फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Noida News ›   Ajab hal... Which variant is increasing the infection, even the health department does not know

अजब हाल... कौन सा वैरिएंट बढ़ा रहा संक्रमण, स्वास्थ्य विभाग को भी नहीं पता

Sat, 23 Apr 2022 12:57 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Sat, 23 Apr 2022 12:57 AM IST
विज्ञापन
Ajab hal... Which variant is increasing the infection, even the health department does not know
नोएडा। अप्रैल में कोरोना के सबसे ज्यादा 878 मामले मिले हैं। यह संख्या प्रदेश के अन्य जिलों की अपेक्षा कई गुना अधिक है। इनमें से डेढ़ सौ से अधिक संक्रमित बच्चे हैं, लेकिन स्वास्थ्य विभाग आंकड़ेबाजी के सहारे स्थिति नियंत्रण में होने का दावा कर रहा है, जबकि जिले में कौन सा वैरिएंट तेजी से मामले बढ़ाने के लिए जिम्मेदार है। इसे लेकर फिलहाल स्थिति स्पष्ट नहीं है, जितने भी नमूने जीनोम सीक्वेंसिंग के लिए भेजे गए हैं, उनकी रिपोर्ट अभी तक नहीं आई है।
विज्ञापन

दरअसल, कोरोना की हर लहर के पीछे प्रमुख कारण अलग-अलग वैरिएंट को माना गया है, लेकिन जिले में वैरिएंट जांचने के लिए कोई सुविधा मौजूद नहीं है। जब भी केस बढ़ते हैं तो जीनोम सीक्वेंसिंग के लिए नमूने दूसरे जिलों की लैब में भेजे जाते हैं, लेकिन नतीजा क्या आया इसे लेकर विभाग एक साल से मौन साधे हुए हैं। जिले में डेल्टा व ओमीक्रॉन के कितने मामले आए इस बारे में सवाल करने पर स्वास्थ्य विभाग जानकारी नहीं होने का दावा करता है।
विज्ञापन

स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि जीनोम सीक्वेंसिंग के लिए भेजे गए नमूनों की रिपोर्ट पहले लखनऊ शासन के पास जाती है और वहां से सूचना संबंधित जिलों के पास पहुंचती है। गौतमबुद्ध नगर के पास फिलहाल कोई सूचना नहीं आई है। अप्रैल में केस बढ़ने के बाद भी विभाग ने कुछ जांच सैंपल जीनोम सीक्वेंसिंग के लिए भेजे थे, लेकिन जिनकी रिपोर्ट कब आएगी इसे लेकर संशय बना हुआ है। ऐसे में सवाल उठता है कि वैरिएंट की जानकारी नहीं होने से स्वास्थ्य विभाग की योजनाएं कैसे प्रभावी होंगी। अगर वैरिएंट की जानकारी है तो इसे छुपाया क्यों जा रहा है। इससे आम लोगों को कैसे जागरूक किया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

बढ़ गया कोविड, घट गई जांच
मामले बढ़ने के बावजूद विभाग ने दैनिक जांच व कांटेक्ट ट्रेसिंग दोनों को सीमित कर दिया है। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि अधिकांश नए मरीजों में हल्के लक्षण हैं, लेकिन चिकित्सकों का कहना है कि ऐसे लोगों में पोस्ट कोविड समस्याएं आगे चलकर परेशानी का कारण बन सकती हैं। साथ ही, हल्के लक्षण वाले लोगों के संपर्क में आने से बुजुर्ग व बीमार लोगों को खतरा बढ़ जाता है। फिलहाल, जिले में दैनिक जांच का औसत 800 से कम है, जबकि पिछली लहरों में यह 5 से 10 हजार के बीच रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed