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Noida News: फर्जी इस्तीफा बनाकर कंपनी से बाहर करने का आरोप

Sat, 23 May 2026 06:09 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Sat, 23 May 2026 06:09 PM IST
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Allegation of being ousted from the company through a forged resignation.
फर्जी इस्तीफा बनाकर कंपनी से बाहर करने का आरोप
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कोर्ट के आदेश पर प्राथमिकी दर्ज कर जांच में जुटी पुलिस
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। लेड एसिड बैटरी निर्माण करने वाली कंपनी के निदेशक ने अपने ही साझेदारों और उनके परिजनों पर फर्जी दस्तावेज तैयार कर कंपनी से बाहर करने का आरोप लगाया है। कोर्ट के आदेश पर सूरजपुर कोतवाली पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की है।
जेपी ग्रीन्स निवासी उदय चौधरी का कहना है कि वर्ष 2023 में प्रिज्मिक इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड में निदेशक नियुक्त हुए थे। कंपनी का कारखाना यूपीएसआईडीए इंडस्ट्रियल एरिया साइट-बी सूरजपुर में स्थित है और कंपनी लेड एसिड बैटरी निर्माण का कारोबार करती है। कंपनी में कुल तीन निदेशक थे। जिनमें उदय चौधरी की 20 प्रतिशत, कुणाल जैन की 70 प्रतिशत और मुकुल सिंह कुशवाहा की 10 प्रतिशत हिस्सेदारी थी। कंपनी का मुख्य संचालन कुणाल जैन द्वारा किया जाता था, जबकि उदय चौधरी स्लीपिंग डायरेक्टर के रूप में कार्य कर रहे थे।
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वादी के अनुसार दिसंबर 2023 में वह निजी कारणों और कारोबार विस्तार के उद्देश्य से लंदन चले गए थे। इस दौरान वे अन्य निदेशकों के संपर्क में रहे और उन्हें लगातार यह भरोसा दिलाया जाता रहा कि कंपनी का संचालन सही तरीके से चल रहा है। फरवरी 2025 में भारत लौटने पर उन्हें कथित अनियमितताओं की जानकारी मिली। उनके साझेदारों ने आपराधिक षड्यंत्र के तहत उनके फर्जी हस्ताक्षर कर कंपनी के निदेशक पद से इस्तीफा नामक एक कथित इस्तीफा पत्र तैयार कर लिया। इस दस्तावेज में दर्शाया गया कि उन्होंने कंपनी के निदेशक पद से इस्तीफा दे दिया है, जबकि उन्होंने कभी कोई त्यागपत्र नहीं दिया। आरोपियों ने इसी आधार पर कंपनी की एक फर्जी बोर्ड मीटिंग दर्शाई और 1 मार्च 2026 से उनका इस्तीफा प्रभावी होना दिखा दिया। इसके बाद इन फर्जी दस्तावेजों को आरओसी और एमसीए पोर्टल पर और फार्मों के माध्यम से अपलोड कर सरकारी रिकॉर्ड में भी बदलाव कराया गया। आरोपियों ने इलेक्ट्रॉनिक माध्यमों का दुरुपयोग कर जाली दस्तावेजों को असली दर्शाया और सरकारी विभागों को भ्रमित किया। इससे उन्हें आर्थिक और व्यावसायिक नुकसान पहुंचा, जबकि आरोपियों ने अनुचित लाभ अर्जित किया।
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मामले में उदय चौधरी ने कंपनी के निदेशक कुणाल जैन, मुकुल सिंह कुशवाहा, कुणाल की माता कीर्ति जैन, भाई मृणाल जैन, पत्नी नेहा जैन, मामा वीके जैन, कंपनी से जुड़े चार्टर्ड अकाउंटेंट राहुल गुप्ता और अकाउंटेंट अनुज गुप्ता को नामजद किया है। आरोप है कि सभी लोग कंपनी के कारोबार और दस्तावेजों से पूरी तरह परिचित थे और साजिश में शामिल रहे। वहीं कोतवाली प्रभारी विनोद कुमार का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है।
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