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Noida News: नोएडा प्राधिकरण को लगी 36 करोड़ की चपत, कंपनी को चुकानी होगी रकम

Tue, 28 Feb 2023 01:25 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Tue, 28 Feb 2023 01:25 AM IST
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36 crore loss to Noida Authority, the company will have to pay the amount
नोएडा प्राधिकरण को लगी 36 करोड़ की चपत, कंपनी को चुकानी होगी रकम
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- एलिवेटेड रोड मामले के आर्बिट्रेशन में प्राधिकरण के खिलाफ फैसला, जिला जज के सामने नोएडा प्राधिकरण करेगा अपील
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। एलिवेटेड रोड के निर्माण के दौरान कंपनी को ज्यादा पेमेंट के नोएडा प्राधिकरण के दावे को आर्बिट्रेटर ने खारिज कर दिया। अब प्राधिकरण ब्याज के साथ करीब 36 करोड़ रुपये एलिवेटेड रोड बनाने वाली कंपी आईटीडी सीमेंटेशन इंडिया लिमिटेड को देगा। हाईकोर्ट की आरे से नियुक्त किए गए आर्बिट्रेटर के फैसले के बाद अब नोएडा प्राधिकरण जिला जज के सामने अपील करेगा।
दरअसल, कंपनी ने पहले करीब 1.5 करोड़ का क्लेम किया था। लेकिन मामला जब आर्बिट्रेशन में गया तो कंपनी ने परियोजना में देरी पर बजट बढ़ने को लेकर और अधिक पैसों का दावा किया और यह दावा करीब 36 करोड़ तक चला गया। वहीं प्राधिकरण ने यह भुगतान रोक लिया था और बताया कि कंपनी को पहले से ही ज्यादा पेमेंट हो गया है। इस मामले में प्राधिकरण के कर्मचारियों और अधिकारियों के खिलाफ जांच भी चल रही है। इसका खुलासा सीएजी की ऑडिट में हुआ था। ऑडिट में बताया गया था कि एलिवेटेड रोड के निर्माण के दौरान 17 करोड़ रुपये से अधिक पेमेंट हुआ है। इसी बीच कंपनी आर्बिट्रेशन में चली गई और हाईकोर्ट से इस मामले में आर्बिट्रेटर नियुक्त कर दिया। हाईकोर्ट के रिटायर्ड जज पीकेएस बघेल को आर्बिट्रेटर बनाया गया। सुलह समझौते से इसके समाधान की कोशिश हो गई।
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बताया गया कि इस मामले में पीडब्ल्यूडी के 10सीसी और 10सीए के क्लॉज को लगाने पर विवाद था। इसको लगाने और नहीं लगाने पर सुनवाई हुई। सारी की सारी गणना इसी पर निर्भर थी। इसी मामले में आर्बिट्रेटर ने प्राधिकरण पर इस क्लॉज को लगाने पर आपत्ति की और प्राधिकरण को पैसे के भुगतान के आदेश दिए। हालांकि प्राधिकरण ने 48 करोड़ रुपये और मांगे थे। लेकिन आर्बिट्रेटर ने क्लेम को नहीं माना और क्लॉज लगाने की अनुमति नहीं दी। इसके बाद कंपनी के हक में फैसला सुनाया। इसमें आर्बिटरेशन के दौरान कंपनी ने करीब 54 लाख रुपये खर्च किए। वह भी प्राधिकरण को देने होंगे।
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यह था मामला
आईटीडी सीमेंटेशन इंडिया लिमिटेड ने सेक्टर-60 से विश्वभारती स्कूल तक एलिवेटेड रोड बनाया था। कंपनी को अधिक पेमेंट का मामला था। जिसको लेकर नोएडा प्राधिकरण उसकी जांच भी कर रही थी और उनसे रिकवरी की प्रक्रिया भी चल रही थी। ठेके के प्रावधान के तहत कंपनी आर्बिट्रेटर के पास गई। आर्बिटरेशन प्रक्रिया में आर्बिट्रेटर ने माना कि उन पर अधिक पेमेंट का मामला नहीं बनता। वहां तय हुआ कि प्राधिकरण को करीब 36 करोड़ रुपये ब्याज समेत आईटीडी सीमेंटेशन को देना पड़ेगा।



468.9 करोड़ की थी परियोजना
नोएडा प्राधिकरण ने फरवरी 2014 में एमपी-2 रोड पर विश्वभारती स्कूल से सेक्टर-61 तक करीब पांच किमी लंबे एलिवेटेड रोड का टेंडर निकाला था। शुरुआती दौर में परियोजना की अनुमानित निर्माण लागत करीब 415 करोड़ थी। लेकिन परियोजना में देरी के बाद 2018 में इसकी अनुमानित निर्माण लागत करीब 468 करोड़ पहुंच गई। इस परियोजना में कंपनी को करीब 12 करोड़ रुपये की जमानत राशि जमा करनी पड़ी।
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