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कर्मचारियों पर जीपीएस से रखी जा रही नजर
Updated Tue, 21 Aug 2018 06:24 PM IST
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कर्मचारियों पर जीपीएस से रखी जा रही नजर
डेंगू-मलेरिया से निपटने को नगर निगम ने बढ़ाए कर्मचारी
सभी को शहर के विभिन्न इलाकों में दवा छिड़काव की जिम्मेदारी
अमर उजाला ब्यूरो
गुुरुग्राम। बरसात के मौसम में डेंगू-मलेरिया के प्रकोप को बढ़ने से रोकने के लिए नगर निगम ने कमर कस ली है। निगम ने डेंगू-मलेरिया टीम में बढ़ोतरी करते हुए चारों जोन में दो-दो सुपरवाइजरों के साथ 15-15 कर्मचारियों को लगाया है। इन टीमों पर जीपीएस द्वारा नजर भी रखी जा रही है। टीम लार्वा की जांच के साथ-साथ लोगों को भी डेंगू-मलेरिया को लेकर जागरूक भी कर रही है। पहले निगम की इस टीम में चारों जोन में सिर्फ 5-5 कर्मचारियों को जांच के लिए लगाया हुआ था। लेकिन शहर में बारिश के बाद अब तक डेंगू के 5 एवं मलेरिया के 7 मरीजों की पुष्टि हो चुकी है और करीब 50 मरीज संदिग्ध मिले हैं।
निगम की ये टीमें शहर के चारों जोन में घर-घर जाकर लोगों के घरों में कूलर, एसी, पानी की टंकी आदि जगहों पर पानी की जांच और मच्छरों के लार्वा की जांच कर रही हैं। जहां भी स्थिति संदिग्ध मिलती है वहां निगम द्वारा उसी समय दवा छिड़काव करवाई जा रही है। जीपीएस के जरिये निगरानी रखने के लिए टीम को अपने मोबाइल में जीपीएस सिस्टम ऑन रखना होता है।
शहर में बारिश के मौसम में डेंगू-मलेरिया का लार्वा ज्यादा नहीं फैले इसके लिए टीम में कर्मचारियों की संख्या को बढ़ाया गया है। जहां भी संदिग्ध मामला मिलता है वहां पर छिड़काव करवाई जा रही है।
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-डॉ. असरुदीन, मुख्य मेडिकल अधिकारी, नगर निगम, गुरुग्राम।
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डेंगू-मलेरिया से निपटने को नगर निगम ने बढ़ाए कर्मचारी
सभी को शहर के विभिन्न इलाकों में दवा छिड़काव की जिम्मेदारी
अमर उजाला ब्यूरो
गुुरुग्राम। बरसात के मौसम में डेंगू-मलेरिया के प्रकोप को बढ़ने से रोकने के लिए नगर निगम ने कमर कस ली है। निगम ने डेंगू-मलेरिया टीम में बढ़ोतरी करते हुए चारों जोन में दो-दो सुपरवाइजरों के साथ 15-15 कर्मचारियों को लगाया है। इन टीमों पर जीपीएस द्वारा नजर भी रखी जा रही है। टीम लार्वा की जांच के साथ-साथ लोगों को भी डेंगू-मलेरिया को लेकर जागरूक भी कर रही है। पहले निगम की इस टीम में चारों जोन में सिर्फ 5-5 कर्मचारियों को जांच के लिए लगाया हुआ था। लेकिन शहर में बारिश के बाद अब तक डेंगू के 5 एवं मलेरिया के 7 मरीजों की पुष्टि हो चुकी है और करीब 50 मरीज संदिग्ध मिले हैं।
निगम की ये टीमें शहर के चारों जोन में घर-घर जाकर लोगों के घरों में कूलर, एसी, पानी की टंकी आदि जगहों पर पानी की जांच और मच्छरों के लार्वा की जांच कर रही हैं। जहां भी स्थिति संदिग्ध मिलती है वहां निगम द्वारा उसी समय दवा छिड़काव करवाई जा रही है। जीपीएस के जरिये निगरानी रखने के लिए टीम को अपने मोबाइल में जीपीएस सिस्टम ऑन रखना होता है।
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शहर में बारिश के मौसम में डेंगू-मलेरिया का लार्वा ज्यादा नहीं फैले इसके लिए टीम में कर्मचारियों की संख्या को बढ़ाया गया है। जहां भी संदिग्ध मामला मिलता है वहां पर छिड़काव करवाई जा रही है।
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-डॉ. असरुदीन, मुख्य मेडिकल अधिकारी, नगर निगम, गुरुग्राम।