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Noida News: कारोबारी पर फायरिंग और धोखाधड़ी का आरोपी दबोचा
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-करोलबाग के व्यापारी पर फायरिंग व 18 लाख की लूट मामले में था फरार
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने करोल बाग के व्यापारी पर फायरिंग और 18 लाख रुपये की लूट के मामले में फरार चल रहे आरोपी विकास जैन को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी इंदौर, मध्य प्रदेश का रहने वाला है और पिछले दो साल से वहीं फाइनेंस एजेंट के रूप में काम कर रहा था। विकास जैन पर इससे पहले 30 लाख रुपये की बैंक धोखाधड़ी का मामला भी दर्ज है। गिरफ्तारी से बचने के लिए उसने बार-बार ठिकाना बदला और इंदौर में पहचान छिपाकर बैंकों के डायरेक्ट सेलिंग एजेंटों के साथ काम करता रहा।
डीसीपी हर्ष इंदौरा के अनुसार, आरोपी को पकड़ने के लिए एसीपी राजपाल डबास की देखरेख में इंस्पेक्टर सतीश मलिक की टीम बनाई गई थी। जांच के दौरान एसआई अनुज छिकारा और हेड कांस्टेबल रविंदर ने तकनीकी निगरानी के जरिये उसकी लोकेशन का पता लगाया। टीम ने इंदौर के एरोड्रम इलाके में जाल बिछाकर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। जांच में पता चला कि जुलाई 2013 में विकास जैन ने मेसर्स आर्चीहाउस नामक फर्म के नाम पर जाली दस्तावेज तैयार कर सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, करोल बाग शाखा से 30 लाख रुपये का ऋण स्वीकृत कराया था। बाद में उसने अपने साथियों के साथ मिलकर वैश्य को-ऑपरेटिव बैंक, चांदनी चौक शाखा में उसी फर्म के नाम से एक जाली खाता खोलकर ड्राफ्टों को भुना लिया। दिसंबर 2013 में व्यापारी दलीप कुमार छाबड़ा पर फायरिंग कर 18 लाख रुपये और मोबाइल फोन लूटने के मामले में भी उसे गिरफ्तार किया गया था। जमानत मिलने के बाद वह फरार हो गया और उसे भगोड़ा घोषित कर दिया गया था।
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अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने करोल बाग के व्यापारी पर फायरिंग और 18 लाख रुपये की लूट के मामले में फरार चल रहे आरोपी विकास जैन को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी इंदौर, मध्य प्रदेश का रहने वाला है और पिछले दो साल से वहीं फाइनेंस एजेंट के रूप में काम कर रहा था। विकास जैन पर इससे पहले 30 लाख रुपये की बैंक धोखाधड़ी का मामला भी दर्ज है। गिरफ्तारी से बचने के लिए उसने बार-बार ठिकाना बदला और इंदौर में पहचान छिपाकर बैंकों के डायरेक्ट सेलिंग एजेंटों के साथ काम करता रहा।
डीसीपी हर्ष इंदौरा के अनुसार, आरोपी को पकड़ने के लिए एसीपी राजपाल डबास की देखरेख में इंस्पेक्टर सतीश मलिक की टीम बनाई गई थी। जांच के दौरान एसआई अनुज छिकारा और हेड कांस्टेबल रविंदर ने तकनीकी निगरानी के जरिये उसकी लोकेशन का पता लगाया। टीम ने इंदौर के एरोड्रम इलाके में जाल बिछाकर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। जांच में पता चला कि जुलाई 2013 में विकास जैन ने मेसर्स आर्चीहाउस नामक फर्म के नाम पर जाली दस्तावेज तैयार कर सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, करोल बाग शाखा से 30 लाख रुपये का ऋण स्वीकृत कराया था। बाद में उसने अपने साथियों के साथ मिलकर वैश्य को-ऑपरेटिव बैंक, चांदनी चौक शाखा में उसी फर्म के नाम से एक जाली खाता खोलकर ड्राफ्टों को भुना लिया। दिसंबर 2013 में व्यापारी दलीप कुमार छाबड़ा पर फायरिंग कर 18 लाख रुपये और मोबाइल फोन लूटने के मामले में भी उसे गिरफ्तार किया गया था। जमानत मिलने के बाद वह फरार हो गया और उसे भगोड़ा घोषित कर दिया गया था।
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