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Noida News: निगम के 60 हजार रिटायर्ड कर्मचारी आयुर्वेदिक दवा वंचित

Sat, 22 Nov 2025 08:17 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Sat, 22 Nov 2025 08:17 PM IST
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60,000 retired employees of the corporation are deprived of Ayurvedic medicine.
एमडीए का दो माह से सप्लाई बंद होने का आरोप, नई डिस्पेंसरी खुली पर शुरू नहीं हुई
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अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। नगर निगम के साठ हजार से अधिक रिटायर्ड कर्मचारियों को दो माह से आयुर्वेदिक दवाइयां नहीं मिल पा रही हैं जिससे उनमें भारी रोष है। यह आरोप म्युनिसिपल डॉक्टर्स एसोसिएशन (एमडीए) ने लगाया है। आरोप है कि रिटायरमेंट के समय कर्मचारी एक निश्चित शुल्क देकर मेडिकल कार्ड बनवाते हैं जिसके आधार पर उन्हें जीवनभर एलोपैथिक और आयुर्वेदिक दवाइयों का लाभ मिलता है।
यह शुल्क कैटेगरी के अनुसार तय है जिसमें ग्रुप-ए कर्मचारियों को 1.20 लाख रुपये तक देने होते हैं। शुल्क देने के बावजूद भी लाभ से वंचित रहना उन्हें बेहद आहत कर रहा है। एलोपैथिक दवाइयों के लिए निगम ने शहरभर में 36 डिस्पेंसरियां खोली हुईं हैं जबकि आयुर्वेदिक दवाइयों के लिए अभी तक केवल एक ही डिस्पेंसरी संचालित होती थी जो पहले टाउन हॉल में थी और अब गिरधारी लाल अस्पताल परिसर में चल रही है। इधर, म्युनिसिपल डॉक्टर्स एसोसिएशन (आईएसएम एंड एच) के महासचिव और पूर्व आयुष निदेशक डॉ. धर्मपाल वशिष्ठ ने बताया कि 16 सितंबर को एडिशनल डायरेक्टर (आयुर्वेद) के आदेश के बाद पांच नई आयुर्वेदिक डिस्पेंसरियां खोलने की घोषणा की गई थी। मकसद था कि रिटायर्ड कर्मचारियों को नजदीक ही दवा मिल सके लेकिन स्टाफ की कमी के कारण ये डिस्पेंसरियां अब तक शुरू नहीं हो पाई हैं। उन्होंने दावा किया कि इसके उलट आदेश लागू होने के बाद गिरधारी लाल अस्पताल की डिस्पेंसरी ने भी अधिकांश रिटायर्ड कर्मचारियों को दवाइयां देना बंद कर दिया है। अब यहां केवल उन्हीं कर्मचारियों को आयुर्वेदिक दवाएं मिलती हैं, जिन्हें एलोपैथिक दवाइयां चुनी हुईं कुछ डिस्पेंसरियां जैसे पहाड़गंज, राजेंद्र नगर, बदरपुर, मदनगीर, सदर बाजार, मस्जिद मोठ, महरौली व फतेहपुर बेरी अन्य से मिलती हैं। इस व्यवस्था के कारण शेष 24 एलोपैथिक डिस्पेंसरियों से जुड़े रिटायर्ड कर्मचारियों को अब आयुर्वेदिक दवाइयों का लाभ नहीं मिल रहा।
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अधिकारियों से गुहार, पर समाधान नहीं



डॉ. धर्मपाल वशिष्ठ ने दावा किया कि लगातार दवाइयां न मिलने से रिटायर्ड कर्मचारी व अधिकारी निगम के उच्च अफसरों से कई बार शिकायत कर चुके हैं लेकिन अभी तक कोई ठोस समाधान नहीं निकला है। वह पिछले माह निगमायुक्त को पत्र लिखकर चुके है जिसमें उन्होंने मांग रखी है कि जब तक नई पांचों डिस्पेंसरियां पूरी तरह चालू नहीं हो जातीं सभी रिटायर्ड कर्मचारियों को गिरधारी लाल अस्पताल से ही आयुर्वेदिक दवाइयां दी जाएं।
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