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Noida News: 25 हजार जमा कराए, पर 13 घंटे बाद भी शुरू नहीं किया इलाज, मरीज की हालत बिगड़ी
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सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में शख्स ने ग्रेनो के साइट-4 स्थित निजी अस्पताल पर लगाए कई आरोप
संवाद न्यूज एजेंसी
ग्रेटर नोएडा। साइट-4 स्थित निजी अस्पताल पर इलाज में लापरवाही और देरी का आरोप लगा है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में सेक्टर-36 निवासी ज्ञानवीर पहलवान कह रहे हैं कि अस्पताल प्रबंधन ने भर्ती करने के दौरान करीब 25 हजार रुपये जमा करा लिए लेकिन करीब 13 घंटे बाद भी मरीज का इलाज शुरू नहीं किया। कोई डॉक्टर देखने भी नहीं आया। स्थिति बिगड़ने पर मरीज को पी-4 स्थित दूसरे निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया।
उन्होंने कहा कि मंगलवार देर रात पौने ग्यारह बजे उनके साले विनोद कुमार का बीपी हाई हो गया था। उन्हें ग्रेनो के साइट फोर स्थित फोर्टिस अस्पताल में भर्ती कराया गया। आरोप है कि इस दौरान अस्पताल प्रबंधन की ओर से उनसे 25 हजार रुपये जमा करा लिए गए। बीपी, सिटी स्कैन के अलावा इसीजी की जांच की गई। कुछ दवाएं दी गईं। जब डॉक्टर के आने के बारे में जानकारी मांगी गई तो हर बार कहा गया कि अभी आ रहे हैं।
उनका आरोप है कि सुबह 11 बजे तक कोई डॉक्टर देखने नहीं आया। मरीज की स्थिति बिगड़ने लगी। मरीज के पैर ने धीरे-धीरे काम करना बंद दिया और बीपी कंट्रोल नहीं हो रहा था। इस पर उसे दूसरे अस्पताल में भर्ती कराया गया।
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अस्पताल प्रबंधन बोला- सभी आरोप गलत
अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में लगाए गए आरोप गलत हैं। मरीज को हाई बीपी की शिकायत के साथ आपातकालीन कक्ष में लाया गया था। उसकी तुरंत जांच की गई। हृदय रोग विशेषज्ञ के परामर्श से उचित दवा दी गई। मरीज उसे आगे की देखभाल के लिए भर्ती कराया गया और ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टर की देखभाल और निगरानी जारी रही। मरीज और उसके परिवारवालों को उसकी स्थिति और अनुशंसित उपचार के बारे में जानकारी दी गई थी। इसके बावजूद मरीज ने चिकित्सकीय सलाह के विरुद्ध अस्पताल छोड़ने का फैसला किया है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
ग्रेटर नोएडा। साइट-4 स्थित निजी अस्पताल पर इलाज में लापरवाही और देरी का आरोप लगा है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में सेक्टर-36 निवासी ज्ञानवीर पहलवान कह रहे हैं कि अस्पताल प्रबंधन ने भर्ती करने के दौरान करीब 25 हजार रुपये जमा करा लिए लेकिन करीब 13 घंटे बाद भी मरीज का इलाज शुरू नहीं किया। कोई डॉक्टर देखने भी नहीं आया। स्थिति बिगड़ने पर मरीज को पी-4 स्थित दूसरे निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया।
उन्होंने कहा कि मंगलवार देर रात पौने ग्यारह बजे उनके साले विनोद कुमार का बीपी हाई हो गया था। उन्हें ग्रेनो के साइट फोर स्थित फोर्टिस अस्पताल में भर्ती कराया गया। आरोप है कि इस दौरान अस्पताल प्रबंधन की ओर से उनसे 25 हजार रुपये जमा करा लिए गए। बीपी, सिटी स्कैन के अलावा इसीजी की जांच की गई। कुछ दवाएं दी गईं। जब डॉक्टर के आने के बारे में जानकारी मांगी गई तो हर बार कहा गया कि अभी आ रहे हैं।
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उनका आरोप है कि सुबह 11 बजे तक कोई डॉक्टर देखने नहीं आया। मरीज की स्थिति बिगड़ने लगी। मरीज के पैर ने धीरे-धीरे काम करना बंद दिया और बीपी कंट्रोल नहीं हो रहा था। इस पर उसे दूसरे अस्पताल में भर्ती कराया गया।
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अस्पताल प्रबंधन बोला- सभी आरोप गलत
अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में लगाए गए आरोप गलत हैं। मरीज को हाई बीपी की शिकायत के साथ आपातकालीन कक्ष में लाया गया था। उसकी तुरंत जांच की गई। हृदय रोग विशेषज्ञ के परामर्श से उचित दवा दी गई। मरीज उसे आगे की देखभाल के लिए भर्ती कराया गया और ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टर की देखभाल और निगरानी जारी रही। मरीज और उसके परिवारवालों को उसकी स्थिति और अनुशंसित उपचार के बारे में जानकारी दी गई थी। इसके बावजूद मरीज ने चिकित्सकीय सलाह के विरुद्ध अस्पताल छोड़ने का फैसला किया है।