नूंह। दिल्ली के तीस हजारी कोर्ट में बीते शनिवार को वकीलों और पुलिसकर्मियों के बीच हुई हिंसक झड़प को लेकर नूंह जिला बार के वकील एकजुट हो गए हैं। घटना के विरोध में सोमवार को वकीलों ने कामकाज ठप रखा। इस दौरान किसी मुवक्किल को अंदर नहीं जाने दिया। बार एसोसिएशन के सदस्यों ने दोषी पुलिसकर्मियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। जिला बार प्रधान सलीम अहमद, पूर्व जिला बार प्रधान महमूद उल हसन, ताहिर रूपाड़िया, खलील अहमद, पंडित रामनारायण, अमित एडवोकेट, लुकमान एडवोकेट व आरिफ मुरादबास सहित अन्य वकीलों ने कहा कि दिल्ली के इस मामले की जितनी निंदा की जाए कम है। निश्चित ही यह पुलिस की वकीलों पर बर्बरता की हरकत है। जोकि भविष्य में इस तरह के कदमों से सभी को बचने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि इस मामले में कोर्ट के साथ सरकार को भी दोषी पुलिसकर्मियों पर कड़े कदम उठाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि यह सीधे तौर पर हत्या का प्रयास और आर्म्स एक्ट का मामला है। घटना में शामिल आरोपितों को निलंबित किया जाना चाहिए व पीड़ित अधिवक्ताओं को उचित मुआवजा भी दिया जाए। दिल्ली पुलिस को सभी अदालत परिसर से हटाकर अदालत परिसर की सुरक्षा व्यवस्था किसी अन्य एजेंसी को दी जानी चाहिए। समय समय पर वकीलों के साथ पुलिसकर्मी आम आदमी के साथ भी इस तरह की गलत हरकत करते हैं। भविष्य में ऐसा मामला सामने नहीं आए उसके लिए कड़े कदम उठाने की जरूरत है।
वहीं दूसरी ओर फिरोजपुर झिरका सिविल कोर्ट में भी वकीलों ने हड़ताल कर काम ठप रखा। फिरोजपुर झिरका बार एसोसिएशन के उपप्रधान इशाक एडवोकेट की अध्यक्षता में सोमवार को कोर्ट के वकीलों की बैठक की हुई। बैठक में इशाक एडवोकेट ने बताया कि शनिवार को दिल्ली तीस हजारी कोर्ट में दिल्ली पुलिस द्वारा मारपीट की गई है। इस घटना की बार एसोसिएशन कड़ी निंदा करती है। उन्होंने बताया कि पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के आदेश पर दिल्ली पुलिस की बर्बर कार्रवाई के विरोध में एक दिन की हड़ताल रख कोर्ट का काम ठप रखा गया है। इसहाक ने कहा कि पुलिस अपने अधिकारों दुरुपयोग कर वकीलों के साथ भी मारपीट करने पर उतारू है। यह न्यायपालिका के लिए खतरे की घंटी है। जब वकीलों के साथ ही पुलिस ऐसा बर्ताव कर रही है तो आम आदमी के साथ पुलिस का व्यवहार अच्छा कैसे हो सकता है। उन्होंने कहा कि वकीलों के समर्थन में सारे वकील एक जुटता दिखाए। ताकि पुलिस के खिलाफ सख्त कार्रवाई अमल में लाई जा सके।