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Noida News: धूल फांक रहे 65 हजार कबाड़ हुए वाहन
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पर्याप्त स्क्रैपिंग केंद्र न होने के कारण वाहन मालिकों को करना पड़ रहा इंतजार
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। जिले में कबाड़ बन चुके वाहनों की संख्या 65 हजार के पार हो चुकी है लेकिन पर्याप्त स्क्रैपिंग केंद्र न होने के कारण वाहन मालिकों को लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। इनमें बड़ी संख्या में ऐसे वाहन हैं जिनका पंजीकरण परिवहन विभाग पहले ही रदद् कर चुका है लेकिन स्क्रैपिंग की प्रक्रिया पूरी न होने से यह सभी धूल फांक रहे हैं। फिलहाल जिले में केवल दो स्क्रैपिंग केंद्र ही संचालित हो रहे हैं। प्रशासन की ओर से तीन नए केंद्र खोलने की कवायद की गई थी जो अभी तक पूरी नहीं हो पाई है।
जिले में अभी एक केंद्र सेक्टर-82 स्थित मारुति सुजुकी कंपनी द्वारा संचालित किया जाता है, वहीं दूसरा ग्रेटर नोएडा के इकोटेक में महिंद्रा कंपनी संचालित कर रही है। परिवहन विभाग के अनुसार जिले में तीन नए केंद्र खोलने के लिए शासन की ओर से निजी कंपनियों से आवेदन मांगे गए थे। इसके बाद कंपनियों की ओर से आवेदन दिए गए लेकिन शासन स्तर पर मामला अटक गया। आवेदन तो गए लेकिन केंद्र खोलने के लिए कंपनियों का चयन नहीं हो पाया। तब से अबतक तीन परिवहन आयुक्त भी बदले जा चुके हैं लेकिन अबतक किसी की ओर से इसको लेकर स्पष्ट बात नहीं कही गई। ऐसे में तब से ही यह मामला लंबित है। वर्तमान में चल रहे दोनों केंद्रों से बेहतर केंद्र खोलने के लिए शासन ने कवायद शुरू की थी। बताया गया था कि केंद्रों की क्षमता तीन गुना तेजी से वाहनों को स्क्रैप करने की होगी। ऐसे में समय रहते इन वाहनों का निपटारा हो सकेगा। लेकिन इस समस्या के समाधान में अभी देरी है।
दिल्ली समेत अन्य शहरों का कर रहे रुख
वर्षों से परिवहन विभाग द्वारा जिले में तीन नए स्क्रैपिंग केंद्र खोलने के दावे किए जा रहे हैं लेकिन अब तक कोई भी केंद्र शुरू नही हो पाया है। परिणामस्वरूप हर महीने स्क्रैप वाहनों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है और वाहन मालिक परेशान होकर दिल्ली व अन्य शहरों का रुख करने को मजबूर हैं। संभागीय परिवहन अधिकारी सियाराम वर्मा बताया कि नए कबाड़ केंद्रों के लिए आवेदन करने वालों की जानकारी लखनऊ मुख्यालय भेजी जा चुकी है। विभागीय स्तर पर प्रक्रिया को तेजी से आगे बढ़ाने के प्रयास किए जा रहे हैं। उम्मीद जताई जा रही है कि जल्द ही इस दिशा में ठोस कदम उठाए जाएंगे।
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हजारों सरकारी वाहन भी स्क्रैपिंग के लिए कतार में
सिर्फ निजी वाहन ही नही बल्कि सैकड़ों की संख्या में ऐसे वाहन भी शामिल हैं, जो स्क्रैपिंग के लिए कतार में हैं। परिवहन विभाग के अनुसार सरकारी दफ्तरों के परिसर में यह सभी वाहन अभी भी खड़े हुए हैं। ऐसे में यह वाहन खासा जगह भी घेर रहे हैं। इस कारण सरकारी परिसर भी सिमटता जा रहा है।
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गौतमबुद्ध नगर क्षेत्र में वर्तमान में जिले में दो स्क्रैपिंग केंद्र संचालित हो रहे हैं, नए स्क्रैपिंग सेंटर शुरू करने के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा जा चुका है। मंजूरी मिलते ही उनकी शुरुआत कर दी जाएगी। -सियाराम वर्मा, आरटीओ, गाजियाबाद परिक्षेत्र
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माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। जिले में कबाड़ बन चुके वाहनों की संख्या 65 हजार के पार हो चुकी है लेकिन पर्याप्त स्क्रैपिंग केंद्र न होने के कारण वाहन मालिकों को लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। इनमें बड़ी संख्या में ऐसे वाहन हैं जिनका पंजीकरण परिवहन विभाग पहले ही रदद् कर चुका है लेकिन स्क्रैपिंग की प्रक्रिया पूरी न होने से यह सभी धूल फांक रहे हैं। फिलहाल जिले में केवल दो स्क्रैपिंग केंद्र ही संचालित हो रहे हैं। प्रशासन की ओर से तीन नए केंद्र खोलने की कवायद की गई थी जो अभी तक पूरी नहीं हो पाई है।
जिले में अभी एक केंद्र सेक्टर-82 स्थित मारुति सुजुकी कंपनी द्वारा संचालित किया जाता है, वहीं दूसरा ग्रेटर नोएडा के इकोटेक में महिंद्रा कंपनी संचालित कर रही है। परिवहन विभाग के अनुसार जिले में तीन नए केंद्र खोलने के लिए शासन की ओर से निजी कंपनियों से आवेदन मांगे गए थे। इसके बाद कंपनियों की ओर से आवेदन दिए गए लेकिन शासन स्तर पर मामला अटक गया। आवेदन तो गए लेकिन केंद्र खोलने के लिए कंपनियों का चयन नहीं हो पाया। तब से अबतक तीन परिवहन आयुक्त भी बदले जा चुके हैं लेकिन अबतक किसी की ओर से इसको लेकर स्पष्ट बात नहीं कही गई। ऐसे में तब से ही यह मामला लंबित है। वर्तमान में चल रहे दोनों केंद्रों से बेहतर केंद्र खोलने के लिए शासन ने कवायद शुरू की थी। बताया गया था कि केंद्रों की क्षमता तीन गुना तेजी से वाहनों को स्क्रैप करने की होगी। ऐसे में समय रहते इन वाहनों का निपटारा हो सकेगा। लेकिन इस समस्या के समाधान में अभी देरी है।
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दिल्ली समेत अन्य शहरों का कर रहे रुख
वर्षों से परिवहन विभाग द्वारा जिले में तीन नए स्क्रैपिंग केंद्र खोलने के दावे किए जा रहे हैं लेकिन अब तक कोई भी केंद्र शुरू नही हो पाया है। परिणामस्वरूप हर महीने स्क्रैप वाहनों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है और वाहन मालिक परेशान होकर दिल्ली व अन्य शहरों का रुख करने को मजबूर हैं। संभागीय परिवहन अधिकारी सियाराम वर्मा बताया कि नए कबाड़ केंद्रों के लिए आवेदन करने वालों की जानकारी लखनऊ मुख्यालय भेजी जा चुकी है। विभागीय स्तर पर प्रक्रिया को तेजी से आगे बढ़ाने के प्रयास किए जा रहे हैं। उम्मीद जताई जा रही है कि जल्द ही इस दिशा में ठोस कदम उठाए जाएंगे।
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हजारों सरकारी वाहन भी स्क्रैपिंग के लिए कतार में
सिर्फ निजी वाहन ही नही बल्कि सैकड़ों की संख्या में ऐसे वाहन भी शामिल हैं, जो स्क्रैपिंग के लिए कतार में हैं। परिवहन विभाग के अनुसार सरकारी दफ्तरों के परिसर में यह सभी वाहन अभी भी खड़े हुए हैं। ऐसे में यह वाहन खासा जगह भी घेर रहे हैं। इस कारण सरकारी परिसर भी सिमटता जा रहा है।
गौतमबुद्ध नगर क्षेत्र में वर्तमान में जिले में दो स्क्रैपिंग केंद्र संचालित हो रहे हैं, नए स्क्रैपिंग सेंटर शुरू करने के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा जा चुका है। मंजूरी मिलते ही उनकी शुरुआत कर दी जाएगी। -सियाराम वर्मा, आरटीओ, गाजियाबाद परिक्षेत्र