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Noida News: तीसरे दिन वायु प्रदूषण हुआ कम, फिर भी सेहत के लिए हानिकारक
Fri, 24 Oct 2025 12:46 AM IST
नोएडा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, नोएडा
संवाद न्यूज एजेंसी, नोएडा
Updated Fri, 24 Oct 2025 12:46 AM IST
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पंचायत भवन के ऊपर वायु प्रदूषण की जानकारी के लिए लगी स्क्रीन। आर्काइव
संवाद न्यूज एजेंसी
जगाधरी। दिवाली पर पटाखे व आतिशबाजी से हुए प्रदूषण का असर तीसरे दिन भी जिले की हवा में देखने को मिला। तीसरे दिन भी जिले की हवा प्रदूषित रही। हालांकि वीरवार शाम को प्रदूषण के स्तर में काफी कमी देखने को मिली। सुबह हवा जहरीली रही।
तड़के जिले का एक्यूआई 260 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर तक रहा। वहीं शाम चार बजे यह घट कर 149 तक पहुंच गया। हालांकि दो दिन से प्रदूषण के स्तर में कमी है, लेकिन यह स्तर पर भी अस्वास्थ्य के लिए अच्छा नहीं है। प्रदूषण विभाग की ओर से जिले को येलो श्रेणी में रखा गया है।
दो दिन हुई पटाखेबाजी के बाद जिले की हवा जहरीली हो गई थी, जिसका असर तीसरे दिन भी देखने को मिला। सोमवार को पटाखे चलाने के कारण मंगलवार को जिले का एक्यूआई 224 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर पहुंच गया था। वहीं, मंगलवार को भी लोगों ने दिवाली मनाई और पटाखे चलाए। इसके बाद जिले हवा में प्रदूषण का स्तर बढ़कर खतरनाक स्थिति में पहुंच गया।
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बुधवार को जिले की हवा में प्रदूषण का स्तर 320 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर आंका गया। यह स्वास्थ्य की दृषि से बेहद खतरनाक रहा। इसके बाद वीरवार को इसमें कमी दर्ज की गई। वीरवार शाम को जिले की हवा की 171 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर की कमी दर्ज की गई। इस दौरान हवा में प्रदूषण का स्तर 149 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर दर्ज किया गया है।
भले ही हवा में प्रदूषण स्तर कम हुआ है। परंतु यह स्तर भी लोगों को बीमार करने के लिए पर्याप्त है। प्रदूषण बढ़ने से जिले में लोगों में आंखों में जलन, गले में खराश, खुजली इत्यादि की दिक्कत होने लगी है। वहीं, सांस के रोगियों की परेशानी और ज्यादा बढ़ गई है।
नागरिक अस्पताल के फिजिशियन डॉ. सचिन शर्मा ने बताया कि पटाखों के कारण होने वाले प्रदूषण से कई तरह की बीमारियां हो सकती है। इसमें सबसे ज्यादा दिक्कत सांस व दमा के रोगियों को होती है। उन्होंने बताया कि जिला अस्पताल की ओपीडी में ऐसी दिक्कतों से संबंधी लोगों की करीब 15 प्रतिशत बढ़ गई है।
उन्होंने सलाह देते हुए कहा कि ऐसे समय में बुजुर्गों को कुछ दिन सुबह की सैर नजरअंदाज करनी चाहिए। बाहर निकलते समय लोग मास्क व चश्मे का प्रयोग करें। सांस, गले में खराश व दर्द की शिकायत होने पर चिकित्सक से मिलें।
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जगाधरी। दिवाली पर पटाखे व आतिशबाजी से हुए प्रदूषण का असर तीसरे दिन भी जिले की हवा में देखने को मिला। तीसरे दिन भी जिले की हवा प्रदूषित रही। हालांकि वीरवार शाम को प्रदूषण के स्तर में काफी कमी देखने को मिली। सुबह हवा जहरीली रही।
तड़के जिले का एक्यूआई 260 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर तक रहा। वहीं शाम चार बजे यह घट कर 149 तक पहुंच गया। हालांकि दो दिन से प्रदूषण के स्तर में कमी है, लेकिन यह स्तर पर भी अस्वास्थ्य के लिए अच्छा नहीं है। प्रदूषण विभाग की ओर से जिले को येलो श्रेणी में रखा गया है।
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दो दिन हुई पटाखेबाजी के बाद जिले की हवा जहरीली हो गई थी, जिसका असर तीसरे दिन भी देखने को मिला। सोमवार को पटाखे चलाने के कारण मंगलवार को जिले का एक्यूआई 224 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर पहुंच गया था। वहीं, मंगलवार को भी लोगों ने दिवाली मनाई और पटाखे चलाए। इसके बाद जिले हवा में प्रदूषण का स्तर बढ़कर खतरनाक स्थिति में पहुंच गया।
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बुधवार को जिले की हवा में प्रदूषण का स्तर 320 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर आंका गया। यह स्वास्थ्य की दृषि से बेहद खतरनाक रहा। इसके बाद वीरवार को इसमें कमी दर्ज की गई। वीरवार शाम को जिले की हवा की 171 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर की कमी दर्ज की गई। इस दौरान हवा में प्रदूषण का स्तर 149 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर दर्ज किया गया है।
भले ही हवा में प्रदूषण स्तर कम हुआ है। परंतु यह स्तर भी लोगों को बीमार करने के लिए पर्याप्त है। प्रदूषण बढ़ने से जिले में लोगों में आंखों में जलन, गले में खराश, खुजली इत्यादि की दिक्कत होने लगी है। वहीं, सांस के रोगियों की परेशानी और ज्यादा बढ़ गई है।
नागरिक अस्पताल के फिजिशियन डॉ. सचिन शर्मा ने बताया कि पटाखों के कारण होने वाले प्रदूषण से कई तरह की बीमारियां हो सकती है। इसमें सबसे ज्यादा दिक्कत सांस व दमा के रोगियों को होती है। उन्होंने बताया कि जिला अस्पताल की ओपीडी में ऐसी दिक्कतों से संबंधी लोगों की करीब 15 प्रतिशत बढ़ गई है।
उन्होंने सलाह देते हुए कहा कि ऐसे समय में बुजुर्गों को कुछ दिन सुबह की सैर नजरअंदाज करनी चाहिए। बाहर निकलते समय लोग मास्क व चश्मे का प्रयोग करें। सांस, गले में खराश व दर्द की शिकायत होने पर चिकित्सक से मिलें।