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सिग्मा-4 के मकान में मिलावटी शराब फैक्ट्री का भंडाफोड़, चार गिरफ्तार
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पुलिस की गिरफ्त में पकड़े गए आरोपी ।
- फोटो : Grnoida
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मिलावटी शराब बनाने की फैक्ट्री का भंडाफोड़, चार गिरफ्तार
ग्रेटर नोएडा। कासना के बाद अब बीटा-2 थाना क्षेत्र के सिग्मा-4 स्थित मकान में मिलावटी शराब बनाने की फैक्ट्री का भंडाफोड़ कर चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। जबकि मास्टर माइंड समेत छह आरोपी फरार हैं। पिछली बार बुलंदशहर पुलिस के जानकारी देने पर पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई की थी। इस बार हापुड़ पुलिस के साथ कार्रवाई की गई है। बरामद शराब व अधिकांश सामान भी कासना फैक्ट्री से जैसा ही है।
डीसीपी राजेश कुमार सिंह ने बताया कि बृहस्पतिवार को हापुड़ की बहादुरगढ़ और बीटा-2 थाना पुलिस को सूचना मिली थी कि सेक्टर सिग्मा-4 में 15 हजार रुपये किराये पर मकान लेकर आरोपी मिलावटी शराब बनाकर पैकिंग कर रहे हैं। सूचना पर पुलिस ने मकान की घेराबंदी की और चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। जबकि छह आरोपी फरार हो गए। आरोपियों ने बताया कि शराब बनाने के बाद कार से विभिन्न क्षेत्रों में बिक्री व तस्करी की जाती है। वह मैनपुरी निवासी वीरपाल के कहने पर लगभग छह माह से यहां मिलावटी शराब बना रहे थे। वीरपाल ही मुख्य आरोपी व मास्टरमाइड है। वहीं, कच्चा सामान उपलब्ध कराने के अलावा बिक्री का काम देखता है।
यह सामान हुआ बरामद
मौके से पुलिस ने भारी मात्रा में तैयार मिलावटी मिस इंडिया देसी शराब के 720 पव्वे, दो ड्रम, आठ केन, दो बोतल, केमिकल, चार लीटर कलर, पांच कट्टे ढक्कन, दो कट्टे खाली पव्वे, ढक्कन सील करने की मशीन, 2000 फर्जी बार कोड, दस किलो यूरिया, एक कार बरामद की है।
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इनकी हुई गिरफ्तारी
पुलिस ने स्याना बुलंदशहर के गंगेरवा गांव निवासी दीपक, खेड़ी भनौता के मनीष, कुंजापुर मैनपुरी के कुलदीप, मेहताब मोहल्ला मेरठ के दीपक को गिरफ्तार किया है। वहीं, फरार आरोपियों में पडरिया चौराहा मैनपुरी के वीरपाल, स्याना बुलंदशहर के सोमवीर, खानपुर बुलंदशहर के अमित, औरंगाबाद बुलंदशहर के पिंटू उर्फ परवाना, राजनगर गाजियाबाद के प्रॉपर्टी डीलर सारसिज गुप्ता और जिस मकान में किराये पर फैक्ट्री चल रही थी, उस मकान का मालिक संजय शामिल हैं।
अमर उजाला ने उठाया था मुद्दा
कासना और सिग्मा दोनों ही स्थानों से पुलिस ने भारी संख्या में बार कोड बरामद किए हैं। कासना में बार कोड बरामद करने के बाद अमर उजाला ने मुद्दा उठाया था कि आरोपियों की पकड़ शराब के ठेकों तक हो सकती है। अब सिग्मा-4 सेक्टर में शराब पकड़े जाने के बाद एडिशनल डीसीपी विशाल पांडेय ने जानकारी दी है कि आरोपी विभिन्न शहरों के ठेकों तक शराब की बिक्री करते थे। ऐसे में अब तस्करी में शामिल ठेकों के कर्मियों की तलाश की जा रही है।
पंचायत चुनाव में परोसने की है तैयारी
बुलंदशहर में जहरीली शराब से छह और कासना में दो लोगों की मौत के बाद एक बार फिर मिलावटी शराब के कारोबार का पर्दाफाश हुआ है। आशंका जताई जा रही है आगामी पंचायती चुनाव को लेकर वेस्ट यूपी के विभिन्न क्षेत्रों में शराब परोसने की तैयारी है। पंचायत चुनाव में प्रत्याशी वोटरों को लुभाने के लिए अक्सर तस्करों से सस्ती शराब खरीदते रहे हैं
मामले में फरार आरोपियों की गिरफ्तारी का प्रयास किया जा रहा है। जांच में जिनके नाम भी सामने आएंगे, उन पर कार्रवाई होगी। मकान के मालिक के संबंध में भी जांच-पड़ताल चल रही है। आरोपियों पर गैंगस्टर एक्ट की कार्रवाई की जाएगी। - राजेश कुमार सिंह, डीसीपी
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ग्रेटर नोएडा। कासना के बाद अब बीटा-2 थाना क्षेत्र के सिग्मा-4 स्थित मकान में मिलावटी शराब बनाने की फैक्ट्री का भंडाफोड़ कर चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। जबकि मास्टर माइंड समेत छह आरोपी फरार हैं। पिछली बार बुलंदशहर पुलिस के जानकारी देने पर पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई की थी। इस बार हापुड़ पुलिस के साथ कार्रवाई की गई है। बरामद शराब व अधिकांश सामान भी कासना फैक्ट्री से जैसा ही है।
डीसीपी राजेश कुमार सिंह ने बताया कि बृहस्पतिवार को हापुड़ की बहादुरगढ़ और बीटा-2 थाना पुलिस को सूचना मिली थी कि सेक्टर सिग्मा-4 में 15 हजार रुपये किराये पर मकान लेकर आरोपी मिलावटी शराब बनाकर पैकिंग कर रहे हैं। सूचना पर पुलिस ने मकान की घेराबंदी की और चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। जबकि छह आरोपी फरार हो गए। आरोपियों ने बताया कि शराब बनाने के बाद कार से विभिन्न क्षेत्रों में बिक्री व तस्करी की जाती है। वह मैनपुरी निवासी वीरपाल के कहने पर लगभग छह माह से यहां मिलावटी शराब बना रहे थे। वीरपाल ही मुख्य आरोपी व मास्टरमाइड है। वहीं, कच्चा सामान उपलब्ध कराने के अलावा बिक्री का काम देखता है।
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यह सामान हुआ बरामद
मौके से पुलिस ने भारी मात्रा में तैयार मिलावटी मिस इंडिया देसी शराब के 720 पव्वे, दो ड्रम, आठ केन, दो बोतल, केमिकल, चार लीटर कलर, पांच कट्टे ढक्कन, दो कट्टे खाली पव्वे, ढक्कन सील करने की मशीन, 2000 फर्जी बार कोड, दस किलो यूरिया, एक कार बरामद की है।
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इनकी हुई गिरफ्तारी
पुलिस ने स्याना बुलंदशहर के गंगेरवा गांव निवासी दीपक, खेड़ी भनौता के मनीष, कुंजापुर मैनपुरी के कुलदीप, मेहताब मोहल्ला मेरठ के दीपक को गिरफ्तार किया है। वहीं, फरार आरोपियों में पडरिया चौराहा मैनपुरी के वीरपाल, स्याना बुलंदशहर के सोमवीर, खानपुर बुलंदशहर के अमित, औरंगाबाद बुलंदशहर के पिंटू उर्फ परवाना, राजनगर गाजियाबाद के प्रॉपर्टी डीलर सारसिज गुप्ता और जिस मकान में किराये पर फैक्ट्री चल रही थी, उस मकान का मालिक संजय शामिल हैं।
अमर उजाला ने उठाया था मुद्दा
कासना और सिग्मा दोनों ही स्थानों से पुलिस ने भारी संख्या में बार कोड बरामद किए हैं। कासना में बार कोड बरामद करने के बाद अमर उजाला ने मुद्दा उठाया था कि आरोपियों की पकड़ शराब के ठेकों तक हो सकती है। अब सिग्मा-4 सेक्टर में शराब पकड़े जाने के बाद एडिशनल डीसीपी विशाल पांडेय ने जानकारी दी है कि आरोपी विभिन्न शहरों के ठेकों तक शराब की बिक्री करते थे। ऐसे में अब तस्करी में शामिल ठेकों के कर्मियों की तलाश की जा रही है।
पंचायत चुनाव में परोसने की है तैयारी
बुलंदशहर में जहरीली शराब से छह और कासना में दो लोगों की मौत के बाद एक बार फिर मिलावटी शराब के कारोबार का पर्दाफाश हुआ है। आशंका जताई जा रही है आगामी पंचायती चुनाव को लेकर वेस्ट यूपी के विभिन्न क्षेत्रों में शराब परोसने की तैयारी है। पंचायत चुनाव में प्रत्याशी वोटरों को लुभाने के लिए अक्सर तस्करों से सस्ती शराब खरीदते रहे हैं
मामले में फरार आरोपियों की गिरफ्तारी का प्रयास किया जा रहा है। जांच में जिनके नाम भी सामने आएंगे, उन पर कार्रवाई होगी। मकान के मालिक के संबंध में भी जांच-पड़ताल चल रही है। आरोपियों पर गैंगस्टर एक्ट की कार्रवाई की जाएगी। - राजेश कुमार सिंह, डीसीपी