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तीन माह में रजिस्ट्री नहीं कराई तो बिल्डरों पर कार्रवाई
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नोएडा। नोएडा प्राधिकरण की ओर से 18 बिल्डरों का भौतिक सत्यापन कराया गया। यहां हजारों फ्लैट खरीदारों को बिना रजिस्ट्री कराए कब्जा दे दिया गया है। वहीं बकाया नहीं चुकाने की वजह से हजारों रजिस्ट्री अटकी पड़ी है। अब प्राधिकरण ने कब्जा दिए जा चुके फ्लैटों की एक माह और दूसरे अन्य फ्लैटों की रजिस्ट्री के लिए बिल्डरों को तीन माह का समय दिया है। तीन माह के भीतर ऐसे फ्लैट खरीदारों की रजिस्ट्री नहीं कराने पर प्राधिकरण की ओर से बिल्डरों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
बुधवार को ग्रुप हाउसिंग के डिफॉल्टर बिल्डरों के साथ सीईओ रितु माहेश्वरी ने बकाया और लंबित रजिस्ट्री के मामले में समीक्षा बैठक की। बैठक में सुपरटेक लिमिटेड, महागुन रियल्टर्स प्राइवेट लिमिटेड, एम्स मैक्स गार्डेनिया डेवलपर प्राइवेट लिमिटेड, इंपिरियल हाउसिंग वेंचर्स प्राइवेट लिमिटेड एवं पारस सीजन प्राइवेट लिमिटेड, अंतरिक्ष डेवलपर्स एंड प्रमोटर्स प्राइवेट लिमिटेड, प्रतीक रियल्टर्स प्राइवेट लिमिटेड, सिक्का इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड एवं किंडल इंफ्रा प्रोजेक्ट्स और सेठी बिल्डवेल प्राइवेट लिमिटेड के प्रतिनिधि शामिल हुए।
बैठक में सीईओ ने बिल्डरों के प्रतिनिधियों से कहा कि अधिकांश बिल्डर की ओर से बिना रजिस्ट्री के फ्लैट खरीदारों को कब्जा प्रदान करा दिया गया है, जो कि सबलीज डीड की नियमों व शर्तों का घोर उल्लंघन है। प्राधिकरण की ओर से 2 मार्च को 18 बिल्डर्स सोसाइटियों का भौतिक सत्यापन किया गया। भौतिक सत्यापन में मामला सही पाया गया। सीईओ ने कहा कि नियम व शर्तों के खिलाफ ऐसे फ्लैट खरीदारों को दिए गए कब्जे के एवज में एक माह के भीतर रजिस्ट्री का काम पहली प्राथमिकता के आधार पर कराया जाए।
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सिंगल फ्लैट की भी रजिस्ट्री की अनुमति
बिल्डरों की ओर से बकाये की एकमुश्त रकम जमा करने में असमर्थता जाहिर करने पर सीईओ ने सिंगल फ्लैट तक का बकाया चुका कर रजिस्ट्री शुरू कराने को कहा। यही नहीं मार्च में काम शुरू कर तीन माह में सभी तरह की रजिस्ट्री कराने के निर्देश दिए गए। इस मामले में बिल्डरों के अनुरोध पर स्टांप विभाग से तालमेल बैठाकर विशेष कैंप की भी व्यवस्था की जाएगी।
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बुधवार को ग्रुप हाउसिंग के डिफॉल्टर बिल्डरों के साथ सीईओ रितु माहेश्वरी ने बकाया और लंबित रजिस्ट्री के मामले में समीक्षा बैठक की। बैठक में सुपरटेक लिमिटेड, महागुन रियल्टर्स प्राइवेट लिमिटेड, एम्स मैक्स गार्डेनिया डेवलपर प्राइवेट लिमिटेड, इंपिरियल हाउसिंग वेंचर्स प्राइवेट लिमिटेड एवं पारस सीजन प्राइवेट लिमिटेड, अंतरिक्ष डेवलपर्स एंड प्रमोटर्स प्राइवेट लिमिटेड, प्रतीक रियल्टर्स प्राइवेट लिमिटेड, सिक्का इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड एवं किंडल इंफ्रा प्रोजेक्ट्स और सेठी बिल्डवेल प्राइवेट लिमिटेड के प्रतिनिधि शामिल हुए।
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बैठक में सीईओ ने बिल्डरों के प्रतिनिधियों से कहा कि अधिकांश बिल्डर की ओर से बिना रजिस्ट्री के फ्लैट खरीदारों को कब्जा प्रदान करा दिया गया है, जो कि सबलीज डीड की नियमों व शर्तों का घोर उल्लंघन है। प्राधिकरण की ओर से 2 मार्च को 18 बिल्डर्स सोसाइटियों का भौतिक सत्यापन किया गया। भौतिक सत्यापन में मामला सही पाया गया। सीईओ ने कहा कि नियम व शर्तों के खिलाफ ऐसे फ्लैट खरीदारों को दिए गए कब्जे के एवज में एक माह के भीतर रजिस्ट्री का काम पहली प्राथमिकता के आधार पर कराया जाए।
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सिंगल फ्लैट की भी रजिस्ट्री की अनुमति
बिल्डरों की ओर से बकाये की एकमुश्त रकम जमा करने में असमर्थता जाहिर करने पर सीईओ ने सिंगल फ्लैट तक का बकाया चुका कर रजिस्ट्री शुरू कराने को कहा। यही नहीं मार्च में काम शुरू कर तीन माह में सभी तरह की रजिस्ट्री कराने के निर्देश दिए गए। इस मामले में बिल्डरों के अनुरोध पर स्टांप विभाग से तालमेल बैठाकर विशेष कैंप की भी व्यवस्था की जाएगी।