{"_id":"600888308ebc3e3097108367","slug":"accident-on-yamuna-expressway-will-stop-with-crash-beam-grnoida-news-noi5610616135","type":"story","status":"publish","title_hn":"क्रैश बीम से रुकेंगे यमुना एक्सप्रेसवे पर हादसे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
क्रैश बीम से रुकेंगे यमुना एक्सप्रेसवे पर हादसे
विज्ञापन
क्रैश बीम से रुकेंगे यमुना एक्सप्रेसवे पर हादसे
ग्रेटर नोएडा। यमुना एक्सप्रेसवे पर अक्सर ऐसा होता है कि वाहन अनियंत्रित होने के बाद दूसरी तरफ की सड़क पर आ जाते हैं जिससे हादसे हो जाते हैं। एक्सप्रेसवे पर पड़ने वाले नालों में भी वाहन गिर जाते हैं। अब ऐसे हादसे रोकने के लिए एक्सप्रेसवे के सेंट्रल वर्ज पर क्रैश बीम लगाने की तैयारी है।
यमुना प्राधिकरण के मुताबिक, यमुना एक्सप्रेसवे पर हादसे रोकने के लिए क्रैश बीम जल्द लगेंगे। जेपी कंपनी ने इसे लगाने के लिए टेंडर निकाला है। 27 जनवरी को कंपनी का चयन होगा। योजना पर करीब 76 करोड़ रुपये खर्च होंगे। काम शुरू होने से एक साल के भीतर ये लग जाएंगे। क्रैश बीम करीब तीन फुट ऊंचे होंगे। इससे हादसा होने के बाद वाहन उछलकर दूसरी तरफ नहीं जा सकेंगे। दूसरी तरफ से आने वाले वाहन चालकों के लिए वे आफत नहीं बनेंगे। साथ ही, उन हादसों पर भी विराम लगेगा जो यमुना एक्सप्रेसवे के सेंट्रल वर्ज के नीचे बने नालों में वाहनों के गिरने सेे हो जाते हैं। दो साल पहले एक बस सेंट्रल वर्ज से नाले में गिर गई थी।
आईआईटी दिल्ली ने ऑडिट में दिए थे सुझाव
सेंट्रल वर्ज पर क्रैश बीम लगाने के लिए आईआईटी दिल्ली ने भी अपनी रिपोर्ट में सुझाया था। रिपोर्ट बने करीब दो साल हो गए। अब इस पर अमल हो रहा है। दरअसल, सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर आईआईटी दिल्ली ने यमुना एक्सप्रेसवे का सुरक्षा ऑडिट किया था, जिसमें टीम ने क्रैश बीम लगाने को कहा था। इससे अगर हादसे होते हैं तो वाहन दूसरी तरफ नहीं जा सकेंगे और जानमाल का नुकसान कम होगा।
विज्ञापन
रोजाना 29 हजार वाहन गुजरते हैं
यमुना एक्सप्रेसवे पर रोजाना 29 हजार वाहन गुजरते हैं। इस हिसाब से एक साल में एक करोड़ से अधिक वाहन निकल रहे हैं। वाहनों के साथ गति सीमा तोड़ने वाले वाहनों की संख्या भी बढ़ रही है। करीब 46,000 वाहन हर माह गति सीमा का उल्लंघन कर रहे हैं। इन तीन माह में चालान करीब छह हजार वाहनों का हो पाता है। एक्सप्रेसवे पर टोल प्लाजा के आसपास ही सीसीटीवी कैमरे लगे हैं।
यमुना एक्सप्रेसवे के हादसों पर एक नजर
वर्ष हादसे मौतें
2012 275 33
2013 896 148
2014 771 98
2015 919 99
2016 1219 133
2017 763 146
2018 659 111
2019 560 195
2020 509 122
यमुना एक्सप्रेसवे पर क्रैश बीम लगाने के लिए जेपी कंपनी तैयार है। कंपनी की तरफ से टेंडर जारी कर दिए गए हैं। 27 जनवरी को बिड खुलेगी। कंपनी का चयन होते ही काम शुरू कराया जाएगा। - डॉ अरुणवीर सिंह, सीईओ यमुना प्राधिकरण
यमुना एक्सप्रेसवे पर फास्टैग जल्द
ग्रेटर नोएडा। यमुना एक्सप्रेसवे पर फास्टैग जल्द लगेगा। यमुना प्राधिकरण की चेतावनी के बाद जेपी कंपनी ने इसकी प्रक्रिया शुरू कर दी है। फास्टैग लगाने के लिए टेंडर जारी कर दिए हैं। इसे लगाने वाली एजेंसी का जल्द ही चयन कर काम शुरू होगा। सीईओ डॉ. अरुणवीर सिंह ने जेपी कंपनी के हवाले से बताया कि फरवरी में एक्सप्रेसवे के सभी टोल पर फास्टैग लगने की उम्मीद है। इससे पहले निजी एक्सप्रेसवे बताकर कंपनी ने फास्टैग लगाने से मना कर दिया था। यमुना प्राधिकरण की चेतावनी के बाद कंपनी फास्टैग लगाने को तैयार हुई।
विज्ञापन
ग्रेटर नोएडा। यमुना एक्सप्रेसवे पर अक्सर ऐसा होता है कि वाहन अनियंत्रित होने के बाद दूसरी तरफ की सड़क पर आ जाते हैं जिससे हादसे हो जाते हैं। एक्सप्रेसवे पर पड़ने वाले नालों में भी वाहन गिर जाते हैं। अब ऐसे हादसे रोकने के लिए एक्सप्रेसवे के सेंट्रल वर्ज पर क्रैश बीम लगाने की तैयारी है।
यमुना प्राधिकरण के मुताबिक, यमुना एक्सप्रेसवे पर हादसे रोकने के लिए क्रैश बीम जल्द लगेंगे। जेपी कंपनी ने इसे लगाने के लिए टेंडर निकाला है। 27 जनवरी को कंपनी का चयन होगा। योजना पर करीब 76 करोड़ रुपये खर्च होंगे। काम शुरू होने से एक साल के भीतर ये लग जाएंगे। क्रैश बीम करीब तीन फुट ऊंचे होंगे। इससे हादसा होने के बाद वाहन उछलकर दूसरी तरफ नहीं जा सकेंगे। दूसरी तरफ से आने वाले वाहन चालकों के लिए वे आफत नहीं बनेंगे। साथ ही, उन हादसों पर भी विराम लगेगा जो यमुना एक्सप्रेसवे के सेंट्रल वर्ज के नीचे बने नालों में वाहनों के गिरने सेे हो जाते हैं। दो साल पहले एक बस सेंट्रल वर्ज से नाले में गिर गई थी।
विज्ञापन
आईआईटी दिल्ली ने ऑडिट में दिए थे सुझाव
सेंट्रल वर्ज पर क्रैश बीम लगाने के लिए आईआईटी दिल्ली ने भी अपनी रिपोर्ट में सुझाया था। रिपोर्ट बने करीब दो साल हो गए। अब इस पर अमल हो रहा है। दरअसल, सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर आईआईटी दिल्ली ने यमुना एक्सप्रेसवे का सुरक्षा ऑडिट किया था, जिसमें टीम ने क्रैश बीम लगाने को कहा था। इससे अगर हादसे होते हैं तो वाहन दूसरी तरफ नहीं जा सकेंगे और जानमाल का नुकसान कम होगा।
विज्ञापन
रोजाना 29 हजार वाहन गुजरते हैं
यमुना एक्सप्रेसवे पर रोजाना 29 हजार वाहन गुजरते हैं। इस हिसाब से एक साल में एक करोड़ से अधिक वाहन निकल रहे हैं। वाहनों के साथ गति सीमा तोड़ने वाले वाहनों की संख्या भी बढ़ रही है। करीब 46,000 वाहन हर माह गति सीमा का उल्लंघन कर रहे हैं। इन तीन माह में चालान करीब छह हजार वाहनों का हो पाता है। एक्सप्रेसवे पर टोल प्लाजा के आसपास ही सीसीटीवी कैमरे लगे हैं।
यमुना एक्सप्रेसवे के हादसों पर एक नजर
वर्ष हादसे मौतें
2012 275 33
2013 896 148
2014 771 98
2015 919 99
2016 1219 133
2017 763 146
2018 659 111
2019 560 195
2020 509 122
यमुना एक्सप्रेसवे पर क्रैश बीम लगाने के लिए जेपी कंपनी तैयार है। कंपनी की तरफ से टेंडर जारी कर दिए गए हैं। 27 जनवरी को बिड खुलेगी। कंपनी का चयन होते ही काम शुरू कराया जाएगा। - डॉ अरुणवीर सिंह, सीईओ यमुना प्राधिकरण
यमुना एक्सप्रेसवे पर फास्टैग जल्द
ग्रेटर नोएडा। यमुना एक्सप्रेसवे पर फास्टैग जल्द लगेगा। यमुना प्राधिकरण की चेतावनी के बाद जेपी कंपनी ने इसकी प्रक्रिया शुरू कर दी है। फास्टैग लगाने के लिए टेंडर जारी कर दिए हैं। इसे लगाने वाली एजेंसी का जल्द ही चयन कर काम शुरू होगा। सीईओ डॉ. अरुणवीर सिंह ने जेपी कंपनी के हवाले से बताया कि फरवरी में एक्सप्रेसवे के सभी टोल पर फास्टैग लगने की उम्मीद है। इससे पहले निजी एक्सप्रेसवे बताकर कंपनी ने फास्टैग लगाने से मना कर दिया था। यमुना प्राधिकरण की चेतावनी के बाद कंपनी फास्टैग लगाने को तैयार हुई।