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अलंकार योजना से बदलेगी सरकारी स्कूलों की सूरत
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नोएडा। जिले के सरकारी राजकीय स्कूलों की स्थिति में जल्द ही कई सकारात्मक परिवर्तन होंगे। जिले में अलंकार योजना के तहत स्कूलों में कई तरह की सुविधाएं बढ़ाई जाएंगी। इसके लिए शिक्षा विभाग एवं प्रशासनिक अधिकारियों के बीच कई स्तर की बैठकें हुई हैं। सरकार द्वारा प्रदेश के हर जिले में योजना को जल्द से जल्द लागू करने के दिशा निर्देश दिए गए हैं। योजना के तहत सभी जर्जर भवनों और इमारतों को हटाया जाएगा। जिससे बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। वहीं, स्कूलों में स्मार्ट क्लास और पुस्तकालय आदि सुविधाओं को बढ़ाया जाएगा। राज्य सरकार द्वारा स्कूलों की स्थिति को बेहतर करने के लिए 100 करोड़ की लागत से प्रदेश में अलंकार योजना शुरू की गई है। योजना में पहली प्राथमिकता जर्जर इमारतों को हटाने की है। जिससे हादसों की आशंकाओं को रोका जा सके। वहीं, जिन स्कूलों की इमारत फिलहाल बेहतर स्थिति में है, वहां सुविधाएं बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा। सभी स्कूलों में स्वच्छ पेयजल, खेल के मैदान, स्मार्ट क्लास, गेट, बहुउद्देशीय हॉल, सोलर प्लांट, वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम आदि के लिए बजट जारी किया जाएगा।
अंकों के आधार पर पास होगा बजट
योजना को कार्यरूप में परिणत करने के लिए विभिन्न बिंदुओं के आधार पर स्कूलों को अंक दिए जाएंगे। इन अंकों के आधार पर ही विद्यालयों के लिए बजट पास होगा। अंक विद्यालय की आयु, छात्र संख्या आदि के आधार पर दिए जाएंगे। जिन विद्यालयों की आयु अधिक है यानी उन्हें बने हुए ज्यादा समय बीत चुका है, उन्हें ज्यादा अंक मिलेंगे। वहीं, जिनमें छात्र संख्या अधिक है उनके अंक भी ज्यादा होंगे। अधिक अंक के आधार पर इनमें सुधार के लिए बजट भी अधिक आएगा। योजना को लागू करने के लिए जिला स्तरीय समिति एवं उपसमितियां और निगरानी समितियां बनाई जाएंगी। जनपदीय समिति में मुख्य विकास अधिकारी, जिला विद्यालय निरीक्षक एवं अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग शामिल होंगे। वहीं, उपसमिति में उपजिलाधिकारी, तहसीलदार, राजकीय इंटर कॉलेज के प्राचार्य, सहायक अभियंता लोक निर्माण विभाग शामिल होंगे।
अलंकार योजना पर काम शुरू हो चुका है। शनिवार को विभिन्न अधिकारियों संग इस पर विचार हुआ है। जल्द ही योजना के नतीजे नजर आने लगेंगे। जिले के स्कूलों की बेहतरी में यह योजना बेहद प्रभावी होगी।
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- धर्मवीर सिंह, जिला विद्यालय निरीक्षक
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अंकों के आधार पर पास होगा बजट
योजना को कार्यरूप में परिणत करने के लिए विभिन्न बिंदुओं के आधार पर स्कूलों को अंक दिए जाएंगे। इन अंकों के आधार पर ही विद्यालयों के लिए बजट पास होगा। अंक विद्यालय की आयु, छात्र संख्या आदि के आधार पर दिए जाएंगे। जिन विद्यालयों की आयु अधिक है यानी उन्हें बने हुए ज्यादा समय बीत चुका है, उन्हें ज्यादा अंक मिलेंगे। वहीं, जिनमें छात्र संख्या अधिक है उनके अंक भी ज्यादा होंगे। अधिक अंक के आधार पर इनमें सुधार के लिए बजट भी अधिक आएगा। योजना को लागू करने के लिए जिला स्तरीय समिति एवं उपसमितियां और निगरानी समितियां बनाई जाएंगी। जनपदीय समिति में मुख्य विकास अधिकारी, जिला विद्यालय निरीक्षक एवं अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग शामिल होंगे। वहीं, उपसमिति में उपजिलाधिकारी, तहसीलदार, राजकीय इंटर कॉलेज के प्राचार्य, सहायक अभियंता लोक निर्माण विभाग शामिल होंगे।
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अलंकार योजना पर काम शुरू हो चुका है। शनिवार को विभिन्न अधिकारियों संग इस पर विचार हुआ है। जल्द ही योजना के नतीजे नजर आने लगेंगे। जिले के स्कूलों की बेहतरी में यह योजना बेहद प्रभावी होगी।
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- धर्मवीर सिंह, जिला विद्यालय निरीक्षक