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Noida News: एकेटीयू ने नैक एप्लस की दावेदारी की
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एकेटीयू ने नैक एप्लस की दावेदारी की
लखनऊ। डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय (एकेटीयू) को राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद (नैक) के मूल्यांकन में पिछले दिनों ए ग्रेड मिली थी। किंतु मूल्यांकन से असंतुष्ट विश्वविद्यालय की ओर से दोबारा आवेदन कर एप्लस ग्रेड के लिए दावा किया गया है। इसके लिए नैक ने 15 सितंबर को विश्वविद्यालय को प्रस्तुतिकरण के लिए बुलाया है।
विश्वविद्यालय अपनी स्थापना के बाद पहली बार नैक मूल्यांकन में गया था। किंतु उसे अपेक्षा के विपरीत नैक में ए ग्रेड ही मिला। इसके बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने इसके पुनर्मूल्यांकन में जाने का निर्णय लिया। विवि की ओर से निर्धारित शुल्क आदि जमा करते हुए इसकी औपचारिकता पूरी कर दी गई है। इसमें विश्वविद्यालय प्रशासन ने अपने यहां शोध व स्टार्टअप-इनोवेशन के लिए हुए काम के मूल्यांकन के पुनर्मूल्यांकन की अपील की है।
कुलपति प्रो. जेपी पांडेय ने कहा है कि स्टार्टअप व इनोवेशन के लिए प्रदेशभर में एक मॉडल के रूप में काम किया है। फिर भी इसमें अपेक्षाकृत कम नंबर मिले। शोध के क्षेत्र में अपेक्षाकृत मूल्यांकन सही तरीके से नहीं किया गया है। हमने पुनर्मूल्यांकन के लिए आवेदन किया है। 15 सितंबर को नैक की ईसी के सामने प्रस्तुतिकरण देना है। ग्रेडिंग में जरूर सुधार होगा। बता दें कि विवि प्रशासन महज 0.1 नंबर से एप्लस ग्रेड लाने से चूका था।
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दूसरी तरफ विवि प्रशासन नैक में ए ग्रेड मिलने के बाद अपने यहां ऑनलाइन कोर्स शुरू करेगा। इसके लिए विश्वविद्यालय ने नोएडा कैंपस को मुख्य केंद्र बनाने पर काम शुरू कर दिया है। साथ ही अपने सभी संबद्ध संस्थानों के भी नैक व एनआईआरएफ ग्रेडिंग कराने का भी निर्णय लिया है। विश्वविद्यालय ने अपने घटक संस्थान के शिक्षकों को विभिन्न योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए आवेदन शुरू करा दिए हैं।
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विश्वविद्यालय अपनी स्थापना के बाद पहली बार नैक मूल्यांकन में गया था। किंतु उसे अपेक्षा के विपरीत नैक में ए ग्रेड ही मिला। इसके बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने इसके पुनर्मूल्यांकन में जाने का निर्णय लिया। विवि की ओर से निर्धारित शुल्क आदि जमा करते हुए इसकी औपचारिकता पूरी कर दी गई है। इसमें विश्वविद्यालय प्रशासन ने अपने यहां शोध व स्टार्टअप-इनोवेशन के लिए हुए काम के मूल्यांकन के पुनर्मूल्यांकन की अपील की है।
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कुलपति प्रो. जेपी पांडेय ने कहा है कि स्टार्टअप व इनोवेशन के लिए प्रदेशभर में एक मॉडल के रूप में काम किया है। फिर भी इसमें अपेक्षाकृत कम नंबर मिले। शोध के क्षेत्र में अपेक्षाकृत मूल्यांकन सही तरीके से नहीं किया गया है। हमने पुनर्मूल्यांकन के लिए आवेदन किया है। 15 सितंबर को नैक की ईसी के सामने प्रस्तुतिकरण देना है। ग्रेडिंग में जरूर सुधार होगा। बता दें कि विवि प्रशासन महज 0.1 नंबर से एप्लस ग्रेड लाने से चूका था।
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दूसरी तरफ विवि प्रशासन नैक में ए ग्रेड मिलने के बाद अपने यहां ऑनलाइन कोर्स शुरू करेगा। इसके लिए विश्वविद्यालय ने नोएडा कैंपस को मुख्य केंद्र बनाने पर काम शुरू कर दिया है। साथ ही अपने सभी संबद्ध संस्थानों के भी नैक व एनआईआरएफ ग्रेडिंग कराने का भी निर्णय लिया है। विश्वविद्यालय ने अपने घटक संस्थान के शिक्षकों को विभिन्न योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए आवेदन शुरू करा दिए हैं।