के अनुसार चोरी की जानकारी तत्काल कंपनी को देना जरूरी था। इसी आधार पर कंपनी ने क्लेम खारिज करने को उचित ठहराया। दोनों पक्षों को सुनने और साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद जिला उपभोक्ता आयोग ने माना कि वाहन मालिक ने चोरी की घटना के दिन ही पुलिस को सूचना दे दी थी। चोरी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी और वाहन बरामद नहीं होने पर पुलिस ने अंतिम रिपोर्ट भी न्यायालय में पेश की थी, जिसे स्वीकार कर लिया गया।
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