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नोएडा: अश्लील वीडियो वायरल करने की धमकी देकर 4 करोड़ ठगे
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सेक्सर्टोशन गिरोह का पर्दाफाश कर पांच जालसाज गिरफ्तार
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2.7 करोड़ रुपये अहमदाबाद में व्यवसायी से ठगे
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली।
दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा की साइबर सेल ने सेक्सर्टोशन गिरोह का पर्दाफाश कर पांच आरोपियों को मेवात व भरतपुर से गिरफ्तार किया है। आरोपी वीडियो कॉल कर पहले पीड़ित की अश्लील वीडियो बना लेते थे, फिर उसे सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी देकर मोठी रकम ऐंठते थे। आरोपियों के बैंक खातों को खंगालने से पता लगा है कि छह महीने में चार करोड़ रुपये निकाल चुके हैं। आरोपियों ने हाल ही में अहमदाबाद के व्यवसायी से 2.7 करोड़ व दिल्ली के व्यवसायी से 5.79 लाख रुपये ठगे थे। पुलिस आरोपी खुर्शीद खान (31), रमन (42), मुरारी (42), कालूराम (33) और विक्रम जाटव (24) के कब्जे से 1.4 लाख रुपये, स्वीफ्ट कार व 15 एटीएम कार्ड बरामद किया है।
अपराध शाखा के विशेष पुलिस आयुक्त रविंद्र सिंह यादव के अनुसार, व्यवसायी सुशील गौतम ने साइबर सेल प्रभारी मनोज कुमार मिश्रा को शिकायत दी थी कि उसके पास व्हाट्सएप पर एक लड़की ने वीडियो कॉल की। लड़की ने कपड़े नहीं पहने हुए थे। उसने कॉल पर व्यवसायी को भी कपड़े उतारने के लिए कहा। कुछ देर बाद व्यवसायी के पास फोन किया। फोन करने वाले ने खुद को दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच का इंस्पेक्टर विक्रम राठौर बताकर कहा कि वह सोशल मीडिया पर वायरल हो रही वीडियो को ब्लाॅक करवा देगा। इसके लिए रकम देनी होगी। व्यवसायी ने रकम दे दी। कुछ समय बाद फिर फोन आया और कहा गया कि जिस लड़की के साथ व्यवसायी ने बात की थी कि उसने खुदकुशी कर ली है। ऐसे में हत्या का केस दर्ज हो रहा है। इस तरह व्यवसायी से कुल 5,79,500 रुपये ऐंठ लिए गए। मामला दर्जकर एसीपी प्रभात सिन्हा की देखरेख में इंस्पेक्टर मनोज कुमार मिश्रा, एसआई राकेश मलिक, एसआई प्रमोद व एएसआई संजय कुमार की टीम ने जांच शुरू की। पुलिस ने 50 मोबाइल फोन, 10 खाते और 50 से ज्यादा एटीएम बूथ की सीसीटीवी फुटेज खंगाली। पता लगा कि गिरोह मेवात व भरतपुर से चल रहा है। पुलिस करीब 10 दिन मेवात में रही। आखिरकार इंस्पेक्टर मनोज कुमार मिश्रा की टीम ने मेवात से भरतपुर निवासी खुर्शाीद खान व रमन, अलवर निवासी विक्रम जाटव, नागौर निवासी कालूराम और गांव सियाना, तहसील छाता, जिला मथुरा निवासी मुरारी गिरफ्तार कर लिया।
रमन है गिरोह का सरगना
ये गिरोह कॉरपोरेट कल्चर की तरीके से काम करता था। गिरोह सरगना रमन ठगता था और खुर्शीद-मुरारी रकम को एटीएम से निकालते थे। आरोपी कमीशन लेकर रकम रमन को देते थे। रमन ने ठगी की रकम से स्वीफ्ट कार, प्लाॅट व कृषि भूमि खरीद ली थी। पुलिस ने इसके पास से एक लाख रुपये व आठ एटीएम कार्ड बरामद किए हैं। रमन के खिलाफ पंजाब में भी एक मामला दर्ज है।
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2.7 करोड़ रुपये अहमदाबाद में व्यवसायी से ठगे
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली।
दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा की साइबर सेल ने सेक्सर्टोशन गिरोह का पर्दाफाश कर पांच आरोपियों को मेवात व भरतपुर से गिरफ्तार किया है। आरोपी वीडियो कॉल कर पहले पीड़ित की अश्लील वीडियो बना लेते थे, फिर उसे सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी देकर मोठी रकम ऐंठते थे। आरोपियों के बैंक खातों को खंगालने से पता लगा है कि छह महीने में चार करोड़ रुपये निकाल चुके हैं। आरोपियों ने हाल ही में अहमदाबाद के व्यवसायी से 2.7 करोड़ व दिल्ली के व्यवसायी से 5.79 लाख रुपये ठगे थे। पुलिस आरोपी खुर्शीद खान (31), रमन (42), मुरारी (42), कालूराम (33) और विक्रम जाटव (24) के कब्जे से 1.4 लाख रुपये, स्वीफ्ट कार व 15 एटीएम कार्ड बरामद किया है।
अपराध शाखा के विशेष पुलिस आयुक्त रविंद्र सिंह यादव के अनुसार, व्यवसायी सुशील गौतम ने साइबर सेल प्रभारी मनोज कुमार मिश्रा को शिकायत दी थी कि उसके पास व्हाट्सएप पर एक लड़की ने वीडियो कॉल की। लड़की ने कपड़े नहीं पहने हुए थे। उसने कॉल पर व्यवसायी को भी कपड़े उतारने के लिए कहा। कुछ देर बाद व्यवसायी के पास फोन किया। फोन करने वाले ने खुद को दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच का इंस्पेक्टर विक्रम राठौर बताकर कहा कि वह सोशल मीडिया पर वायरल हो रही वीडियो को ब्लाॅक करवा देगा। इसके लिए रकम देनी होगी। व्यवसायी ने रकम दे दी। कुछ समय बाद फिर फोन आया और कहा गया कि जिस लड़की के साथ व्यवसायी ने बात की थी कि उसने खुदकुशी कर ली है। ऐसे में हत्या का केस दर्ज हो रहा है। इस तरह व्यवसायी से कुल 5,79,500 रुपये ऐंठ लिए गए। मामला दर्जकर एसीपी प्रभात सिन्हा की देखरेख में इंस्पेक्टर मनोज कुमार मिश्रा, एसआई राकेश मलिक, एसआई प्रमोद व एएसआई संजय कुमार की टीम ने जांच शुरू की। पुलिस ने 50 मोबाइल फोन, 10 खाते और 50 से ज्यादा एटीएम बूथ की सीसीटीवी फुटेज खंगाली। पता लगा कि गिरोह मेवात व भरतपुर से चल रहा है। पुलिस करीब 10 दिन मेवात में रही। आखिरकार इंस्पेक्टर मनोज कुमार मिश्रा की टीम ने मेवात से भरतपुर निवासी खुर्शाीद खान व रमन, अलवर निवासी विक्रम जाटव, नागौर निवासी कालूराम और गांव सियाना, तहसील छाता, जिला मथुरा निवासी मुरारी गिरफ्तार कर लिया।
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रमन है गिरोह का सरगना
ये गिरोह कॉरपोरेट कल्चर की तरीके से काम करता था। गिरोह सरगना रमन ठगता था और खुर्शीद-मुरारी रकम को एटीएम से निकालते थे। आरोपी कमीशन लेकर रकम रमन को देते थे। रमन ने ठगी की रकम से स्वीफ्ट कार, प्लाॅट व कृषि भूमि खरीद ली थी। पुलिस ने इसके पास से एक लाख रुपये व आठ एटीएम कार्ड बरामद किए हैं। रमन के खिलाफ पंजाब में भी एक मामला दर्ज है।
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