{"_id":"68a332b5fa35742da0039c26","slug":"administration-on-alert-as-yamuna-water-level-rises-five-flood-posts-set-up-grnoida-news-c-23-1-lko1064-72007-2025-08-18","type":"story","status":"publish","title_hn":"Noida News: यमुना का जलस्तर बढ़ने से प्रशासन अलर्ट, पांच बाढ़ चौकी स्थापित","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Noida News: यमुना का जलस्तर बढ़ने से प्रशासन अलर्ट, पांच बाढ़ चौकी स्थापित
विज्ञापन
- जेवर के कानीगढ़ी-झुप्पा गांव के खेतों में घुसा पानी, हथिनीकुंड बैराज से छोड़ा पानी आज पहुंचने की संभावना
संवाद न्यूज एजेंसी
यमुना सिटी/रबूपुरा। यमुना नदी का जलस्तर बढ़ने से जेवर के कानीगढ़ी और झुप्पा गांव के खेतों में पानी घुस गया है। अधिकारियों के मुताबिक फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है। रविवार को हथिनी कुंड बैराज से लगभग 98 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया। मंगलवार सुबह तक पानी के यहां पहुंचने की संभावना है। जलस्तर बढ़ने से किसान फसलों के नुकसान की आशंका जता रहे हैं। वहीं प्रशासन ने जेवर और रबूपुरा क्षेत्र में पांच स्थानों पर बाढ़ चौकी स्थापित की है।
पहाड़ों में हो रही बारिश के बाद हरियाणा के हथिनी कुंड बैराज से छोड़े गए पानी की वजह से यमुना का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। दिल्ली में लोहे के पुल और ओखला बैराज में जहां यमुना खतरे के निशान के आसपास आ गई है। इसके चलते रबूपुरा और जेवर में यमुना किनारे किसानों के खेतों तक पानी पहुंचने लगा है। मंगलवार को पानी की बढ़ोतरी होने पर प्रशासन ने किसानों को अलर्ट किया है।
जेवर तहसीलदार ओमप्रकाश पासवान के मुताबिक सभी बाढ़ चौकी और कंट्रोल रूम को सक्रिय कर दिया गया है। जेवर में पांच जगहों पर बाढ़ चौकी स्थापित की गई है। इसमें प्राथमिक विद्यालय नेवला, प्राथमिक विद्यालय झुप्पा, शिव मंदिर भाईपुर ब्रहम्नान, उच्च प्राथमिक विद्यालय फलैदा बांगर और जनता इंटर कॉलेज जेवर शामिल है। उन्होंने बताया कि फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है।
विज्ञापन
यहां के किसान परेशान
यमुना से सटे रबूपुरा क्षेत्र के गांव फलैदा खादर, करौली बांगर, मेहंदीपुर, सिरौली बांगर पलाहका और बेगमाबाद आदि गांव के पास यमुना का पानी खेतों की ओर बढ़ने लगा है। वहीं खादर क्षेत्र के गांव फलैदा बांगर, अमरपुर पलाका और बेगमाबाद आदि गांव में किसानों को धान, पशुचर और सब्जी की फसल की चिंता सताने लगी है। किसानों का कहना है कि यदि हथिनी कुंड बैराज से और पानी छोड़ा गया तो इसे खेतों में भरने में देर नहीं लगेगी। इसका सीधा असर फसलों पर पड़ेगा। किसान राजेश सिंह, विजेंद्र सिंह, त्रिलोकी शर्मा, लखन सिंह, सत्तन सिंह और बहोरी सिंह समेत अन्य ने बताया कि जलस्तर बढ़ा तो धान की फसल सब्जी व अन्य फसलें भी नष्ट हो जाएंगी।
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
यमुना सिटी/रबूपुरा। यमुना नदी का जलस्तर बढ़ने से जेवर के कानीगढ़ी और झुप्पा गांव के खेतों में पानी घुस गया है। अधिकारियों के मुताबिक फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है। रविवार को हथिनी कुंड बैराज से लगभग 98 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया। मंगलवार सुबह तक पानी के यहां पहुंचने की संभावना है। जलस्तर बढ़ने से किसान फसलों के नुकसान की आशंका जता रहे हैं। वहीं प्रशासन ने जेवर और रबूपुरा क्षेत्र में पांच स्थानों पर बाढ़ चौकी स्थापित की है।
पहाड़ों में हो रही बारिश के बाद हरियाणा के हथिनी कुंड बैराज से छोड़े गए पानी की वजह से यमुना का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। दिल्ली में लोहे के पुल और ओखला बैराज में जहां यमुना खतरे के निशान के आसपास आ गई है। इसके चलते रबूपुरा और जेवर में यमुना किनारे किसानों के खेतों तक पानी पहुंचने लगा है। मंगलवार को पानी की बढ़ोतरी होने पर प्रशासन ने किसानों को अलर्ट किया है।
विज्ञापन
जेवर तहसीलदार ओमप्रकाश पासवान के मुताबिक सभी बाढ़ चौकी और कंट्रोल रूम को सक्रिय कर दिया गया है। जेवर में पांच जगहों पर बाढ़ चौकी स्थापित की गई है। इसमें प्राथमिक विद्यालय नेवला, प्राथमिक विद्यालय झुप्पा, शिव मंदिर भाईपुर ब्रहम्नान, उच्च प्राथमिक विद्यालय फलैदा बांगर और जनता इंटर कॉलेज जेवर शामिल है। उन्होंने बताया कि फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है।
विज्ञापन
यहां के किसान परेशान
यमुना से सटे रबूपुरा क्षेत्र के गांव फलैदा खादर, करौली बांगर, मेहंदीपुर, सिरौली बांगर पलाहका और बेगमाबाद आदि गांव के पास यमुना का पानी खेतों की ओर बढ़ने लगा है। वहीं खादर क्षेत्र के गांव फलैदा बांगर, अमरपुर पलाका और बेगमाबाद आदि गांव में किसानों को धान, पशुचर और सब्जी की फसल की चिंता सताने लगी है। किसानों का कहना है कि यदि हथिनी कुंड बैराज से और पानी छोड़ा गया तो इसे खेतों में भरने में देर नहीं लगेगी। इसका सीधा असर फसलों पर पड़ेगा। किसान राजेश सिंह, विजेंद्र सिंह, त्रिलोकी शर्मा, लखन सिंह, सत्तन सिंह और बहोरी सिंह समेत अन्य ने बताया कि जलस्तर बढ़ा तो धान की फसल सब्जी व अन्य फसलें भी नष्ट हो जाएंगी।