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Noida News: 50 खाताधारकों को लौटाए 22 करोड़, अब एफडी के ब्याज का इंतजार
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पीएनबी घोटाला: फॉलोअप
- बैंक प्रबंधन एफडी के ब्याज की अलग से कर रहा गणना, 10 अन्य के खाते में आज शाम तक आ सकती है राशि
- पुलिस ने निलंबित कर्मचारियों का ब्योरा मांगा
मोहम्मद बिलाल
ग्रेटर नोएडा। पाई-1 के ऐच्छर गांव स्थित पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) की शाखा में खाताधारकों की जमा पूंजी में हेरफेर के मामले में बैंक प्रबंधन ने दिवाली से पहले रकम लौटानी शुरू कर दी है। अब तक करीब 50 खाताधारकों के 22 करोड़ रुपये से अधिक वापस किए जा चुके हैं। फिलहाल ग्राहकों को केवल मूलधन ही मिला है। फिक्स्ड डिपॉजिट (एफडी) पर मिलने वाले ब्याज की रकम अभी खातों में नहीं पहुंची है। इससे किसानों और अन्य खाताधारकों की चिंता बनी हुई है।
खाताधारकों के मुताबिक, बैंक कर्मचारियों से ब्याज के बारे में पूछने पर बताया जा रहा है कि खातों में हेरफेर की शुरुआत वर्ष 2023 से हुई थी। बैंक प्रबंधन इस अवधि में प्रत्येक खाताधारक के खाते में जमा रकम और उस पर बनने वाले ब्याज का हिसाब लगा रहा है। इसके लिए अलग से गणना की जा रही है। बैंक की ओर से जांच पूरी होने के बाद ब्याज की रकम भी लौटाने की बात कही जा रही है। वहीं, खाताधारकों का कहना है कि उन्हें मूलधन के साथ ब्याज भी जल्द मिलना चाहिए, क्योंकि उनकी एफडी लंबे समय से बैंक में जमा थी।
बैंक प्रबंधन के अनुसार, अब तक करीब 60 लोगों ने रकम में हेरफेर की शिकायत की थी। इनमें से बृहस्पतिवार शाम तक 50 खाताधारकों को 22 करोड़ रुपये से अधिक वापस किए जा चुके हैं। बाकी 10 खाताधारकों की रकम भी शुक्रवार शाम तक लौटाए जाने की उम्मीद जताई गई है। रकम वापस मिलने के बाद खाताधारक केवाईसी की प्रक्रिया पूरी कराने में जुटे हैं, ताकि धनतेरस और दिवाली के लिए अपनी जमा पूंजी निकाल सकें। हालांकि, कई खाताधारकों की केवाईसी अभी पूरी नहीं हुई है। इस वजह से वे अपने खातों से रकम नहीं निकाल पा रहे हैं।
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रकम वापस मिलने से किसानों ने ली राहत की सांस
दिवाली से पहले जमा पूंजी वापस मिलने से किसानों और अन्य खाताधारकों ने राहत महसूस की है। उनका कहना है कि बैंक के नए कर्मचारी देर रात तक काम कर रहे हैं। उनकी मेहनत से ही इतने कम समय में बड़ी संख्या में लोगों की रकम वापस मिल पा रही है। नए स्टाफ के कामकाज से बैंक के प्रति भरोसा भी बढ़ा है। अधिवक्ता प्रदीप भाटी ने बताया कि नए कर्मचारियों ने काफी मेहनत की है। इससे खाताधारकों का भरोसा दोबारा मजबूत हुआ है। वहीं, विनीत भाटी ने बताया कि उनके खाते से 25 लाख रुपये गायब हुए थे, जो अब वापस मिल गए हैं। हालांकि, जब तक सभी पीड़ितों को मूलधन और ब्याज सहित पूरी रकम नहीं मिल जाती, वह दूसरे प्रभावित किसानों और खाताधारकों के साथ खड़े रहेंगे। उनका कहना है कि अभी कुछ लोगों की रकम वापस आनी बाकी है। बैंक की ओर से शुक्रवार तक भुगतान का भरोसा दिया गया है, लेकिन काम का दबाव अधिक होने के कारण कुछ खाताधारकों को दीपावली के बाद तक इंतजार करना पड़ सकता है।
निलंबित बैंककर्मियों की भूमिका खंगाल रही पुलिस
मामले की जांच कर रही बीटा-दो कोतवाली पुलिस ने बैंक प्रबंधन को नोटिस जारी कर निलंबित कर्मचारियों और संदिग्ध खाताधारकों का ब्योरा मांगा है। पुलिस ने पीड़ितों की शिकायत के आधार पर अज्ञात बैंककर्मियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी। अब तक 35 पीड़ित पुलिस को शिकायत दे चुके हैं। इनके मुताबिक, हेरफेर की रकम 18 करोड़ रुपये से अधिक है। पुलिस ने बुधवार को बैंक प्रबंधन को नोटिस भेजकर इस मामले में निलंबित किए गए कर्मचारियों का विवरण मांगा है। इसमें उनकी तैनाती, पद और प्रकरण में संभावित भूमिका से जुड़ी जानकारी शामिल है। इसके अलावा जिन खातों में हेरफेर की गई रकम स्थानांतरित की गई, उनके खाताधारकों का ब्योरा भी मांगा गया है। पुलिस इस जानकारी के आधार पर जांच आगे बढ़ाने और आरोपियों की भूमिका स्पष्ट करने में जुटी है। जांच में इस बात पर भी ध्यान दिया जा रहा है कि बैंककर्मियों की मिलीभगत के बिना कार्यालय सहायक दीपांशी ग्राहकों के खातों से इतनी बड़ी रकम कैसे निकालकर दूसरे खातों में स्थानांतरित कर सकी। पुलिस बैंक के आंतरिक रिकॉर्ड और निलंबित कर्मचारियों की भूमिका की पड़ताल कर रही है।
नंबर गेम
35 पीड़ितों ने पुलिस को दी शिकायत
2023 हेरफेर शुरू होने का बताया गया वर्ष
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- बैंक प्रबंधन एफडी के ब्याज की अलग से कर रहा गणना, 10 अन्य के खाते में आज शाम तक आ सकती है राशि
- पुलिस ने निलंबित कर्मचारियों का ब्योरा मांगा
मोहम्मद बिलाल
ग्रेटर नोएडा। पाई-1 के ऐच्छर गांव स्थित पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) की शाखा में खाताधारकों की जमा पूंजी में हेरफेर के मामले में बैंक प्रबंधन ने दिवाली से पहले रकम लौटानी शुरू कर दी है। अब तक करीब 50 खाताधारकों के 22 करोड़ रुपये से अधिक वापस किए जा चुके हैं। फिलहाल ग्राहकों को केवल मूलधन ही मिला है। फिक्स्ड डिपॉजिट (एफडी) पर मिलने वाले ब्याज की रकम अभी खातों में नहीं पहुंची है। इससे किसानों और अन्य खाताधारकों की चिंता बनी हुई है।
खाताधारकों के मुताबिक, बैंक कर्मचारियों से ब्याज के बारे में पूछने पर बताया जा रहा है कि खातों में हेरफेर की शुरुआत वर्ष 2023 से हुई थी। बैंक प्रबंधन इस अवधि में प्रत्येक खाताधारक के खाते में जमा रकम और उस पर बनने वाले ब्याज का हिसाब लगा रहा है। इसके लिए अलग से गणना की जा रही है। बैंक की ओर से जांच पूरी होने के बाद ब्याज की रकम भी लौटाने की बात कही जा रही है। वहीं, खाताधारकों का कहना है कि उन्हें मूलधन के साथ ब्याज भी जल्द मिलना चाहिए, क्योंकि उनकी एफडी लंबे समय से बैंक में जमा थी।
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बैंक प्रबंधन के अनुसार, अब तक करीब 60 लोगों ने रकम में हेरफेर की शिकायत की थी। इनमें से बृहस्पतिवार शाम तक 50 खाताधारकों को 22 करोड़ रुपये से अधिक वापस किए जा चुके हैं। बाकी 10 खाताधारकों की रकम भी शुक्रवार शाम तक लौटाए जाने की उम्मीद जताई गई है। रकम वापस मिलने के बाद खाताधारक केवाईसी की प्रक्रिया पूरी कराने में जुटे हैं, ताकि धनतेरस और दिवाली के लिए अपनी जमा पूंजी निकाल सकें। हालांकि, कई खाताधारकों की केवाईसी अभी पूरी नहीं हुई है। इस वजह से वे अपने खातों से रकम नहीं निकाल पा रहे हैं।
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रकम वापस मिलने से किसानों ने ली राहत की सांस
दिवाली से पहले जमा पूंजी वापस मिलने से किसानों और अन्य खाताधारकों ने राहत महसूस की है। उनका कहना है कि बैंक के नए कर्मचारी देर रात तक काम कर रहे हैं। उनकी मेहनत से ही इतने कम समय में बड़ी संख्या में लोगों की रकम वापस मिल पा रही है। नए स्टाफ के कामकाज से बैंक के प्रति भरोसा भी बढ़ा है। अधिवक्ता प्रदीप भाटी ने बताया कि नए कर्मचारियों ने काफी मेहनत की है। इससे खाताधारकों का भरोसा दोबारा मजबूत हुआ है। वहीं, विनीत भाटी ने बताया कि उनके खाते से 25 लाख रुपये गायब हुए थे, जो अब वापस मिल गए हैं। हालांकि, जब तक सभी पीड़ितों को मूलधन और ब्याज सहित पूरी रकम नहीं मिल जाती, वह दूसरे प्रभावित किसानों और खाताधारकों के साथ खड़े रहेंगे। उनका कहना है कि अभी कुछ लोगों की रकम वापस आनी बाकी है। बैंक की ओर से शुक्रवार तक भुगतान का भरोसा दिया गया है, लेकिन काम का दबाव अधिक होने के कारण कुछ खाताधारकों को दीपावली के बाद तक इंतजार करना पड़ सकता है।
निलंबित बैंककर्मियों की भूमिका खंगाल रही पुलिस
मामले की जांच कर रही बीटा-दो कोतवाली पुलिस ने बैंक प्रबंधन को नोटिस जारी कर निलंबित कर्मचारियों और संदिग्ध खाताधारकों का ब्योरा मांगा है। पुलिस ने पीड़ितों की शिकायत के आधार पर अज्ञात बैंककर्मियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी। अब तक 35 पीड़ित पुलिस को शिकायत दे चुके हैं। इनके मुताबिक, हेरफेर की रकम 18 करोड़ रुपये से अधिक है। पुलिस ने बुधवार को बैंक प्रबंधन को नोटिस भेजकर इस मामले में निलंबित किए गए कर्मचारियों का विवरण मांगा है। इसमें उनकी तैनाती, पद और प्रकरण में संभावित भूमिका से जुड़ी जानकारी शामिल है। इसके अलावा जिन खातों में हेरफेर की गई रकम स्थानांतरित की गई, उनके खाताधारकों का ब्योरा भी मांगा गया है। पुलिस इस जानकारी के आधार पर जांच आगे बढ़ाने और आरोपियों की भूमिका स्पष्ट करने में जुटी है। जांच में इस बात पर भी ध्यान दिया जा रहा है कि बैंककर्मियों की मिलीभगत के बिना कार्यालय सहायक दीपांशी ग्राहकों के खातों से इतनी बड़ी रकम कैसे निकालकर दूसरे खातों में स्थानांतरित कर सकी। पुलिस बैंक के आंतरिक रिकॉर्ड और निलंबित कर्मचारियों की भूमिका की पड़ताल कर रही है।
नंबर गेम
35 पीड़ितों ने पुलिस को दी शिकायत
2023 हेरफेर शुरू होने का बताया गया वर्ष