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Noida News: कपालमोचन मेले के समापन पर लगेगा बर्तन मेला
Fri, 24 Oct 2025 12:38 AM IST
नोएडा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, नोएडा
संवाद न्यूज एजेंसी, नोएडा
Updated Fri, 24 Oct 2025 12:38 AM IST
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जगाधरी की फैक्टरी में तैयार किए गए बर्तन। आर्काइव
संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। दीपावली के बाद कारोबारी कपालमोचन मेले के समापन पर जगाधरी में लगने वाले बर्तन मेले की तैयारियों में जुट गए हैं। इस मेले से जहां कारोबारियों को पांच से सात लाख रुपये का कारोबार होने की उम्मीद है, वहीं दिवाली के दौरान जो माल तैयार बचा, वह भी बेचने का अच्छा मौका मिलेगा।
जगाधरी रोड पर लगने वाले बर्तन मेले में इस बार 300 से अधिक दुकानें लगाई जाएंगी। बता दें इस बार एक से पांच नवंबर तक कपालमोचन मेले आ आयोजन होगा। इसके समापन के दिन कपालमोचन मेले में आने वाले पंजाब के श्रद्धालु अपने घर लौटते समय जगाधरी के बर्तन बाजार से बर्तनों की खरीदारी जरूर करते हैं।
दी जगाधरी मैटल मैन्युफैक्चरर्स एंड सपलायर्स एसोसिएशन के महासचिव सुंदर लाल बत्रा ने बताया कि दिवाली के बाद कारोबारियों को कपालमोचन मेले से काफी उम्मीद होती हैं। बर्तन मेले को लेकर माल तैयार किया जा रहा है। कपालमोचन मेले के दौरान जगाधरी में बर्तनों का एक बड़ा बाजार लगता है और व्यापारी खास तौर पर बर्तनों के स्टॉल लगाते हैं। । कपालमोचन मेले के बाद श्रद्धालु जगाधरी से बर्तनों की खरीदारी करते हैं, यह एक सदियों पुरानी परंपरा है। ऐसा माना जाता है कि कपालमोचन के पवित्र सरोवर में स्नान के बाद जगाधरी से बर्तन खरीदने से घर में समृद्धि और बरकत आती है। यह परंपरा गुरु गोबिंद सिंह की ओर से जगाधरी से लंगर के लिए बर्तन खरीदने के बाद शुरू हुई थी।
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इस दौरान जगाधरी में एक बर्तन मेला लगता है और व्यापारी स्टॉल लगाते हैं, जिससे बर्तनों की मांग बढ़ जाती है। वहीं, बड़ी संख्या में श्रद्धालु, विशेषकर पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और अन्य राज्यों से आए भक्त बर्तन और अन्य सामान खरीदते हैं। श्रद्धालु परंपरा मानकर बर्तनों की खरीदारी करते हैं।
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यमुनानगर। दीपावली के बाद कारोबारी कपालमोचन मेले के समापन पर जगाधरी में लगने वाले बर्तन मेले की तैयारियों में जुट गए हैं। इस मेले से जहां कारोबारियों को पांच से सात लाख रुपये का कारोबार होने की उम्मीद है, वहीं दिवाली के दौरान जो माल तैयार बचा, वह भी बेचने का अच्छा मौका मिलेगा।
जगाधरी रोड पर लगने वाले बर्तन मेले में इस बार 300 से अधिक दुकानें लगाई जाएंगी। बता दें इस बार एक से पांच नवंबर तक कपालमोचन मेले आ आयोजन होगा। इसके समापन के दिन कपालमोचन मेले में आने वाले पंजाब के श्रद्धालु अपने घर लौटते समय जगाधरी के बर्तन बाजार से बर्तनों की खरीदारी जरूर करते हैं।
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दी जगाधरी मैटल मैन्युफैक्चरर्स एंड सपलायर्स एसोसिएशन के महासचिव सुंदर लाल बत्रा ने बताया कि दिवाली के बाद कारोबारियों को कपालमोचन मेले से काफी उम्मीद होती हैं। बर्तन मेले को लेकर माल तैयार किया जा रहा है। कपालमोचन मेले के दौरान जगाधरी में बर्तनों का एक बड़ा बाजार लगता है और व्यापारी खास तौर पर बर्तनों के स्टॉल लगाते हैं। । कपालमोचन मेले के बाद श्रद्धालु जगाधरी से बर्तनों की खरीदारी करते हैं, यह एक सदियों पुरानी परंपरा है। ऐसा माना जाता है कि कपालमोचन के पवित्र सरोवर में स्नान के बाद जगाधरी से बर्तन खरीदने से घर में समृद्धि और बरकत आती है। यह परंपरा गुरु गोबिंद सिंह की ओर से जगाधरी से लंगर के लिए बर्तन खरीदने के बाद शुरू हुई थी।
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इस दौरान जगाधरी में एक बर्तन मेला लगता है और व्यापारी स्टॉल लगाते हैं, जिससे बर्तनों की मांग बढ़ जाती है। वहीं, बड़ी संख्या में श्रद्धालु, विशेषकर पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और अन्य राज्यों से आए भक्त बर्तन और अन्य सामान खरीदते हैं। श्रद्धालु परंपरा मानकर बर्तनों की खरीदारी करते हैं।