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Noida News: मेयर चुनाव टलने पर सदन में आप-भाजपा का हंगामा
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भाजपा और आम आदमी पार्टी ने एक-दूसरे के खिलाफ पोस्टर लहराकर बताया दलित विरोधी
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50 मिनट तक चले शोरशराबे के बाद सदन की बैठक स्थगित
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली।
मेयर चुनाव टलने के कारण शुक्रवार को नगर निगम सदन की बैठक में भाजपा व आप पार्षदों ने जमकर हंगामा किया। पोस्टर लहराकर एक-दूसरे को दलित विरोधी बताया गया। करीब 50 मिनट तक चले शोरशराबे के बाद सदन बैठक स्थगित करनी पड़ी।
इससे पहले आप पार्षदों और विधायकों ने सुबह करीब 11 बजे सिविक सेंटर परिसर में लगी आंबेडकर की मूर्ति के सामने जाकर उपराज्यपाल की ओर से मेयर चुनाव कराने के लिए पीठासीन अधिकारी नामित नहीं करने के निर्णय के खिलाफ प्रदर्शन किया। नेता सदन मुकेश गोयल के नेतृत्व में विधायक दुर्गेश पाठक, दिलीप पांडेय व अन्य नेताओं ने भाजपा पर दलित विरोधी पार्टी होने का आरोप लगाया। सभी ने हाथों में भाजपा के खिलाफ नारे लिखे पोस्टर ले रखे थे। करीब दस मिनट तक यहां रहने के बाद सभी नारे लगाते हुए सदन में दाखिल हुए। यहां भाजपा के पार्षद आप के खिलाफ पोस्टर लहराते हुए नारे लगा रहे थे। भाजपा पार्षद बढ़े टैक्स की नीति को वापस करने और डीबीसी कर्मियों को एमटीएस पर तैनात करने जैसे मुद्दों पर चर्चा कराने की मांग कर रहे थे। करीब 40 मिनट देरी से मेयर सदन में पहुंचीं। उन्होंने पार्षदों से हंगामा बंद करने की अपील की। इसी बीच उन्होंने दोनों दलों के मेयर-डिप्टी मेयर पद के लिए नामांकन भरने वाले पार्षदों को शुभकामनाएं दीं। हंगामा लगातार जारी था, तभी मेयर ने सदन की कार्यवाही को स्थगित कर दी और बाहर निकल गईं।
गली-गली जाकर बताएंगे, भाजपा दलित विरोधी - दुर्गेश पाठक
आप ने सिविक सेंटर में प्रेसवार्ता की। इस दौरान मेयर डॉ. शैली ओबरॉय, विधायक दुर्गेश पाठक, दिलीप पांडे, डिप्टी मेयर, नेता सदन आदि नेता मौजूद थे। दुर्गेश पाठक ने कि भाजपा और उपराज्यपाल ने मेयर का चुनाव रोककर दलित विरोधी चेहरा उजागर कर दिया है। भाजपा ये नहीं चाहती कि दिल्ली में दलित मेयर बने। लोकसभा चुनाव के दौरान भाजपा को ये बहुत मंहगा पड़ेगा। हम गली-गली जाकर ये बताएंगे। हमने पहले भी इनका घमंड तोड़ा है। मेयर चुनाव के लिए कानूनी सलाह ले रहे हैं। वहीं, दिलीप पांडे ने कहा कि भाजपा लोकतंत्र को खत्म करना चाह रही है। इसीलिए 400 पार सीटें जीतने का ख्वाब देख रही है। मुकेश गोयल ने कहा कि भाजपा जितनी भी कोशिश कर ले, लेकिन दिल्ली में दलित मेयर जरूर बनाएंगे। अन्य प्रेसवार्ता में सांसद संजय सिंह ने कहा कि इससे पहले भाजपा ने चंडीगढ़ में एक सफाई कर्मचारी के बेटे को मेयर बनने से रोकने की पूरी कोशिश की थी। भाजपा और संघ के लोग दलितों, पिछड़ों और आदिवासियों के हक मारना चाहते हैं।
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आप दलित और महिला विरोधी : राजा इकबाल सिंह
निगम में नेता विपक्ष व पूर्व मेयर राजा इकबाल सिंह ने प्रेसवार्ता में कहा कि आम आदमी पार्टी दलित और महिला विरोधी है। आप मेयर व डिप्टी मेयर के लिए चुनाव कराना ही नहीं चाहती। इनकी पार्टी में चल रहे मतभेद सार्वजनिक हो गए हैं। यदि आप की मंशा चुनाव कराने की होती तो चुनाव की तारीख घोषित करने से पहले पूरी सांविधानिक प्रक्रिया से पहले चुनाव आयोग और पीठासीन अधिकारी नामित होने की अनुमति लेते। उन्होंने आप पार्टी से पूछा कि वे नया मुख्यमंत्री कब ला रहे हैं, ताकि मेयर व डिप्टी मेयर पदों की चुनावी प्रक्रिया को पूरा किया जा सके। आप और कांग्रेस का गठबंधन केवल चुनावी दिखावा है, यदि इनमें सही में गठबंधन होता है तो डिप्टी मेयर पद के लिए कांग्रेस की तरफ से कोई प्रत्याशी खड़ा करते। मेयर ने स्टैंडिंग कमेटी के अध्यक्ष व उपाध्यक्ष पदों के लिए चुनाव नहीं होने दिए। स्टैंडिंग कमेटी की चुनाव प्रक्रिया पर किसी प्रकार की रोक नहीं है। इसके बावजूद मेयर ने चुनाव कराने के लिए पीठासीन अधिकारी की नियुक्ति नहीं की। स्टैंडिंग कमेटी के चुनाव नहीं हुए, जिसका खामियाजा दिल्ली की जनता को भुगतना पड़ रहा है।
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50 मिनट तक चले शोरशराबे के बाद सदन की बैठक स्थगित
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली।
मेयर चुनाव टलने के कारण शुक्रवार को नगर निगम सदन की बैठक में भाजपा व आप पार्षदों ने जमकर हंगामा किया। पोस्टर लहराकर एक-दूसरे को दलित विरोधी बताया गया। करीब 50 मिनट तक चले शोरशराबे के बाद सदन बैठक स्थगित करनी पड़ी।
इससे पहले आप पार्षदों और विधायकों ने सुबह करीब 11 बजे सिविक सेंटर परिसर में लगी आंबेडकर की मूर्ति के सामने जाकर उपराज्यपाल की ओर से मेयर चुनाव कराने के लिए पीठासीन अधिकारी नामित नहीं करने के निर्णय के खिलाफ प्रदर्शन किया। नेता सदन मुकेश गोयल के नेतृत्व में विधायक दुर्गेश पाठक, दिलीप पांडेय व अन्य नेताओं ने भाजपा पर दलित विरोधी पार्टी होने का आरोप लगाया। सभी ने हाथों में भाजपा के खिलाफ नारे लिखे पोस्टर ले रखे थे। करीब दस मिनट तक यहां रहने के बाद सभी नारे लगाते हुए सदन में दाखिल हुए। यहां भाजपा के पार्षद आप के खिलाफ पोस्टर लहराते हुए नारे लगा रहे थे। भाजपा पार्षद बढ़े टैक्स की नीति को वापस करने और डीबीसी कर्मियों को एमटीएस पर तैनात करने जैसे मुद्दों पर चर्चा कराने की मांग कर रहे थे। करीब 40 मिनट देरी से मेयर सदन में पहुंचीं। उन्होंने पार्षदों से हंगामा बंद करने की अपील की। इसी बीच उन्होंने दोनों दलों के मेयर-डिप्टी मेयर पद के लिए नामांकन भरने वाले पार्षदों को शुभकामनाएं दीं। हंगामा लगातार जारी था, तभी मेयर ने सदन की कार्यवाही को स्थगित कर दी और बाहर निकल गईं।
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गली-गली जाकर बताएंगे, भाजपा दलित विरोधी - दुर्गेश पाठक
आप ने सिविक सेंटर में प्रेसवार्ता की। इस दौरान मेयर डॉ. शैली ओबरॉय, विधायक दुर्गेश पाठक, दिलीप पांडे, डिप्टी मेयर, नेता सदन आदि नेता मौजूद थे। दुर्गेश पाठक ने कि भाजपा और उपराज्यपाल ने मेयर का चुनाव रोककर दलित विरोधी चेहरा उजागर कर दिया है। भाजपा ये नहीं चाहती कि दिल्ली में दलित मेयर बने। लोकसभा चुनाव के दौरान भाजपा को ये बहुत मंहगा पड़ेगा। हम गली-गली जाकर ये बताएंगे। हमने पहले भी इनका घमंड तोड़ा है। मेयर चुनाव के लिए कानूनी सलाह ले रहे हैं। वहीं, दिलीप पांडे ने कहा कि भाजपा लोकतंत्र को खत्म करना चाह रही है। इसीलिए 400 पार सीटें जीतने का ख्वाब देख रही है। मुकेश गोयल ने कहा कि भाजपा जितनी भी कोशिश कर ले, लेकिन दिल्ली में दलित मेयर जरूर बनाएंगे। अन्य प्रेसवार्ता में सांसद संजय सिंह ने कहा कि इससे पहले भाजपा ने चंडीगढ़ में एक सफाई कर्मचारी के बेटे को मेयर बनने से रोकने की पूरी कोशिश की थी। भाजपा और संघ के लोग दलितों, पिछड़ों और आदिवासियों के हक मारना चाहते हैं।
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आप दलित और महिला विरोधी : राजा इकबाल सिंह
निगम में नेता विपक्ष व पूर्व मेयर राजा इकबाल सिंह ने प्रेसवार्ता में कहा कि आम आदमी पार्टी दलित और महिला विरोधी है। आप मेयर व डिप्टी मेयर के लिए चुनाव कराना ही नहीं चाहती। इनकी पार्टी में चल रहे मतभेद सार्वजनिक हो गए हैं। यदि आप की मंशा चुनाव कराने की होती तो चुनाव की तारीख घोषित करने से पहले पूरी सांविधानिक प्रक्रिया से पहले चुनाव आयोग और पीठासीन अधिकारी नामित होने की अनुमति लेते। उन्होंने आप पार्टी से पूछा कि वे नया मुख्यमंत्री कब ला रहे हैं, ताकि मेयर व डिप्टी मेयर पदों की चुनावी प्रक्रिया को पूरा किया जा सके। आप और कांग्रेस का गठबंधन केवल चुनावी दिखावा है, यदि इनमें सही में गठबंधन होता है तो डिप्टी मेयर पद के लिए कांग्रेस की तरफ से कोई प्रत्याशी खड़ा करते। मेयर ने स्टैंडिंग कमेटी के अध्यक्ष व उपाध्यक्ष पदों के लिए चुनाव नहीं होने दिए। स्टैंडिंग कमेटी की चुनाव प्रक्रिया पर किसी प्रकार की रोक नहीं है। इसके बावजूद मेयर ने चुनाव कराने के लिए पीठासीन अधिकारी की नियुक्ति नहीं की। स्टैंडिंग कमेटी के चुनाव नहीं हुए, जिसका खामियाजा दिल्ली की जनता को भुगतना पड़ रहा है।