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मनमाने तरीके से आप चला रही विधानसभा : भाजपा
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जन मुद्दों को विधानसभा में उठाने की अनुमति न देने पर सांकेतिक सदन बनाकर बातें रखीं
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। नेता प्रतिपक्ष विजेंद्र गुप्ता ने बृहस्पतिवार को आम आदमी पार्टी की सरकार पर तानाशाही और मनमाने तरीके से विधानसभा चलाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि आप सरकार के शासन में भाजपा विधायकों को जनहित के मुद्दे विधानसभा में उठाने की अनुमति नहीं दी जा रही है। यह लोकतंत्र की हत्या करने का प्रयास है।
उन्होंने कहा कि विधानसभा सत्र शुरू होने के साथ ही भाजपा के पांच विधायकों ने गरीबों को 90 हजार राशन कार्ड जारी न करने, गंदे पानी की आपूर्ति, बिजली के नए कनेक्शन न देने, एसडीएम ऑफिस को गांधीनगर से विवेक विहार स्थानांतरित करने जैसे मुद्दों पर चर्चा शुरू करने की मांग की। इसके बाद उन्हें मार्शल बुलाकर बाहर निकलवा दिया गया। इसके बाद भाजपा विधायकों ने ‘मॉक विधानसभा’ का आयोजन किया। विधायक ओम प्रकाश शर्मा को सांकेतिक रूप से अध्यक्ष मनोनीत किया गया। यहां सभी विधायकों ने नियम 280 के अंतर्गत अपने-अपने जनहित के मुद्दों को रखा। विजेंद्र गुप्ता ने कहा कि केजरीवाल सरकार ने दिल्ली के मार्शलों के साथ धोखा किया है। नौजवानों के सपनों को तोड़ने का काम किया जा रहा है। सवाल यह है कि सीएजी की 12 रिपोर्ट को अब तक सदन में क्यों नहीं प्रस्तुत किया गया। आखिर केजरीवाल सरकार क्या छुपाना चाहती है। दिल्ली की जनता की समस्याओं से मुंह मोड़कर ये सरकार किस ओर भाग रही है। राशन वितरण में अनियमितता, बंद पड़े सीवरों से होने वाली समस्याएं, टूटी सड़कें, नालों की सफाई के नाम पर धोखा और सबसे दुखद 50 लोगों की पानी में डूबने से मौत होना है।
पेड़ों को काटने की अनुमति केजरीवाल ने दी थी : विजेंद्र
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि सत्ता पक्ष के नेता विधानसभा को मनमाने तरीके से चलाना चाहते हैं। सेंट्रल आर्म्ड पुलिस फोर्सेज इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (सीएपीएफआईएमएस) बनाते समय सड़क चौड़ी करने में बाधक बन रहे कुल 422 पेड़ों को काटने के मुद्दे पर सदन को गुमराह करने की कोशिश की जा रही है। केंद्रीय सुरक्षा बलों के कर्मचारियों को विश्वस्तरीय चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए केंद्र सरकार इसका निर्माण करा रही है। इस परियोजना के तहत अस्पताल के लिए मौजूदा सड़क की चौड़ाई लगभग 7.5 मीटर थी। अस्पताल तक पहुंच को सुविधाजनक बनाने के उद्देश्य से इस सड़क को चार लेन का करने के लिए चौड़ाई बढ़ाकर 24 मीटर करना आवश्यक था। 422 पेड़ों को काटने के लिए पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने संस्तुति के साथ 23 जनवरी 2024 को केजरीवाल को भेजा था और उन्होंने अपनी संस्तुति देते हुए फाइल उपराज्यपाल को भेजी थी। इसके बावजूद विधानसभा में आप नेता उपराज्यपाल पर झूठा आरोप लगा रहे हैं।
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अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। नेता प्रतिपक्ष विजेंद्र गुप्ता ने बृहस्पतिवार को आम आदमी पार्टी की सरकार पर तानाशाही और मनमाने तरीके से विधानसभा चलाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि आप सरकार के शासन में भाजपा विधायकों को जनहित के मुद्दे विधानसभा में उठाने की अनुमति नहीं दी जा रही है। यह लोकतंत्र की हत्या करने का प्रयास है।
उन्होंने कहा कि विधानसभा सत्र शुरू होने के साथ ही भाजपा के पांच विधायकों ने गरीबों को 90 हजार राशन कार्ड जारी न करने, गंदे पानी की आपूर्ति, बिजली के नए कनेक्शन न देने, एसडीएम ऑफिस को गांधीनगर से विवेक विहार स्थानांतरित करने जैसे मुद्दों पर चर्चा शुरू करने की मांग की। इसके बाद उन्हें मार्शल बुलाकर बाहर निकलवा दिया गया। इसके बाद भाजपा विधायकों ने ‘मॉक विधानसभा’ का आयोजन किया। विधायक ओम प्रकाश शर्मा को सांकेतिक रूप से अध्यक्ष मनोनीत किया गया। यहां सभी विधायकों ने नियम 280 के अंतर्गत अपने-अपने जनहित के मुद्दों को रखा। विजेंद्र गुप्ता ने कहा कि केजरीवाल सरकार ने दिल्ली के मार्शलों के साथ धोखा किया है। नौजवानों के सपनों को तोड़ने का काम किया जा रहा है। सवाल यह है कि सीएजी की 12 रिपोर्ट को अब तक सदन में क्यों नहीं प्रस्तुत किया गया। आखिर केजरीवाल सरकार क्या छुपाना चाहती है। दिल्ली की जनता की समस्याओं से मुंह मोड़कर ये सरकार किस ओर भाग रही है। राशन वितरण में अनियमितता, बंद पड़े सीवरों से होने वाली समस्याएं, टूटी सड़कें, नालों की सफाई के नाम पर धोखा और सबसे दुखद 50 लोगों की पानी में डूबने से मौत होना है।
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पेड़ों को काटने की अनुमति केजरीवाल ने दी थी : विजेंद्र
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि सत्ता पक्ष के नेता विधानसभा को मनमाने तरीके से चलाना चाहते हैं। सेंट्रल आर्म्ड पुलिस फोर्सेज इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (सीएपीएफआईएमएस) बनाते समय सड़क चौड़ी करने में बाधक बन रहे कुल 422 पेड़ों को काटने के मुद्दे पर सदन को गुमराह करने की कोशिश की जा रही है। केंद्रीय सुरक्षा बलों के कर्मचारियों को विश्वस्तरीय चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए केंद्र सरकार इसका निर्माण करा रही है। इस परियोजना के तहत अस्पताल के लिए मौजूदा सड़क की चौड़ाई लगभग 7.5 मीटर थी। अस्पताल तक पहुंच को सुविधाजनक बनाने के उद्देश्य से इस सड़क को चार लेन का करने के लिए चौड़ाई बढ़ाकर 24 मीटर करना आवश्यक था। 422 पेड़ों को काटने के लिए पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने संस्तुति के साथ 23 जनवरी 2024 को केजरीवाल को भेजा था और उन्होंने अपनी संस्तुति देते हुए फाइल उपराज्यपाल को भेजी थी। इसके बावजूद विधानसभा में आप नेता उपराज्यपाल पर झूठा आरोप लगा रहे हैं।
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