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Noida News: प्रकाश पर्व पर 3000 सिख श्रद्धालु जाएंगे पाकिस्तान
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दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की अपील पर विदेश मंत्रालय के जरिये मिली अनुमति
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। श्री गुरु नानक देव के प्रकाश पर्व के अवसर पर सिख श्रद्धालुओं के जत्थे को पाकिस्तान भेजने पर लगी रोक हटा दी गई है। भारत सरकार ने दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (डीएसजीएमसी) की अपील पर विदेश मंत्रालय के जरिये यह अनुमति प्रदान की है। ऐसे में करीब 3000 सिख श्रद्धालुओं के लिए पाकिस्तान जाकर करतारपुर साहिब और अन्य ऐतिहासिक गुरुद्वारों के दर्शन करने का रास्ता खुल गया है।
बृहस्पतिवार को डीएसजीएमसी के अध्यक्ष हरमीत सिंह कालका और महासचिव जगदीप सिंह काहलों ने बताया कि केंद्र सरकार ने पहले आदेश जारी कर इस बार जत्था न भेजने का निर्णय लिया था। इसके खिलाफ गुरुद्वारा कमेटी ने सरकार से संपर्क किया और साफ कहा कि यह मामला करोड़ों सिख श्रद्धालुओं की भावनाओं से जुड़ा हुआ है। उन्होंने तर्क दिया कि जब दोनों देशों के बीच क्रिकेट मैच हो सकते हैं तो फिर धार्मिक आस्था से जुड़े जत्थे को रोका जाना उचित नहीं है। अब विदेश मंत्रालय ने जत्था भेजने की मंजूरी दे दी है। इसके लिए उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर को धन्यवाद दिया है। कमेटी पदाधिकारियों ने सिख श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे अपने-अपने पासपोर्ट तुरंत गुरुद्वारा कमेटी में जमा करवाएं ताकि जांच और अनुमति प्रक्रिया समय पर पूरी की जा सके। सरकार का यह कदम न केवल सिख भावनाओं का सम्मान है बल्कि धार्मिक सद्भाव और परंपरा को बनाए रखने की दिशा में भी अहम फैसला है।
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अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। श्री गुरु नानक देव के प्रकाश पर्व के अवसर पर सिख श्रद्धालुओं के जत्थे को पाकिस्तान भेजने पर लगी रोक हटा दी गई है। भारत सरकार ने दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (डीएसजीएमसी) की अपील पर विदेश मंत्रालय के जरिये यह अनुमति प्रदान की है। ऐसे में करीब 3000 सिख श्रद्धालुओं के लिए पाकिस्तान जाकर करतारपुर साहिब और अन्य ऐतिहासिक गुरुद्वारों के दर्शन करने का रास्ता खुल गया है।
बृहस्पतिवार को डीएसजीएमसी के अध्यक्ष हरमीत सिंह कालका और महासचिव जगदीप सिंह काहलों ने बताया कि केंद्र सरकार ने पहले आदेश जारी कर इस बार जत्था न भेजने का निर्णय लिया था। इसके खिलाफ गुरुद्वारा कमेटी ने सरकार से संपर्क किया और साफ कहा कि यह मामला करोड़ों सिख श्रद्धालुओं की भावनाओं से जुड़ा हुआ है। उन्होंने तर्क दिया कि जब दोनों देशों के बीच क्रिकेट मैच हो सकते हैं तो फिर धार्मिक आस्था से जुड़े जत्थे को रोका जाना उचित नहीं है। अब विदेश मंत्रालय ने जत्था भेजने की मंजूरी दे दी है। इसके लिए उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर को धन्यवाद दिया है। कमेटी पदाधिकारियों ने सिख श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे अपने-अपने पासपोर्ट तुरंत गुरुद्वारा कमेटी में जमा करवाएं ताकि जांच और अनुमति प्रक्रिया समय पर पूरी की जा सके। सरकार का यह कदम न केवल सिख भावनाओं का सम्मान है बल्कि धार्मिक सद्भाव और परंपरा को बनाए रखने की दिशा में भी अहम फैसला है।
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