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ज्योतिष को बचाएं, संस्कारों को संवारें : पवन सिन्हा

Mon, 04 Aug 2025 07:08 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Mon, 04 Aug 2025 07:08 PM IST
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Amar Ujala Maya Astrology Save Mahakumbh Astrology, Preserve Rituals: Pawan Sinha
ज्योतिषाचार्य ने युवाओं कहा - गलत उपाय और रील्स से ज्योतिष की साख को खतरा
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अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। पांचवें सत्र में ज्योतिषाचार्य पवन सिन्हा ने ज्योतिष की साख और समाज पर इसके प्रभाव की गहरी बातें कहीं। उन्होंने युवाओं से ज्योतिष को गंभीरता से पढ़ने व गलत उपायों से बचने की अपील की। उन्होंने कहा कि ज्योतिष को बचाएं और संस्कारों को संवारें। साथ ही, बच्चों के भविष्य को संस्कारों से जोड़ा और मानसिक स्वास्थ्य जैसे गंभीर मुद्दों पर खुलकर बात करने की जरूरत बताई।
पवन सिन्हा ने ज्योतिष की वर्तमान स्थिति और इसकी जिम्मेदारी पर बात की। उन्होंने कहा कि आज युवा ज्योतिष की ओर बढ़ रहे हैं लेकिन कुछ लोग इसे मजाक भी बनाते हैं। उन्होंने कहा कि ज्योतिषियों की जिम्मेदारी है कि वह तर्कसंगत उपाय दें न कि पैसों के लिए समाज को गुमराह करें। माता-पिता के ग्रह बच्चों के भविष्य को प्रभावित करते हैं। अगर मां का शुक्र या चंद्रमा कमजोर है तो बच्चे पर इसका असर पड़ता है। ऐसे में बच्चे की जगह माता-पिता को उपाय करने चाहिए। इसी तरह अगर पिता का मंगल खराब है तो बच्चे पर प्रभाव पड़ता है। गर्भ में बच्चे पर माता-पिता के बुध-राहु के असर से तिकड़म की प्रवृत्ति आ सकती है। सिन्हा ने जोर दिया कि कुंडली मिलान में सिर्फ चंद्रमा नहीं पूरी कुंडली देखनी चाहिए।
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ज्योतिष में तनाव और ऑटिज्म का भी इलाज

पवन सिन्हा ने मानसिक स्वास्थ्य को बड़ी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि आज बड़ी संख्या में युवा तनाव के शिकार हैं और ऑटिज्म जैसी समस्याएं बढ़ रही हैं। इनके लिए ज्योतिष में तरंगों के जरिए उपाय संभव हैं लेकिन समाज में मानसिक रोग को स्वीकार करने की जरूरत है। उन्होंने बच्चों के संस्कारों पर जोर देते हुए कहा कि तंत्र-मंत्र से ज्यादा संस्कार भविष्य बनाते हैं। उन्होंने ज्योतिष को आधुनिक समय के साथ ढालने की बात कही। उन्होंने कहा कि पहले कुंडली के भाव पर ध्यान नहीं दिया जाता था लेकिन अब ज्योतिषी इसे देखते हैं। बदलते समय के साथ ज्योतिष को नई परिभाषाएं देनी होंगी। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे ज्योतिष को गंभीरता से पढ़ें, शोध करें और अभ्यास करें। ज्योतिष का सम्मान तभी बचेगा जब इसे सरलता और सच्चाई से अपनाया जाए।
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