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Noida News: अतिक्रमण के नोटिस का परीक्षण करने के लिए बनेगी समिति
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अतिक्रमण के नोटिस का परीक्षण करने के लिए बनेगी समिति
निवासियों और आरडब्ल्यूए की तरफ से मांग उठाए जाने के बाद प्राधिकरण ने लिया फैसला
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। नोएडा प्राधिकरण खुद की बनाई हुई दो-तीन मंजिल की हाउसिंग व कॉपरेटिव हाउसिंग के फ्लैटों में दर्ज अतिक्रमण-अवैध निर्माण देखने के लिए एक समिति बनाएगी। समिति यह देखेगी कि दर्ज अवैध निर्माण भवन नियमावली का उल्लंघन है या नहीं।
इसके साथ ही अलग-अलग प्रकरण में अवैध निर्माण को कंपाउंडिंग कर वैध किया जा सकता है या नहीं इसका भी परीक्षण समिति करेगी। अतिक्रमण को लेकर प्राधिकरण की तरफ से जारी किए गए धारा-10 की नोटिस पर निवासियों और आरडब्ल्यूए की तरफ से लगातार राहत की मांग उठाई जा रही है। इसको देखते हुए समिति बनाने का निर्णय प्राधिकरण ने लिया है। प्राधिकरण अधिकारियों ने बताया कि समिति हर प्रकरण को अलग-अलग देखेगी। अगर नाली पर अतिक्रमण है तो उसे हटवाकर नोटिस खत्म करवाई जाएगी। अगर किसी ने बंदर से बचने को जाल लगवाया है तो उसे भी देखा जाएगा। लेकिन अगर शीशा लगाकर किसी क्षेत्र को कवर किया गया है तो उसे अतिक्रमण ही माना जाएगा। सबसे ज्यादा प्रकरण सेक्टर-12 और 22 के हैं। यहां पर एक मंजिल के मकान जो प्राधिकरण ने आवंटित किए थे उन पर अधिकतर में तीन से चार मंजिल का निर्माण हो गया है।
प्राधिकरण के हाउसिंग व ग्रुप हाउसिंग विभाग दोनों की तरफ से इन पुराने फ्लैटों में अतिक्रमण को लेकर नोटिस जारी किए गए हैं। हाउसिंग विभाग से अब तक 3500 से ज्यादा फ्लैट आवंटियों के नाम नोटिस जारी किए जा चुके हैं। वहीं ग्रुप हाउसिंग में शामिल सेक्टर-28, 29, 37 के फ्लैट व मकानों को भी नोटिस जारी होने की शुरुआत हो गई है। यहां पर करीब 80 मकानों को नोटिस मंगलवार-बुधवार को जारी कर दिए गए। प्राधिकरण की तरफ से मानसरोवर योजना सेक्टर-52, शताब्दी विहार सेक्टर-61, 52, अरावली व धवलगिरी, नीलगिरी अपार्टमेंट सेक्टर-34, 11, एचआईजी एलआईजी हाउसिंग सेक्टर-82, 71, जनता फ्लैट सेक्टर-71, 11, 12, 73, एचआईजी फ्लैट सेक्टर-105, डूप्लेक्स सेक्टर-108, एलआईजी फ्लैट सेक्टर-99, एमआईजी फ्लैट सेक्टर-27, 26, 20 श्रमिक कुंज सेक्टर-66, 93, 93 ए, 122 व अन्य में नोटिस जारी किए गए हैं।
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निवासियों और आरडब्ल्यूए की तरफ से मांग उठाए जाने के बाद प्राधिकरण ने लिया फैसला
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। नोएडा प्राधिकरण खुद की बनाई हुई दो-तीन मंजिल की हाउसिंग व कॉपरेटिव हाउसिंग के फ्लैटों में दर्ज अतिक्रमण-अवैध निर्माण देखने के लिए एक समिति बनाएगी। समिति यह देखेगी कि दर्ज अवैध निर्माण भवन नियमावली का उल्लंघन है या नहीं।
इसके साथ ही अलग-अलग प्रकरण में अवैध निर्माण को कंपाउंडिंग कर वैध किया जा सकता है या नहीं इसका भी परीक्षण समिति करेगी। अतिक्रमण को लेकर प्राधिकरण की तरफ से जारी किए गए धारा-10 की नोटिस पर निवासियों और आरडब्ल्यूए की तरफ से लगातार राहत की मांग उठाई जा रही है। इसको देखते हुए समिति बनाने का निर्णय प्राधिकरण ने लिया है। प्राधिकरण अधिकारियों ने बताया कि समिति हर प्रकरण को अलग-अलग देखेगी। अगर नाली पर अतिक्रमण है तो उसे हटवाकर नोटिस खत्म करवाई जाएगी। अगर किसी ने बंदर से बचने को जाल लगवाया है तो उसे भी देखा जाएगा। लेकिन अगर शीशा लगाकर किसी क्षेत्र को कवर किया गया है तो उसे अतिक्रमण ही माना जाएगा। सबसे ज्यादा प्रकरण सेक्टर-12 और 22 के हैं। यहां पर एक मंजिल के मकान जो प्राधिकरण ने आवंटित किए थे उन पर अधिकतर में तीन से चार मंजिल का निर्माण हो गया है।
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प्राधिकरण के हाउसिंग व ग्रुप हाउसिंग विभाग दोनों की तरफ से इन पुराने फ्लैटों में अतिक्रमण को लेकर नोटिस जारी किए गए हैं। हाउसिंग विभाग से अब तक 3500 से ज्यादा फ्लैट आवंटियों के नाम नोटिस जारी किए जा चुके हैं। वहीं ग्रुप हाउसिंग में शामिल सेक्टर-28, 29, 37 के फ्लैट व मकानों को भी नोटिस जारी होने की शुरुआत हो गई है। यहां पर करीब 80 मकानों को नोटिस मंगलवार-बुधवार को जारी कर दिए गए। प्राधिकरण की तरफ से मानसरोवर योजना सेक्टर-52, शताब्दी विहार सेक्टर-61, 52, अरावली व धवलगिरी, नीलगिरी अपार्टमेंट सेक्टर-34, 11, एचआईजी एलआईजी हाउसिंग सेक्टर-82, 71, जनता फ्लैट सेक्टर-71, 11, 12, 73, एचआईजी फ्लैट सेक्टर-105, डूप्लेक्स सेक्टर-108, एलआईजी फ्लैट सेक्टर-99, एमआईजी फ्लैट सेक्टर-27, 26, 20 श्रमिक कुंज सेक्टर-66, 93, 93 ए, 122 व अन्य में नोटिस जारी किए गए हैं।
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