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Noida News: टिंबर फैक्टरी में लगी आग पर 38 दमकलों ने आठ घंटे में पाया काबू
Sun, 12 Oct 2025 01:08 AM IST
नोएडा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, नोएडा
संवाद न्यूज एजेंसी, नोएडा
Updated Sun, 12 Oct 2025 01:08 AM IST
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टिंबर फैक्टरी में लगी आग बुझाते दमकल विभाग के कर्मी। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। एसके (सहारनपुर-कुरुक्षेत्र) रोड पर पुराना हमीदा में अग्रवाल धर्म कांटे के पास स्थित जेटीबी टिंबर फैक्टरी में आग से कई टन लकड़ी, ऑर्डर पर तैयार फर्नीचर मशीनरी और दो रिक्शा भी जलकर खराब हो गए। यही नहीं आग से फैक्टरी के लेंटर व शेड भी टूट कर लटक गए। आग बुझाने के लिए एक दीवार तोड़नी पड़ी। इस तरह रात डेढ़ से सुबह साढ़े नौ बजे तक आठ घंटे में 38 दमकल गाड़ियों की मदद से आग बुझ पाई। फिलहाल आग लगने का कारण पता नहीं चल पाया है।
घटना शनिवार रात करीब पौने एक बजे की है। फैक्टरी में आग लगी देखकर मौजूद आठ कर्मियों ने अग्निशमन व अन्य उपाय कर आग बुझाने के प्रयास किए, पर आग बढ़ती चली गई। आग भीषण होती देखकर कर्मचारी हीरालाल ने डेढ़ बजे रात सेक्टर-17 निवासी फैक्टरी मालिक हरमनप्रीत सिंह को कॉल पर सूचना दी। हरमनप्रीत ने तुरंत दमकल विभाग में सूचना दी। तब एक के बाद एक आठ दमकल गाड़ियां मौके पर पहुंची, जिनसे दमकल कर्मियों ने आग बुझाने चाही, पर भीषण आग के आगे गाड़ियों का पानी कम पड़ता गया। पूरी रात यमुनानगर के दमकल केंद्र से गाड़ियां भरकर और फिर खाली होकर जाती रहीं। हालांकि आग साढ़े नौ बजे तक तक बुझा ली गई, पर दोपहर 12 बजे तक भी फैक्टरी में सुलगती लकड़ी व उसकी तेज आंच के चलते दो दमकल गाड़ियों सहित कर्मचारी मौके पर तैनात रहे।
फैक्टरी मालिक हरमनप्रीत सिंह ने बताया कि फैक्टरी तीन हिस्सों में है, जिनमें से एक हिस्से में आग लगी। यहां कई टन लकड़ी के साथ ऑर्डर पर तैयार फर्नीचर व सामान तैयार रखा था। इनमें ड्राइंग बोर्ड रुड़की व खिड़की, दरवाजे, बक्से पानीपत भेजने थे। यह माल एक-दो दिन में गाड़ी में लोड होकर जाना था, पर आग की चपेट में आ गया। मशीनरी में तीन प्लेनर, दो टेबल कटर व दो रिक्शा भी आग से जल गए। उन्हें 50 लाख से अधिक नुकसान का अनुमान है।
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फैक्ट्री से 11 घंटे बाद भी उठता रहा धुंआ
घटना के 11 घंटे बाद दोपहर 12 बजे भी फैक्टरी से धुंआ उठता रहा। साथ ही सुलगते लकड़ी व अन्य सामान की आंच कई फीट दूर तक महसूस होती रही। दमकलकर्मी लोगों से दूर रहने की हिदायत देते रहे। गनीमत रही कि आग फैक्टरी के अन्य दो हिस्सों सहित साथ लगती फैक्टरियों में नहीं पहुंची, चूंकि इस सहित साथ लगती फैक्टरी में भी टनों में सूखी लकड़ी व उसका तैयार माल था और लेबर भी काम पर थे। ऐसे में वहां तक आग पहुंचने पर अधिक हानि हो सकती थी।
सूचना पर तुरंत दमकल गाड़ियां मौके पर पहुंच गई थीं। यमुनानगर के औद्योगिक क्षेत्र स्थित दमकल केंद्र की आठ गाड़ियाें से कर्मी पूरी रात आग बुझाने में लगे रहे। सुबह तक आग बुझा ली गई। आग लगने के कारण पता नहीं लग पाया है। जांच की जा रही है। -पंकज पराशर, जिला दमकल अधिकारी।
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यमुनानगर। एसके (सहारनपुर-कुरुक्षेत्र) रोड पर पुराना हमीदा में अग्रवाल धर्म कांटे के पास स्थित जेटीबी टिंबर फैक्टरी में आग से कई टन लकड़ी, ऑर्डर पर तैयार फर्नीचर मशीनरी और दो रिक्शा भी जलकर खराब हो गए। यही नहीं आग से फैक्टरी के लेंटर व शेड भी टूट कर लटक गए। आग बुझाने के लिए एक दीवार तोड़नी पड़ी। इस तरह रात डेढ़ से सुबह साढ़े नौ बजे तक आठ घंटे में 38 दमकल गाड़ियों की मदद से आग बुझ पाई। फिलहाल आग लगने का कारण पता नहीं चल पाया है।
घटना शनिवार रात करीब पौने एक बजे की है। फैक्टरी में आग लगी देखकर मौजूद आठ कर्मियों ने अग्निशमन व अन्य उपाय कर आग बुझाने के प्रयास किए, पर आग बढ़ती चली गई। आग भीषण होती देखकर कर्मचारी हीरालाल ने डेढ़ बजे रात सेक्टर-17 निवासी फैक्टरी मालिक हरमनप्रीत सिंह को कॉल पर सूचना दी। हरमनप्रीत ने तुरंत दमकल विभाग में सूचना दी। तब एक के बाद एक आठ दमकल गाड़ियां मौके पर पहुंची, जिनसे दमकल कर्मियों ने आग बुझाने चाही, पर भीषण आग के आगे गाड़ियों का पानी कम पड़ता गया। पूरी रात यमुनानगर के दमकल केंद्र से गाड़ियां भरकर और फिर खाली होकर जाती रहीं। हालांकि आग साढ़े नौ बजे तक तक बुझा ली गई, पर दोपहर 12 बजे तक भी फैक्टरी में सुलगती लकड़ी व उसकी तेज आंच के चलते दो दमकल गाड़ियों सहित कर्मचारी मौके पर तैनात रहे।
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फैक्टरी मालिक हरमनप्रीत सिंह ने बताया कि फैक्टरी तीन हिस्सों में है, जिनमें से एक हिस्से में आग लगी। यहां कई टन लकड़ी के साथ ऑर्डर पर तैयार फर्नीचर व सामान तैयार रखा था। इनमें ड्राइंग बोर्ड रुड़की व खिड़की, दरवाजे, बक्से पानीपत भेजने थे। यह माल एक-दो दिन में गाड़ी में लोड होकर जाना था, पर आग की चपेट में आ गया। मशीनरी में तीन प्लेनर, दो टेबल कटर व दो रिक्शा भी आग से जल गए। उन्हें 50 लाख से अधिक नुकसान का अनुमान है।
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फैक्ट्री से 11 घंटे बाद भी उठता रहा धुंआ
घटना के 11 घंटे बाद दोपहर 12 बजे भी फैक्टरी से धुंआ उठता रहा। साथ ही सुलगते लकड़ी व अन्य सामान की आंच कई फीट दूर तक महसूस होती रही। दमकलकर्मी लोगों से दूर रहने की हिदायत देते रहे। गनीमत रही कि आग फैक्टरी के अन्य दो हिस्सों सहित साथ लगती फैक्टरियों में नहीं पहुंची, चूंकि इस सहित साथ लगती फैक्टरी में भी टनों में सूखी लकड़ी व उसका तैयार माल था और लेबर भी काम पर थे। ऐसे में वहां तक आग पहुंचने पर अधिक हानि हो सकती थी।
सूचना पर तुरंत दमकल गाड़ियां मौके पर पहुंच गई थीं। यमुनानगर के औद्योगिक क्षेत्र स्थित दमकल केंद्र की आठ गाड़ियाें से कर्मी पूरी रात आग बुझाने में लगे रहे। सुबह तक आग बुझा ली गई। आग लगने के कारण पता नहीं लग पाया है। जांच की जा रही है। -पंकज पराशर, जिला दमकल अधिकारी।

टिंबर फैक्टरी में लगी आग बुझाते दमकल विभाग के कर्मी। संवाद

टिंबर फैक्टरी में लगी आग बुझाते दमकल विभाग के कर्मी। संवाद