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Noida News: कोर्ट में पेशी पर गैरहाजिर रहने वाले आरोपी को मिली जमानत
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कोर्ट में पेशी पर गैरहाजिर रहने वाले आरोपी को मिली जमानत
ग्रेटर नोएडा। एससी-एसटी अदालत ने वर्ष 2011 के एक पुराने आपराधिक मामले में जेल में बंद आरोपी राजवीर को जमानत दी है। आरोपी पूर्व में जमानत पर चल रहा था लेकिन लगातार न्यायालय में उपस्थित न होने के कारण उसके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किए गए थे।
वारंट के बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया था, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया था। आरोपी के खिलाफ थाना सेक्टर-58 में वर्ष 2011 में मारपीट में दर्ज एक मामले में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। सुनवाई के दौरान आरोपी पक्ष के अधिवक्ता ने अदालत को बताया कि राजवीर निर्दोष है और उसे झूठा फंसाया गया है। आरोपी पूर्व में कुछ तिथियों पर न्यायालय में उपस्थित नहीं हो सका था। जिसके कारण अदालत ने उसके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किए थे। भविष्य में आरोपी प्रत्येक तारीख पर अदालत में उपस्थित रहेगा और विचारण में पूरा सहयोग करेगा। वहीं अभियोजन पक्ष ने जमानत का विरोध किया। हालांकि अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और केस डायरी का अवलोकन करने के बाद माना कि आरोपी पूर्व में जमानत पर था तथा अब उसने भविष्य में नियमित रूप से अदालत में उपस्थित रहने का आश्वासन दिया है। इस कारण आरोपी को जमानत दी है। ब्यूरो
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ग्रेटर नोएडा। एससी-एसटी अदालत ने वर्ष 2011 के एक पुराने आपराधिक मामले में जेल में बंद आरोपी राजवीर को जमानत दी है। आरोपी पूर्व में जमानत पर चल रहा था लेकिन लगातार न्यायालय में उपस्थित न होने के कारण उसके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किए गए थे।
वारंट के बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया था, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया था। आरोपी के खिलाफ थाना सेक्टर-58 में वर्ष 2011 में मारपीट में दर्ज एक मामले में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। सुनवाई के दौरान आरोपी पक्ष के अधिवक्ता ने अदालत को बताया कि राजवीर निर्दोष है और उसे झूठा फंसाया गया है। आरोपी पूर्व में कुछ तिथियों पर न्यायालय में उपस्थित नहीं हो सका था। जिसके कारण अदालत ने उसके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किए थे। भविष्य में आरोपी प्रत्येक तारीख पर अदालत में उपस्थित रहेगा और विचारण में पूरा सहयोग करेगा। वहीं अभियोजन पक्ष ने जमानत का विरोध किया। हालांकि अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और केस डायरी का अवलोकन करने के बाद माना कि आरोपी पूर्व में जमानत पर था तथा अब उसने भविष्य में नियमित रूप से अदालत में उपस्थित रहने का आश्वासन दिया है। इस कारण आरोपी को जमानत दी है। ब्यूरो
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