नूंह। मौसम में बदलाव के कारण इन दिनों मच्छरजनित रोगों जैसे डेंगू, मलेरिया व चिकनगुनिया जैसी बीमारियां का प्रकोप थमने का नाम नहीं ले रहा है। इसको रोकने के लिए स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव-गांव जाकर जांच और लोगों को बीमारियों से बचाव के लिए जागरूक भी कर रही है। जिले में अब तक 1 लाख 83 हजार 362 लोगों की मलेरिया जांच की जा चुकी है। इनमें 4 लोगों में मलेरिया की पुष्टि हुई है। 15 हजार 304 संदिग्ध लोगों की ब्लड स्लाइड जांच के लिए लैब भेजे गए हैं।
सिविल सर्जन डॉ. सुरेंद्र यादव ने बताया कि अचानक तेज बुखार का होना, छाती व ऊपर के हिस्सों में दानों का निकलना, सिर के आगे वाले हिस्से में जोर का दर्द, आंखों के पिछले हिस्से में दर्द, शरीर के जोड़ो में दर्द, भूख न लगना, जी मिचलाना व उल्टी आना आदि डेंगू के लक्षण हैं। इसके अलावा ठंड लगकर बुखार होना, शरीर में दर्द, सिर दर्द व उल्टी या कोई भी बुखार मलेरिया हो सकता है। ऐसे लक्षण मिलने पर नागरिक तुरंत सामान्य अस्पताल में अपनी जांच करवाएं और समय पर इलाज करवाएं। उन्होंने बताया कि जिले में 1 लाख 83 हजार 362 लोगों की मलेरिया जांच की जा चुकी है तथा 15 हजार 304 संदिग्ध लोगों के ब्लड स्लाइड जांच के लिए लैब भेजे गए हैं। उन्होंने लोगों से अपील की है कि वह अपने घर के आस-पास पानी जमा न होने दें, क्योंकि भरे हुए पानी में मच्छर पनपता है। इसके अलावा प्रत्येक रविवार को ड्राई-डे मनाएं अर्थात कूलर, फूलदान, पशु व पक्षियों के पानी के बर्तनों, हौदी को अवश्य सुखाकर ही पानी भरे।