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7. तीन वर्षों में नूंह जिला ने की विशेष तरक्की, नीती आयोग की रिर्पोट में 107 पायदान से तीसरे
Updated Sun, 15 Apr 2018 06:03 PM IST
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‘पिछड़े’ जिले नूंह ने लगाई 104 पायदान की छलांग
फिरोजपुर झिरका
देश के सबसे पिछड़े जिलों की सूची में 107वें पायदान पर रहने वाला नूंह अब तीसरे पायदान पर आ गया है। इसमें शिक्षा विभाग के अधिकारियों द्वारा पिछले तीन वर्षों में की गई कड़ी मेहनत भी शामिल है। 107वें नंबर से तीसरे नंबर पर नूंह का आना इस क्षेत्र के लोगों के लिए गर्व की बात है।
जिला शिक्षा अधिकारी डा. दिनेश शास्त्री ने बताया कि नीति आयोग द्वारा वर्ष 2015 में देशभर में करवाए गए सर्वे के अनुसार, देश के पिछड़े 115 जिलों में नूंह 107वें नंबर पर था। इसकी वजह से इस क्षेत्र के लोग अपने आप में शर्मिंदा व हैरान थे, जिसकी वजह साफ है कि देश में अभी भी कई जिले ऐसे हैं जो नूंह से भी ज्यादा पिछड़े हैं।
लेकिन नीति आयोग की 2018 के सर्वे के अनुसार, नूंह जिला अब देश में तीसरे पायदान पर आ गया है। मतलब 104 पायदान की छलांग लगाई है नूंह जिला ने। नूंह के तीसरे नंबर पर आने में शिक्षा विभाग का विशेष योगदान रहा है। शिक्षा के क्षेत्र में जिला शिक्षा अधिकारी डा. दिनेश शास्त्री ने अपनी टीम के साथ प्रत्येक खंड में जाकर जो शिक्षकों को समझाया और गुणवत्ता युक्त शिक्षा देने के लिए कहा और शिक्षकों ने उनके द्वारा दिए गए गुरुमंत्र का जो अनुसरण किया, उसके बेहतर परिणाम सामने आ रहे हैं।
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नीति आयोग द्वारा सर्वे करने के दौरान शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, बिजली, रोड सहित कई विभागों की रिपोर्ट लेकर जरूरी सुविधाओं का जायजा लिया जाता है, जिससे देश के पिछड़े जिलों की सूची क्रमवार तैयार की जाती है।
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तीन वर्षों की कड़ी मेहनत और विकास की वजह से नीति आयोग की 2018 की सर्वे रिपोर्ट के अनुसार, नूंह देश के 115 पिछड़े जिलों की सूची में तीसरे पायदान पर आ गया है। इसमें शिक्षा विभाग के कर्मचारियों, अध्यापकों का विशेष योगदान रहा है।
डा. दिनेश शास्त्री, जिला शिक्षा अधिकारी, नूंह।
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फिरोजपुर झिरका
देश के सबसे पिछड़े जिलों की सूची में 107वें पायदान पर रहने वाला नूंह अब तीसरे पायदान पर आ गया है। इसमें शिक्षा विभाग के अधिकारियों द्वारा पिछले तीन वर्षों में की गई कड़ी मेहनत भी शामिल है। 107वें नंबर से तीसरे नंबर पर नूंह का आना इस क्षेत्र के लोगों के लिए गर्व की बात है।
जिला शिक्षा अधिकारी डा. दिनेश शास्त्री ने बताया कि नीति आयोग द्वारा वर्ष 2015 में देशभर में करवाए गए सर्वे के अनुसार, देश के पिछड़े 115 जिलों में नूंह 107वें नंबर पर था। इसकी वजह से इस क्षेत्र के लोग अपने आप में शर्मिंदा व हैरान थे, जिसकी वजह साफ है कि देश में अभी भी कई जिले ऐसे हैं जो नूंह से भी ज्यादा पिछड़े हैं।
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लेकिन नीति आयोग की 2018 के सर्वे के अनुसार, नूंह जिला अब देश में तीसरे पायदान पर आ गया है। मतलब 104 पायदान की छलांग लगाई है नूंह जिला ने। नूंह के तीसरे नंबर पर आने में शिक्षा विभाग का विशेष योगदान रहा है। शिक्षा के क्षेत्र में जिला शिक्षा अधिकारी डा. दिनेश शास्त्री ने अपनी टीम के साथ प्रत्येक खंड में जाकर जो शिक्षकों को समझाया और गुणवत्ता युक्त शिक्षा देने के लिए कहा और शिक्षकों ने उनके द्वारा दिए गए गुरुमंत्र का जो अनुसरण किया, उसके बेहतर परिणाम सामने आ रहे हैं।
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नीति आयोग द्वारा सर्वे करने के दौरान शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, बिजली, रोड सहित कई विभागों की रिपोर्ट लेकर जरूरी सुविधाओं का जायजा लिया जाता है, जिससे देश के पिछड़े जिलों की सूची क्रमवार तैयार की जाती है।
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तीन वर्षों की कड़ी मेहनत और विकास की वजह से नीति आयोग की 2018 की सर्वे रिपोर्ट के अनुसार, नूंह देश के 115 पिछड़े जिलों की सूची में तीसरे पायदान पर आ गया है। इसमें शिक्षा विभाग के कर्मचारियों, अध्यापकों का विशेष योगदान रहा है।
डा. दिनेश शास्त्री, जिला शिक्षा अधिकारी, नूंह।