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ईपीसीए की बंदिशें दो दिन और बढ़ी
Updated Sat, 10 Nov 2018 11:20 PM IST
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ईपीसीए की बंदिशें दो दिन और बढ़ी
गुरुग्राम। सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित पर्यावरण प्रदूषण नियंत्रण प्राधिकरण (ईपीसीए) द्वारा लगाई गई बंदिशें शनिवार को खत्म होने से पहले ही इसकी मियाद दो दिन और बढ़ा दी गई है। ईपीसीए ने गुरुग्राम-फरीदाबाद समेत एनसीआर के अन्य शहरों में निर्माण कार्य संबंधी रोक को जारी रखते हुए प्रदूषण नियंत्रण के ठोस उपाय अपनाने के आदेश दिए हैं। अभियान के दौरान कचरा जलाने वालों, कचरा एवं मलबा फेंकने वालों, निर्माण गतिविधियों, खुले में कचरा परिवहन, बिना ढकी निर्माण सामग्री और सड़क किनारे बिना ढकी निर्माण सामग्री के विक्रेताओं पर कार्रवाई की जाएगी। सोमवार को ईपीसीए केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण विभाग (सीपीसीबी) के साथ हरियाणा प्रदूषण नियंत्रण विभाग और अन्य राज्यों के प्रदूषण नियंत्रण विभाग व अन्य महकमों के साथ बैठक कर समीक्षा करेगा। इसके बाद बंदिशों को जारी रखने या हटाने का निर्णय ईपीसीए चेयरमैन भूरेलाल की अध्यक्षता में लिया जाएगा।
वहीं, पर्यावरणविदों की मानें तो दिल्ली, गुरुग्राम समेत एनसीआर के अन्य शहरों में बदतर होती हवा को देखते हुए ईपीसीए को इस तरह की बंदिशें लगातार जारी रखनी चाहिए। पर्यावरणविद् रुचिका सेठी का कहना है कि दिवाली पर पहले पटाखों की बंदिशें लगाई गई, लेकिन पूरी तरह से कामयाब नहीं रहा। दिवाली के बाद हवा में पीएम-2.5 का स्तर खतरनाक श्रेणी में है। पांच दिनों की छुट्टी होने के कारण सड़कों पर वाहनों की संख्या कम रही है। कई फैक्ट्री और अन्य छोटे स्थानों पर कामकाज भी बंद रहा है। इसकी वजह से वायु गुणवत्ता सूचकांक करीब 400 प्रति क्यूबिक मीटर दर्ज किया गया है।
सोमवार से सभी दफ्तर, कारखाने आदि खुल जाएंगे। लोगों की आवाजाही बढ़ जाएगी। इसी के साथ फिर से हवा खतरनाक श्रेणी से अधिक होने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता है। इसे ध्यान में रखते हुए ईपीसीए द्वारा प्रदूषण पर लगाम लगाने के लिए बंदिशों को बरकरार रखना जरूरी है।
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गुरुग्राम में एक्यूआई 363 प्रति क्यूबिक मीटर
गुरुग्राम में दिवाली के बाद से प्रदूषण लगातार खराब स्तर पर बना हुआ है। सीबीसीबी द्वारा जारी वायु गुणवत्ता सूचकांक 363 प्रति क्यूबिक मीटर दर्ज किया गया, जो सामान्य से सात गुना अधिक है। हालांकि बृहस्पतिवार के मुकाबले थोड़ा सुधार हुआ है। प्रदूषण नियंत्रण विभाग की मानें तो हवा चलने की वजह से प्रदूषण में कमी आई है। आने वाले वक्त में इसमें और कमी आने की संभावना है।
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गुरुग्राम। सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित पर्यावरण प्रदूषण नियंत्रण प्राधिकरण (ईपीसीए) द्वारा लगाई गई बंदिशें शनिवार को खत्म होने से पहले ही इसकी मियाद दो दिन और बढ़ा दी गई है। ईपीसीए ने गुरुग्राम-फरीदाबाद समेत एनसीआर के अन्य शहरों में निर्माण कार्य संबंधी रोक को जारी रखते हुए प्रदूषण नियंत्रण के ठोस उपाय अपनाने के आदेश दिए हैं। अभियान के दौरान कचरा जलाने वालों, कचरा एवं मलबा फेंकने वालों, निर्माण गतिविधियों, खुले में कचरा परिवहन, बिना ढकी निर्माण सामग्री और सड़क किनारे बिना ढकी निर्माण सामग्री के विक्रेताओं पर कार्रवाई की जाएगी। सोमवार को ईपीसीए केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण विभाग (सीपीसीबी) के साथ हरियाणा प्रदूषण नियंत्रण विभाग और अन्य राज्यों के प्रदूषण नियंत्रण विभाग व अन्य महकमों के साथ बैठक कर समीक्षा करेगा। इसके बाद बंदिशों को जारी रखने या हटाने का निर्णय ईपीसीए चेयरमैन भूरेलाल की अध्यक्षता में लिया जाएगा।
वहीं, पर्यावरणविदों की मानें तो दिल्ली, गुरुग्राम समेत एनसीआर के अन्य शहरों में बदतर होती हवा को देखते हुए ईपीसीए को इस तरह की बंदिशें लगातार जारी रखनी चाहिए। पर्यावरणविद् रुचिका सेठी का कहना है कि दिवाली पर पहले पटाखों की बंदिशें लगाई गई, लेकिन पूरी तरह से कामयाब नहीं रहा। दिवाली के बाद हवा में पीएम-2.5 का स्तर खतरनाक श्रेणी में है। पांच दिनों की छुट्टी होने के कारण सड़कों पर वाहनों की संख्या कम रही है। कई फैक्ट्री और अन्य छोटे स्थानों पर कामकाज भी बंद रहा है। इसकी वजह से वायु गुणवत्ता सूचकांक करीब 400 प्रति क्यूबिक मीटर दर्ज किया गया है।
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सोमवार से सभी दफ्तर, कारखाने आदि खुल जाएंगे। लोगों की आवाजाही बढ़ जाएगी। इसी के साथ फिर से हवा खतरनाक श्रेणी से अधिक होने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता है। इसे ध्यान में रखते हुए ईपीसीए द्वारा प्रदूषण पर लगाम लगाने के लिए बंदिशों को बरकरार रखना जरूरी है।
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गुरुग्राम में एक्यूआई 363 प्रति क्यूबिक मीटर
गुरुग्राम में दिवाली के बाद से प्रदूषण लगातार खराब स्तर पर बना हुआ है। सीबीसीबी द्वारा जारी वायु गुणवत्ता सूचकांक 363 प्रति क्यूबिक मीटर दर्ज किया गया, जो सामान्य से सात गुना अधिक है। हालांकि बृहस्पतिवार के मुकाबले थोड़ा सुधार हुआ है। प्रदूषण नियंत्रण विभाग की मानें तो हवा चलने की वजह से प्रदूषण में कमी आई है। आने वाले वक्त में इसमें और कमी आने की संभावना है।