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शैक्षणिक गतिविधियों के साथ छात्रों की खेलों में भी भागीदारी जरूरी : प्रो. भगवान चौधरी
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कुरुक्षेत्र। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के भूभौतिकी विभाग के एसपीजी-केयूजीएस स्टूडेंट चैप्टर की ओर से विभागीय स्तर की खेलकूद प्रतियोगिता का आयोजन किया गया।
विभागाध्यक्ष प्रो. भगवान सिंह चौधरी ने कहा कि इस आयोजन का उद्देश्य छात्रों को शैक्षणिक गतिविधियों के अतिरिक्त खेलों में भी भागीदारी के लिए प्रेरित करना और उनके सर्वांगीण विकास को बढ़ावा देना रहा। खेलों के माध्यम से न केवल विद्यार्थियों में शारीरिक तंदुरुस्ती को प्रोत्साहित करना बल्कि आपसी सहयोग, अनुशासन और टीम भावना का विकास भी इस कार्यक्रम का प्रमुख लक्ष्य है।
प्रतियोगिता में तीन खेलों रिले रेस, स्लो साइक्लिंग और बैडमिंटन का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। रिले रेस ने विद्यार्थियों में टीमवर्क, तालमेल और गति के महत्व को उजागर किया। स्लो साइक्लिंग ने प्रतिभागियों की संतुलन क्षमता और धैर्य की परख की, जबकि बैडमिंटन में खिलाड़ियों ने अपनी फुर्ती, रणनीति और कौशल का प्रदर्शन करते हुए प्रतियोगिता को और रोमांचक बना दिया। छात्रों ने इस अवसर पर अपनी संतुष्टि व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे आयोजनों से पढ़ाई और खेलों के बीच संतुलन बनाने की प्रेरणा मिलती है। सभी ने आशा जताई कि भविष्य में भी इस प्रकार की खेलकूद प्रतियोगिताएं नियमित रूप से आयोजित की जाएंगी जिससे विद्यार्थियों में शारीरिक फिटनेस, आत्मविश्वास, अनुशासन और नेतृत्व क्षमता को निरंतर बढ़ावा मिलता रहेगा।
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विभागाध्यक्ष प्रो. भगवान सिंह चौधरी ने कहा कि इस आयोजन का उद्देश्य छात्रों को शैक्षणिक गतिविधियों के अतिरिक्त खेलों में भी भागीदारी के लिए प्रेरित करना और उनके सर्वांगीण विकास को बढ़ावा देना रहा। खेलों के माध्यम से न केवल विद्यार्थियों में शारीरिक तंदुरुस्ती को प्रोत्साहित करना बल्कि आपसी सहयोग, अनुशासन और टीम भावना का विकास भी इस कार्यक्रम का प्रमुख लक्ष्य है।
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प्रतियोगिता में तीन खेलों रिले रेस, स्लो साइक्लिंग और बैडमिंटन का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। रिले रेस ने विद्यार्थियों में टीमवर्क, तालमेल और गति के महत्व को उजागर किया। स्लो साइक्लिंग ने प्रतिभागियों की संतुलन क्षमता और धैर्य की परख की, जबकि बैडमिंटन में खिलाड़ियों ने अपनी फुर्ती, रणनीति और कौशल का प्रदर्शन करते हुए प्रतियोगिता को और रोमांचक बना दिया। छात्रों ने इस अवसर पर अपनी संतुष्टि व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे आयोजनों से पढ़ाई और खेलों के बीच संतुलन बनाने की प्रेरणा मिलती है। सभी ने आशा जताई कि भविष्य में भी इस प्रकार की खेलकूद प्रतियोगिताएं नियमित रूप से आयोजित की जाएंगी जिससे विद्यार्थियों में शारीरिक फिटनेस, आत्मविश्वास, अनुशासन और नेतृत्व क्षमता को निरंतर बढ़ावा मिलता रहेगा।
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