फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Noida News ›   निरंतर गिरते भूजल स्तर से अधिकारी और जनता दोनों चिंतित

निरंतर गिरते भूजल स्तर से अधिकारी और जनता दोनों चिंतित

Mon, 16 Apr 2018 05:36 PM IST
Updated Mon, 16 Apr 2018 05:36 PM IST
विज्ञापन
निरंतर गिरते भूजल स्तर से अधिकारी और जनता दोनों चिंतित
निरंतर गिरते भूजल स्तर से अधिकारी और जनता दोनों चिंतित
विज्ञापन


कम बारिश होने तथा जल दोहन काफी ज्यादा होने से भूमिगत जलस्तर निरंतर बहुत तेजी से गिर रहा है। पिछले एक वर्ष में भूमिगत जलस्तर शहर में दो फीट तक गिरकर 450 फीट तक पहुंच गया है। जबकि अरावली की तलहटी में बसे गांवों की स्थिति तो इससे भी बदतर है, वहां भूजल स्तर 800 फीट तक पहुंच गया है। हालात यही रहे तो लोग पेयजल के लिए तरस जाएंगे।
पिछले कई वर्षों से कम बारिश होने व पानी का जबरदस्त तरीके से दोहन होने की वजह से तेजी से भूमिगत जलस्तर गिर रहा है। फिरोजपुर झिरका शहर में तिजारा रोड पर जहां पर जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के अधिकारी शहर के लोगों को पेयजल आपूर्ति करवाने के लिए बोरिंग करवाते हैं वहां पर वर्ष 2016-17 में भूमिगत जल स्तर 200 से 250 फीट तक था। लेकिन इस वर्ष यह साढ़े 450 फीट तक पहुंच गया है।
विज्ञापन

-अरावली की तलहटी में बसे गांवों में स्थिति खराब
अरावली पहाड़ों की तलहटी में बसे गांव पाटन उदयपुरी, हसनपुर बिलोंड़ा, पाठखोरी, चैनपुरी, भोंड़, सिधरावट, ग्यासनियानबास, धमाला, रंगाला राजपुर, पोल, नसीरबास, नावली, मोहम्मदबास गांव सहित काफी गांवों में भूमिगत जलस्तर 800 फीट तक पहुंच गया है। जिसकी वजह से इन गांवों के किसानों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

- बोरिंग करवाने में हो रहा है काफी पैसा खर्च
मार्केट कमेटी के पूर्व चेयरमैन इसराईल खान, पूर्व सरपंच इदरीश, इसमाईल, हारुन, अख्तर हुसैन ने कहा अब तो बोरिंग करवाना भी आसान नहीं रहा। भूमिगत जलस्तर इतना ज्यादा नीचे पहुंच गया है कि बोरिंग करवाने में ही काफी खर्चा हो जाता है।
- खेतों की सिंचाईं करना आसान नहीं
अरावली पहाड़ के साथ लगते गांवों में किसानों को अपने खेतों की सिंचाई करना आसान नहीं है। जिसकी वजह है कि इनको बिजली पर निर्भर रहना पड़ता है। खेतों की सिंचाई करने के बाद बिजली का बिल भी काफी ज्यादा आता है।
- करनी होगी पानी की बचत
चार्टर्ड एकाउंटेंट पंकज महेश्वरी, महेंद्र कौशिक, जगदीश प्रसाद गुप्ता ने कहा लोगों को अब पानी की बचत करने तथा आवश्यकतानुसार पानी का उपयोग करने के लिए जागरूक होना पड़ेगा। आने वाली पीढ़ियों का ध्यान रखते हुए पानी की बचत करना जरूरी है।

निरंतर गिरते भूमिगत जलस्तर के कारण शहर के साथ-साथ गांवों में जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के उपमंडल फिरोजपुर झिरका में 40 से ज्यादा बोरिंग सूख चुके हैं। जिसकी वजह से पेयजल आपूर्ति भी प्रभावित हो रही है।

-----
- सूख चुके हैं 40 से ज्यादा बोरिंग
जितनी तेजी से भूमिगत जलस्तर गिर रहा है, वह चिंताजनक है। भूजल स्तर गिरने के कारण उपमंडल के 40 से ज्यादा बोरिंग सूख चुके हैं। लोगों को पानी की बचत के लिए जागरूक होना पड़ेगा।
- शमीउल्ला खान, जेई, जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग, फिरोजपुर झिरका।
चित्रऱ्- भूमिगत जलस्तर के गिरने से सूखा पड़ा बोरिंग।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed